भारत में होम ट्यूशन: ट्यूटर पढ़ाने आपके घर आते हैं
आप बताइए कि क्या पढ़ना है। Edutara ऐसा ट्यूटर खोजता है जो ठीक वही विषय उसी स्तर पर पढ़ाता हो, और पहली क्लास ट्रायल होती है। यह कक्षा 1 से 12 तक CBSE, ICSE और राज्य बोर्ड के विद्यार्थियों, JEE, NEET और CUET की तैयारी करने वालों, कॉलेज के विद्यार्थियों और वयस्कों, सबके लिए है।
क्या होम ट्यूटर आपके इलाके तक पहुँच सकता है?
होम ट्यूशन तभी चलता है जब आपका विषय पढ़ाने वाला ट्यूटर इतनी दूरी पर रहता हो कि आपके घर आ सके। फ़ॉर्म भरते समय अपना इलाका लिखिए, और ट्यूटर की खोज वहीं से शुरू होगी। अगर आसपास कोई सही ट्यूटर न मिले, तो ऑनलाइन ट्यूशन भारत में कहीं से भी लिया जा सकता है, और उसमें भी एक ट्यूटर एक ही विद्यार्थी को पढ़ाता है।
होम ट्यूशन क्या है?
होम ट्यूशन का मतलब है विद्यार्थी के अपने घर पर प्राइवेट पढ़ाई, जिसमें एक ट्यूटर एक ही विद्यार्थी को पढ़ाता है। ट्यूटर विद्यार्थी की कक्षा, बोर्ड और सिलेबस के हिसाब से चलता है, उसकी रफ़्तार से आगे बढ़ता है और पूरी क्लास उसी के सवालों पर लगाता है, फिर चाहे वह कक्षा 3 का बच्चा हो जो ज़ोर से पढ़ना सीख रहा है या कक्षा 12 का विद्यार्थी जो ऑर्गेनिक केमिस्ट्री दोहरा रहा है।
- ट्यूटर खुद विद्यार्थी के घर आता है, इसलिए पढ़ाई अपनी जानी-पहचानी मेज़ पर होती है और किसी की शाम ट्रैफ़िक में नहीं बीतती।
- एक ट्यूटर के सामने एक ही विद्यार्थी होता है, इसलिए हर डाउट उसी क्लास में पूछा और सुलझाया जा सकता है।
- पढ़ाई विद्यार्थी के अपने बोर्ड और किताबों से होती है: CBSE और NCERT, ICSE और ISC, या कोई राज्य बोर्ड।
- दिन और समय ट्यूटर के साथ तय होते हैं, स्कूल, कोचिंग, कॉलेज या नौकरी के हिसाब से।
- छोटे बच्चों के माता-पिता पास बैठ सकते हैं, ट्यूटर से मिल सकते हैं और देख सकते हैं कि क्या पढ़ाया जा रहा है।
- यह स्कूली विद्यार्थियों, प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने वालों, कॉलेज के विद्यार्थियों और वयस्कों, सबके लिए है।
होम ट्यूटर कब सबसे ज़्यादा काम आता है
कुछ हालात, जिनमें घर पर वन-टू-वन पढ़ाई ख़ास तौर पर अच्छी बैठती है।
क्लास आगे बढ़ गई और विद्यार्थी पीछे छूट गया
बड़े बैच में डाउट मन में ही रह जाते हैं
एक ही साल में बोर्ड परीक्षा और प्रवेश परीक्षा की तैयारी
शाम का समय आने-जाने में निकल जाता है
छोटा बच्चा, जिसे पास बैठकर पढ़ाने वाला चाहिए
वयस्क, जो अकेले में, अपने ढंग से सीखना चाहते हैं
Edutara होम ट्यूटर कैसे खोजता है
आपकी ज़रूरत बताने से लेकर घर पर नियमित क्लास तक, कुल चार चरण।
बताइए कि क्या पढ़ना है
कक्षा या परीक्षा, बोर्ड, विषय, घर पर या ऑनलाइन, और आप किस इलाके में रहते हैं।
Edutara ट्यूटर खोजता है
ऐसा ट्यूटर जो उसी स्तर पर ठीक वही विषय पढ़ाता हो और आपके घर तक आ सके।
पहली क्लास ट्रायल होती है
ट्यूटर से मिलिए और उनका पढ़ाने का ढंग देखिए। विद्यार्थी को जमे, तभी आगे बढ़िए।
बाक़ी बातें ट्यूटर के साथ तय कीजिए
दिन, समय और ट्यूशन की फ़ीस ट्यूटर के साथ तय होती है, और फ़ीस आप सीधे ट्यूटर को देते हैं।
होम ट्यूशन से कौन-कौन पढ़ सकता है
Edutara पढ़ाई के हर पड़ाव से अनुरोध लेता है। कक्षा, बोर्ड या परीक्षा बताइए, और ट्यूटर की खोज उसी से शुरू होती है।
