ऑनलाइन ट्यूशन, एक विद्यार्थी, एक ट्यूटर
वीडियो कॉल पर लाइव पढ़ाई, ऐसे ट्यूटर से जो आपकी कक्षा, आपके बोर्ड और आपकी परीक्षा की पढ़ाई कराते हैं
बच्चा कक्षा 3 में हो, कक्षा 12 के साथ JEE या NEET की तैयारी चल रही हो, कॉलेज का कोई पेपर भारी पड़ रहा हो, या नौकरी के साथ स्पोकन इंग्लिश सुधारनी हो, Edutara ऐसा ट्यूटर खोजता है जो ठीक यही पढ़ाता हो, और क्लास वीडियो कॉल पर शुरू करवाता है। पहली क्लास ट्रायल होती है। पढ़ाई जमे, तभी आगे बढ़िए।
ऑनलाइन ट्यूशन क्या है?
वही प्राइवेट ट्यूशन, जो वीडियो कॉल पर लाइव होता है
ऑनलाइन ट्यूशन में प्राइवेट ट्यूशन की पूरी क्लास वीडियो कॉल पर होती है। एक ट्यूटर एक ही विद्यार्थी को लाइव पढ़ाते हैं, उसी के सिलेबस और उसी की किताबों से, और डाउट जैसे ही उठता है, वहीं सुलझ जाता है। ट्यूटर स्क्रीन शेयर करके या व्हाइटबोर्ड ऐप पर लिखकर समझाते हैं, कॉपी में किया गया काम कैमरे के सामने दिखा दिया जाता है, और पढ़ाई उतनी ही रफ़्तार से आगे बढ़ती है जितनी विद्यार्थी के लिए ठीक हो। अच्छे होम ट्यूटर से जो फ़ायदा मिलता है, उसका ज़्यादातर हिस्सा स्क्रीन पर भी मिलता है, और आने-जाने की भागदौड़ ख़त्म हो जाती है।
आमने-सामने, स्क्रीन पर
ट्यूटर और विद्यार्थी एक-दूसरे को देखते और सुनते हैं, इसलिए उलझन में पड़ा चेहरा ट्यूटर की नज़र में आ जाता है और डाउट उसी पल दूर हो जाता है।
दूरी का सवाल ख़त्म
ISC फ़िज़िक्स या KCET का गणित अच्छी तरह पढ़ाने वाले ट्यूटर दूसरे शहर से भी पढ़ा सकते हैं। जिन कस्बों में ऐसे ट्यूटर मुश्किल से मिलते हैं, वहाँ इसका फ़ायदा सबसे ज़्यादा है।
आपके समय पर क्लास
सुबह-सुबह, स्कूल के बाद, देर शाम या छुट्टी के दिन: समय परिवार और ट्यूटर आपस में तय करते हैं।
घर बैठे पढ़ाई
शाम ढलने के बाद भी पढ़ाई घर के भीतर ही होती है, और बच्चा छोटा हो तो माता-पिता पूरी क्लास के दौरान आस-पास रह सकते हैं।
ऑनलाइन ट्यूशन कब काम आता है
सही ट्यूटर की तलाश में आने वाली चार जानी-पहचानी मुश्किलें, और ऑनलाइन पढ़ाई उनमें क्या बदलती है
✕आम मुश्किलें
सही ट्यूटर दूर रहते हैं
बहुत से शहरों और कस्बों में पास में ऐसा कोई मिलना मुश्किल होता है जो ISC केमिस्ट्री, JEE फ़िज़िक्स या IELTS राइटिंग अच्छी तरह पढ़ा सके।
आने-जाने में दिन निकल जाता है
स्कूल के बाद कोचिंग पहुँचने में, या दफ़्तर के बाद क्लास तक जाने में, पढ़ाई शुरू होने से पहले ही समय और ताक़त दोनों खप जाते हैं।
बैच अपनी रफ़्तार से चलता है