पढ़ना, लिखना और अंकों की समझ, अंग्रेज़ी और हिंदी, और EVS। पास बैठा ट्यूटर लिखावट और ज़ोर से पढ़ने में साथ दे सकता है, और माता-पिता भी क्लास में बैठ सकते हैं।
गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और भाषाएँ, उस दौर में जब हर नया अध्याय पिछले पर टिका होता है। बोर्ड वाले सालों से पहले कमियाँ भरने का यह अच्छा समय है।
बोर्ड के साल, चाहे CBSE हो, ICSE हो या महाराष्ट्र SSC और कर्नाटक SSLC जैसा कोई राज्य बोर्ड: गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, अंग्रेज़ी और दूसरी भाषा, पिछले सालों के प्रश्नपत्रों के अभ्यास के साथ।
साइंस में PCM या PCB, कॉमर्स में अकाउंटेंसी, इकोनॉमिक्स और बिज़नेस स्टडीज़, या ह्यूमैनिटीज़, CBSE, ISC या यूपी बोर्ड, बिहार बोर्ड, WBCHSE जैसे किसी राज्य बोर्ड पर।
JEE Main और Advanced, NEET-UG, CUET-UG, और MHT CET, KCET, AP और TG EAPCET, WBJEE जैसी राज्य स्तर की CET, जिनकी तैयारी कक्षा 11 और 12 के बोर्ड सिलेबस के साथ-साथ चलती है।
इंजीनियरिंग मैथमेटिक्स, स्टैटिस्टिक्स, अकाउंटेंसी या प्रोग्रामिंग जैसे कॉलेज के विषय, उस रफ़्तार से जो आपका सेमेस्टर और आपकी परीक्षाएँ तय करती हैं।
स्पोकन इंग्लिश, IELTS, कोई दूसरी भाषा या काम से जुड़ा कोई हुनर, घर पर, उस समय जो आपकी नौकरी के साथ बैठ जाए।
होम ट्यूशन, ऑनलाइन ट्यूशन या कोचिंग सेंटर?
हर तरीका अलग तरह के विद्यार्थी को जमता है। तीनों को एक साथ रखकर देखने से यह तय करना आसान हो जाता है कि पहले किसे आज़माया जाए।
| एक नज़र में | होम ट्यूशन | ऑनलाइन ट्यूशन | कोचिंग सेंटर |
|---|---|---|---|
| क्लास कहाँ होती है | विद्यार्थी के घर पर | जहाँ भी इंटरनेट ठीक से चलता हो | सेंटर पर |
| क्लास में कौन होता है | एक विद्यार्थी और ट्यूटर | एक विद्यार्थी और ट्यूटर | विद्यार्थियों का पूरा बैच |
| रफ़्तार कौन तय करता है | विद्यार्थी | विद्यार्थी | बैच और कोर्स की योजना |
| आना-जाना | ट्यूटर आपके घर आता है | किसी को कहीं जाना नहीं पड़ता | विद्यार्थी सेंटर जाता है |
| ट्यूटर का चुनाव | वे ट्यूटर जो आपके इलाके तक आ सकें | भारत में कहीं के भी ट्यूटर | सेंटर के अपने शिक्षक |
| डाउट पूछना | क्लास में कभी भी | क्लास में कभी भी | अक्सर अलग डाउट सेशन में |
| फ़ीस | ट्यूटर के साथ तय | ट्यूटर के साथ तय | सेंटर तय करता है, अक्सर पूरे कोर्स की एक साथ |
| अक्सर किसे जमता है | छोटे बच्चों को, और उन विद्यार्थियों को जो पास में किसी के बैठे रहने पर बेहतर ध्यान लगा पाते हैं | बड़े विद्यार्थियों और वयस्कों को, और उन इलाकों में जहाँ आसपास ट्यूटर कम हैं | उन विद्यार्थियों को जिन्हें तय टाइमटेबल और साथियों के साथ टेस्ट सीरीज़ पसंद है |
Edutara में हर ट्यूशन के बुनियादी नियम
Edutara नया है, और किसी नई सेवा को परखने का सबसे ईमानदार तरीका यह देखना है कि वह काम कैसे करती है। पहले अनुरोध से लेकर आगे तक, हर ट्यूटर और विद्यार्थी की जोड़ी इन्हीं नियमों से बनती और चलती है।
एक ट्यूटर, एक विद्यार्थी
हर जोड़ी में एक विद्यार्थी और एक ट्यूटर होता है, इसलिए पूरी क्लास उसी विद्यार्थी के लिए होती है।
ठीक आपकी ज़रूरत के हिसाब से ट्यूटर
कक्षा 12 में ISC फ़िज़िक्स पढ़ रहे विद्यार्थी के लिए ऐसा ट्यूटर खोजा जाता है जो उसी स्तर पर ISC फ़िज़िक्स पढ़ाता हो। कक्षा, बोर्ड, विषय और परीक्षा, हर बात गिनी जाती है।
पहली क्लास ट्रायल होती है
विद्यार्थी ट्यूटर से मिलता है और उनका पढ़ाने का ढंग देखता है। बात जमे, तभी आप आगे बढ़ते हैं।
ट्यूशन की फ़ीस ट्यूटर को जाती है
ट्यूशन की फ़ीस आप ट्यूटर के साथ तय करते हैं और सीधे उन्हीं को देते हैं। ट्यूशन का पैसा Edutara के हाथ से होकर नहीं गुज़रता।
पढ़ाने के लिए ट्यूटर कुछ नहीं चुकाते
न जुड़ने की फ़ीस, न कमीशन, न हर विद्यार्थी पर कोई शुल्क। आप जो फ़ीस तय करते हैं, वह पूरी की पूरी पढ़ाने वाले के पास रहती है।
ट्यूटर कौन होते हैं
कॉलेज के विद्यार्थी, ग्रेजुएट, रिटायर्ड शिक्षक और स्कूल व्यवस्था से बाहर पढ़ाने वाले शिक्षक। किसी स्कूल में इस समय पढ़ा रहे शिक्षक इसमें शामिल नहीं किए जाते, क्योंकि निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 28 उन्हें प्राइवेट ट्यूशन देने से रोकती है।
ट्यूटर के पहली बार घर आने से पहले
किसी नए व्यक्ति को घर बुलाने में थोड़ी सावधानी रखना ठीक है। ये छोटे-छोटे कदम पहली क्लास को सबके लिए सहज बना देते हैं।
- 1
आने से पहले बात कर लें
पहले फ़ोन पर ट्यूटर से बात कीजिए। पूछिए कि वे क्या पढ़ाते हैं, किन बोर्ड से सबसे ज़्यादा परिचित हैं, और पहली क्लास की योजना कैसे बनाएँगे।
- 2
पहचान पत्र देखें
घर आने से पहले ट्यूटर से फ़ोटो वाला पहचान पत्र और उनके कॉलेज या योग्यता का प्रमाण माँगना बिल्कुल ठीक बात है।
- 3
घर के खुले हिस्से में पढ़ाई
ट्रायल के लिए डाइनिंग टेबल या बैठक अच्छी जगह है, जब घर पर कोई बड़ा मौजूद हो, ख़ासकर अगर विद्यार्थी छोटा बच्चा है।
- 4
किताबें और कॉपियाँ तैयार रखें
स्कूल की किताब, कॉपी और पिछला टेस्ट पेपर देखकर ट्यूटर कुछ ही मिनटों में समझ जाता है कि विद्यार्थी कहाँ खड़ा है।
- 5
मुख्य बातें लिखकर तय करें
दिन, समय, फ़ीस, और क्लास छूटने पर क्या होगा, ये बातें शुरुआत में ही एक मैसेज में तय कर लेना आसान रहता है, ताकि बाद में दोनों उसे देख सकें।
- 6
बाद में विद्यार्थी से पूछें
ट्रायल पर सबसे अहम राय विद्यार्थी की है। क्या समझाई गई बातें समझ में आईं, और क्या वह इसी ट्यूटर के साथ दूसरी क्लास लेना चाहेगा?
फ़ीस का हिसाब कैसे चलता है
दो अलग-अलग भुगतान, ताकि हमेशा साफ़ रहे कि किसे किस काम का पैसा मिल रहा है।
आपके और ट्यूटर के बीच तय होती है, और सीधे ट्यूटर को दी जाती है।
- कक्षा, विषय और आपके शहर पर निर्भर करती है
- महीने का कुल ख़र्च इस पर टिका है कि आप हफ़्ते में कितनी क्लास लेते हैं
- Edutara इसे न वसूलता है, न इसमें से कोई हिस्सा लेता है
परिवार Edutara को इसलिए देते हैं कि वह ट्यूटर खोजे, और क्लास शुरू होने के बाद ट्यूशन को ठीक से चलाए रखने में साथ दे।
- ट्यूटर से मिलवाने की एक बार की फ़ीस
- ट्यूशन सुचारु चलता रहे, इसके लिए छोटी मासिक फ़ीस
- ट्यूशन की फ़ीस से पूरी तरह अलग
कुछ भी नहीं, और यह नियम हमेशा के लिए है।
- जुड़ने की कोई फ़ीस नहीं
- क्लास पर कोई कमीशन नहीं
- हर विद्यार्थी पर कोई शुल्क नहीं
होम ट्यूशन से जुड़े सवाल
पहली क्लास से पहले पूछने लायक सवाल, और उनके सीधे-सादे जवाब।
बताइए, विद्यार्थी को किस चीज़ की ज़रूरत है
कक्षा या परीक्षा, बोर्ड, विषय और आपका इलाका। इन्हीं बातों से Edutara ऐसे ट्यूटर की खोज शुरू करता है जो ठीक यही पढ़ाता हो। पहली क्लास ट्रायल रहती है।