भरी हुई क्लास में पाठ आगे बढ़ता रहता है, डाउट दूर हुआ हो या न हुआ हो, और संकोची विद्यार्थी अक्सर सवाल पूछ ही नहीं पाते।
समय आपस में टकराते हैं
बैच का तय समय अक्सर स्कूल, किसी दूसरे विषय, कॉलेज के टाइमटेबल या नौकरी की शिफ़्ट से मेल नहीं खाता।
✓ऑनलाइन ट्यूशन से क्या बदलता है
ज़रूरत देखकर चुना गया ट्यूटर
ऑनलाइन पढ़ाई में ट्यूटर की तलाश आपके मोहल्ले से बहुत आगे तक जाती है। Edutara ऐसा ट्यूटर खोजता है जो आपकी कक्षा, आपका बोर्ड और आपका विषय पढ़ाता हो, वह चाहे जिस शहर में रहता हो।
दोनों तरफ़ आना-जाना बंद
कॉल जुड़ते ही क्लास शुरू हो जाती है, और जो समय पहले सड़क पर जाता था, वह अब पढ़ाई या आराम में लगता है।
एक विद्यार्थी पर पूरा ध्यान
क्लास में एक ही विद्यार्थी होता है, इसलिए हर डाउट को समय मिलता है, और ट्यूटर उसी के सोचने के ढंग के हिसाब से समझाते हैं।
ट्यूटर के साथ तय किया समय
दिन और समय आप ट्यूटर के साथ मिलकर अपने हफ़्ते के हिसाब से तय करते हैं, और परीक्षा या काम बदलने पर उन्हें आगे-पीछे कर लेते हैं।
Edutara के साथ ऑनलाइन ट्यूशन कैसे शुरू होता है
अपनी ज़रूरत बताने से लेकर नियमित क्लास तक, चार क़दम
अपनी ज़रूरत बताइए
कक्षा या परीक्षा, बोर्ड, विषय, पढ़ाई का माध्यम और आपके लिए सुविधाजनक समय बताइए। वयस्क सीधे अपना लक्ष्य लिख सकते हैं, जैसे IELTS में कोई ख़ास बैंड या अंग्रेज़ी में बेझिझक बोल पाना।
Edutara ट्यूटर खोजता है
Edutara में एक व्यक्ति ख़ुद आपका अनुरोध पढ़ता है और ऐसा ट्यूटर खोजता है जो ठीक यही चीज़ ऑनलाइन पढ़ाता हो।
पहली क्लास ट्रायल होती है
ट्यूटर और विद्यार्थी वीडियो कॉल पर मिलते हैं और सिलेबस के असली हिस्से पर काम करते हैं। इसके बाद आप तय करते हैं कि आगे पढ़ना है या नहीं।
नियमित क्लास शुरू होती हैं
ट्रायल ठीक रहा, तो आप और ट्यूटर मिलकर क्लास का समय तय करते हैं और फ़ीस पर बात पक्की करते हैं। यह फ़ीस आप सीधे ट्यूटर को देते हैं।
अपनी ज़रूरत बताइए
कक्षा या परीक्षा, बोर्ड, विषय, पढ़ाई का माध्यम और आपके लिए सुविधाजनक समय बताइए। वयस्क सीधे अपना लक्ष्य लिख सकते हैं, जैसे IELTS में कोई ख़ास बैंड या अंग्रेज़ी में बेझिझक बोल पाना।
Edutara ट्यूटर खोजता है
Edutara में एक व्यक्ति ख़ुद आपका अनुरोध पढ़ता है और ऐसा ट्यूटर खोजता है जो ठीक यही चीज़ ऑनलाइन पढ़ाता हो।
पहली क्लास ट्रायल होती है
ट्यूटर और विद्यार्थी वीडियो कॉल पर मिलते हैं और सिलेबस के असली हिस्से पर काम करते हैं। इसके बाद आप तय करते हैं कि आगे पढ़ना है या नहीं।
नियमित क्लास शुरू होती हैं
ट्रायल ठीक रहा, तो आप और ट्यूटर मिलकर क्लास का समय तय करते हैं और फ़ीस पर बात पक्की करते हैं। यह फ़ीस आप सीधे ट्यूटर को देते हैं।
Edutara के साथ ऑनलाइन ट्यूशन कैसा होता है
हर ऑनलाइन जोड़ी किस तरह बनती है, पहले अनुरोध से लेकर आगे की क्लास तक
आपकी ज़रूरत के हिसाब से ट्यूटर
आपकी बताई कक्षा या परीक्षा, बोर्ड और विषय को Edutara में एक इंसान पढ़ता है, और उसी के मुताबिक़ ट्यूटर की तलाश शुरू होती है।
पहली क्लास ट्रायल
आगे कुछ भी तय करने से पहले आप देख लेते हैं कि ट्यूटर कैसे समझाते हैं। विद्यार्थी को पढ़ाई जमे, तभी सिलसिला आगे चलता है।
लाइव और वन-टू-वन
हर क्लास एक ट्यूटर और एक विद्यार्थी के बीच लाइव वीडियो कॉल होती है, इसलिए सवाल उठते ही उसका जवाब मिल जाता है।
मिलकर तय किया गया समय
दिन और समय आप और ट्यूटर आपस में तय करते हैं, स्कूल, कोचिंग, कॉलेज या नौकरी को देखते हुए।
ट्यूशन फ़ीस सीधे ट्यूटर को
फ़ीस आप ट्यूटर के साथ तय करते हैं और सीधे उन्हीं को देते हैं। ट्यूशन की फ़ीस Edutara के हाथ से होकर नहीं गुज़रती।
हालात बदलें, तब भी साथ
समय जमना बंद हो जाए या पढ़ाई का तालमेल ढीला पड़ने लगे, तो Edutara को बताइए। हम आपके साथ मिलकर आगे का रास्ता निकालते हैं, और ज़रूरत हो तो दूसरा ट्यूटर भी खोजते हैं।
ऑनलाइन क्या-क्या पढ़ सकते हैं
कक्षा 1 के होमवर्क से लेकर IELTS राइटिंग तक, एक ट्यूटर एक विद्यार्थी के साथ उसी चीज़ पर काम करते हैं जिसकी उसे ज़रूरत है
Edutara पर ऑनलाइन कौन पढ़ाते हैं
कॉलेज के विद्यार्थी, ग्रेजुएट, रिटायर्ड शिक्षक और स्वतंत्र ट्यूटर
Edutara चार तरह के लोगों को ट्यूटर के रूप में जोड़ता है, जिनका ब्योरा नीचे है। एक समूह को वह जान-बूझकर बाहर रखता है: वे शिक्षक जो इस समय किसी स्कूल में पढ़ा रहे हैं। इसकी वजह क़ानून में है: निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 28 के तहत स्कूल में पढ़ा रहे शिक्षक प्राइवेट ट्यूशन नहीं दे सकते।
Edutara के ट्यूटर कहाँ से आते हैं
कॉलेज के विद्यार्थी
ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन कर रहे विद्यार्थी, जो अपने अच्छी तरह जाने-पहचाने विषय पढ़ाते हैं। अक्सर ये वही विषय होते हैं जिनकी बोर्ड या प्रवेश परीक्षा वे कुछ ही समय पहले दे चुके हैं।
ग्रेजुएट
डिग्री पूरी कर चुके लोग, जो उसी पढ़ाई का कोई विषय पढ़ाते हैं। कुछ पूरा समय देते हैं, कुछ नौकरी के साथ-साथ।
रिटायर्ड शिक्षक
स्कूल की सेवा से रिटायर हो चुके शिक्षक, जो कक्षा में बिताए बरसों का अनुभव अब एक समय में एक विद्यार्थी को देते हैं।
स्कूल से बाहर के शिक्षक
स्वतंत्र ट्यूटर, और ऐसे शिक्षक जो स्कूल व्यवस्था से बाहर रहकर पढ़ाते हैं।
आवेदन करना मुफ़्त है। ट्यूटर Edutara को कभी कुछ नहीं चुकाते: न जॉइनिंग फ़ीस, न कमीशन।
आपका बोर्ड, आपकी परीक्षा, ऑनलाइन
ट्यूटर आपके सिलेबस, आपकी किताबों और आपके पेपर पैटर्न से पढ़ाते हैं
ऑनलाइन ट्यूशन पूरे भारत में आसानी से चलता है, क्योंकि सिलेबस विद्यार्थी के साथ-साथ चलता है। स्कूल जिस भी बोर्ड का हो, या आगे जो भी परीक्षा आने वाली हो, ट्यूटर उसी के हिसाब से पढ़ाते हैं।
राष्ट्रीय बोर्ड
- CBSE के लिए NCERT की किताबें
- ICSE और ISC की निर्धारित किताबें
- सैंपल पेपर और स्पेसिमेन पेपर
राज्य बोर्ड
- आपके स्कूल में चलने वाली राज्य की किताब
- बोर्ड का अपना पेपर पैटर्न
- हिंदी या अंग्रेज़ी माध्यम
प्रवेश परीक्षाएँ
- कक्षा 11 और 12 के कॉन्सेप्ट की पक्की नींव
- पिछले वर्षों के पेपर, समय बाँधकर
- स्कूल के साथ तालमेल बिठाकर रिवीज़न की योजना
ऑनलाइन ट्यूशन, जो आपके हफ़्ते में फ़िट हो जाए
आपका समय, आपकी जगह, और वही डिवाइस जो आपके पास पहले से है
विद्यार्थी के हिसाब से समय
क्लास का दिन और घड़ी आप और ट्यूटर बातचीत से तय करते हैं, ताकि वह स्कूल, कोचिंग, कॉलेज या दफ़्तर से न टकराए।
- सुबह जल्दी, स्कूल या कॉलेज से पहले
- दोपहर बाद, जब विद्यार्थी खा-पीकर थोड़ा आराम कर ले
- देर शाम, दिन भर के काम के बाद
- छुट्टी के दिन, परीक्षा से पहले लंबे रिवीज़न के लिए
जहाँ हों, वहीं से पढ़ें
क्लास के लिए बस एक शांत कोना चाहिए और इतना इंटरनेट, जिस पर वीडियो कॉल अटके बिना चलती रहे।
- घर पर पढ़ाई की मेज़
- कॉलेज के दिनों में हॉस्टल या PG का कमरा
- छुट्टियों में नाना-नानी या दादा-दादी का घर
- काम के बाद दफ़्तर का कोई शांत कमरा
जो डिवाइस पास है, उसी पर
ऑनलाइन क्लास उन्हीं लैपटॉप, टैबलेट और फ़ोन पर चल जाती है जो परिवारों और विद्यार्थियों के पास पहले से हैं।
- वेबकैम वाला लैपटॉप या डेस्कटॉप, लंबी क्लास के लिए सबसे आरामदेह
- टैबलेट, लिखने और चित्र बनाने में सुविधाजनक
- स्मार्टफ़ोन, छोटे-मोटे डाउट क्लियर करने के लिए ठीक
- माइक वाले ईयरफ़ोन, ताकि दोनों तरफ़ आवाज़ साफ़ आए
परीक्षा के मौसम और छुट्टियों की गुंजाइश
यूनिट टेस्ट, प्री-बोर्ड, प्रवेश परीक्षा की तारीख़ें, त्योहार और काम के सिलसिले में सफ़र, ये सब हफ़्ते का हिसाब बदल देते हैं। हर बदलाव ट्यूटर से बात करके तय होता है।
- क्लास खिसकानी हो तो ट्यूटर को पहले से बता दें
- बड़ी परीक्षा से पहले के हफ़्तों में क्लास बढ़ा लें
- त्योहार या गर्मी की छुट्टियों में ब्रेक ले लें
- दोनों की सुविधा के समय पर फिर से शुरू करें
ऑनलाइन ट्यूशन, होम ट्यूशन, कोचिंग और सेल्फ़-स्टडी
पढ़ाई का हर तरीका किसी ख़ास विद्यार्थी पर ठीक बैठता है। नीचे देखिए इनमें फ़र्क़ कहाँ है, ताकि आप अपने विद्यार्थी के लिए सही तरीका चुन सकें।
| किस बात पर ध्यान दें | ऑनलाइन ट्यूशन | कोचिंग बैच | वीडियो से सेल्फ़-स्टडी | होम ट्यूशन |
|---|---|---|---|---|
| कौन पढ़ाता है | एक ट्यूटर, लाइव, एक विद्यार्थी के लिए | पूरे बैच के लिए एक शिक्षक | रिकॉर्ड किए हुए लेक्चर, लाइव शिक्षक के बिना | एक ट्यूटर, लाइव, एक विद्यार्थी के लिए |
| पढ़ाई की रफ़्तार | विद्यार्थी के डाउट के हिसाब से | बैच के टाइमटेबल के हिसाब से | विद्यार्थी ख़ुद तय करता है | विद्यार्थी के डाउट के हिसाब से |
| आना-जाना | दोनों में से किसी को नहीं | सेंटर तक, जब तक बैच ऑनलाइन न हो | कोई नहीं | ट्यूटर आपके घर आते हैं |
| ट्यूटर कहाँ रहते हैं | भारत में कहीं भी | जहाँ बैच लगता है | कोई ट्यूटर नहीं | आपके घर से पहुँचने लायक दूरी पर |
| लिखा हुआ काम | कैमरे के सामने दिखाकर या फ़ोटो भेजकर | बैच के लिए रखे गए टेस्ट से जाँचा जाता है | विद्यार्थी ख़ुद जाँचता है | विद्यार्थी के बगल में बैठकर कॉपी में देखा जाता है |
| अक्सर किसे जमता है | जो स्क्रीन पर सहज हैं, और वे परिवार जिनसे ज़रूरी ट्यूटर दूर रहते हैं | जिन्हें समूह में पढ़ना अच्छा लगता है और जो उसकी रफ़्तार के साथ चल लेते हैं | अपने बूते पढ़ने वाले विद्यार्थी, जो पहले से समझी हुई चीज़ दोहरा रहे हैं | छोटे बच्चे, और वे विद्यार्थी जो पास में किसी के बैठे होने पर ज़्यादा ध्यान लगा पाते हैं |
कौन पढ़ाता है
पढ़ाई की रफ़्तार
आना-जाना
ट्यूटर कहाँ रहते हैं
लिखा हुआ काम
अक्सर किसे जमता है
ऑनलाइन ट्यूशन से जुड़े सवाल
शुरू करने से पहले विद्यार्थी, माता-पिता और वयस्क अक्सर ये बातें पूछते हैं
आपका सवाल यहाँ नहीं मिला?
संपर्क करेंएक ऑनलाइन ट्रायल क्लास से शुरुआत कीजिए
बताइए पढ़ने वाला कौन है और उसे क्या चाहिए, ट्यूटर Edutara खोजेगा
कक्षा या परीक्षा, बोर्ड, विषय और अपना सुविधाजनक समय लिख भेजिए। ट्यूटर के साथ पहली क्लास ट्रायल होती है, और आप तभी आगे बढ़ते हैं जब पढ़ाई जम जाए। ट्यूशन की फ़ीस ट्यूटर के साथ तय होती है और सीधे उन्हीं को दी जाती है।