मुख्य सामग्री पर जाएँ
सुनना और बोलना

स्पोकन इंग्लिश क्लास, एक ट्यूटर के साथ बोलकर प्रैक्टिस

स्पोकन इंग्लिश क्लास के लिए Edutara पर आने वाले हज़ारों लोगों में से ज़्यादातर अंग्रेज़ी पढ़ लेते हैं। रह जाता है बोलना, और बोलना बोलने से ही आता है। क्लास आपके घर पर होती है या ऑनलाइन, एक ट्यूटर और एक विद्यार्थी।

घर से ऑनलाइन क्लास में हेडसेट लगाए मुस्कुराती विद्यार्थी

5 में से 4.9125 समीक्षाएँ

पूरी गाइड

क्या है

स्पोकन इंग्लिश

स्पोकन इंग्लिश यानी अंग्रेज़ी को उसी रफ़्तार पर समझना जिस रफ़्तार पर सामने वाला बोल रहा है, और मौका निकलने से पहले जवाब दे देना। स्कूल में जिस अंग्रेज़ी से पाला पड़ता है वह पढ़ी जाती है, लिखी जाती है और कॉपी पर जाँची जाती है। स्पोकन इंग्लिश क्लास की बनावट अलग है: बोलने का काम विद्यार्थी करता है, और ट्यूटर सुनता है, बात को चलाए रखता है, और सुधार वाक्य पूरा होने के बाद करता है।

मुख्य बातें

  1. शुरुआत कान से होती है। जो वाक्य पकड़ में ही न आए, उसका जवाब भी नहीं बनता।
  2. क्लास का ज़्यादातर हिस्सा आप बोलते हैं। ट्यूटर का काम है आपको बोलते रहने देना और बाद में सुधार देना।
  3. लक्ष्य साफ़ बोलना है: फ़ोन पर, मीटिंग में और काउंटर के दूसरी तरफ़ खड़े इंसान के सामने समझ आ जाना।
  4. ग्रामर आपके अपने वाक्यों के भीतर से निकलकर पढ़ाई जाती है, ताकि वह किसी कही हुई बात से जुड़ी रहे।
  5. प्रगति इस तरह बताई जाती है कि आप अब क्या कर सकते हैं, और इसके लिए CEFR के स्तर काम आते हैं।
पढ़ाई के तरीके

बोलने की प्रैक्टिस के दो तरीक़े

दोनों में एक ट्यूटर और एक विद्यार्थी होते हैं, यानी पूरा घंटा आपका है। चुनाव इस बात से कीजिए कि आप कहाँ हैं और हफ़्ते का कौन-सा वक़्त खाली बचता है।

  1. अवधि: आम तौर पर एक घंटा, ट्यूटर के साथ तय

    घर पर स्पोकन इंग्लिश

    ट्यूटर आपके घर आते हैं और क्लास मेज़ के आर-पार होती बातचीत जैसी चलती है। यह तब काम आता है जब आप चाहते हैं कि कोई आपका चेहरा और हाथ देखता रहे, और जब स्क्रीन के सामने झिझक बढ़ जाती हो।

    • आमने-सामने, इसलिए अटकना दिखता है और उस पर काम हो पाता है
    • घर की रोज़मर्रा की अंग्रेज़ी वहीं बोली जाती है जहाँ काम आती है
    • न स्क्रीन, न वाक्य के बीच में नेटवर्क का टूटना
  2. अवधि: आम तौर पर 45 से 60 मिनट, ट्यूटर के साथ तय

    ऑनलाइन स्पोकन इंग्लिश

    क्लास वीडियो कॉल पर होती है, और आजकल दफ़्तर की बहुत सारी अंग्रेज़ी इसी तरह बोली जाती है। यह उन लोगों के काम की है जिनके शहर में सही ट्यूटर पास में नहीं मिलते, और जिनका खाली घंटा देर रात निकलता है।

    • प्रैक्टिस ठीक उसी माध्यम पर जिस पर दफ़्तर की कॉल होती है
    • सुबह जल्दी या काम के बाद के स्लॉट
    • कॉल के नोट्स रखे जा सकते हैं, अगर ट्यूटर साझा करें
इस विषय का सिलेबस

स्पोकन इंग्लिश ट्यूटर किन हिस्सों पर काम करते हैं

बोलने का कोई बोर्ड-निर्धारित सिलेबस नहीं होता, इसलिए नीचे का क्रम उस चीज़ से तय होता है जो विद्यार्थी को असल में रोकती है। पहला नंबर कान का है।

ये हिस्से एक के बाद एक नहीं, साथ-साथ चलते हैं। एक क्लास में आम तौर पर थोड़ा सुनना, एक लंबी बोलने की बारी और एक सुधार आ जाते हैं।

मॉड्यूल 01

सामान्य रफ़्तार पर सुनना

पूरी रफ़्तार की अंग्रेज़ी में शब्द आपस में जुड़ जाते हैं, कुछ ध्वनियाँ दब जाती हैं और ज़ोर किसी एक शब्द पर आ टिकता है। क्लास की शुरुआत कान को यही पकड़ना सिखाने से होती है।

शामिल टॉपिक

  • बोलते समय आपस में जुड़ जाने वाले शब्द
  • उस शब्द पर ज़ोर जो मतलब उठाए हुए है
  • तेज़ी से बोले गए अंक, तारीख़ें और स्पेलिंग
  • माफ़ी माँगे बिना दोबारा कहने को कहना
  • अनजान लहजे में बोलने वाले को पकड़ना
यह किसके लिए है

स्पोकन इंग्लिश क्लास में कौन आता है

चार तरह के विद्यार्थी बार-बार मिलते हैं, और हर एक का पहला महीना अलग बनता है।

कक्षा 8 से 12 के विद्यार्थी

अंग्रेज़ी की किताब बिना अटके पढ़ लेते हैं और क्लास के सामने बोलने को कहा जाए तो चुप हो जाते हैं। CBSE ने सत्र 2026-27 में कक्षा 10 की English के internal assessment के भीतर सुनने और बोलने को पाँच अंक दिए हैं, यानी इस हुनर पर अंक भी टिके हैं।

सुझाव:

हफ़्ते में दो बार बोलने की प्रैक्टिसक्लास में प्रेज़ेंटेशनCBSE का Assessment of Listening and Speaking Skills

हिंदी या क्षेत्रीय माध्यम से आए कॉलेज विद्यार्थी

स्कूल हिंदी, मराठी, बांग्ला या किसी और भारतीय भाषा में हुआ, और अब लेक्चर, स्लाइड, लैब मैनुअल और प्लेसमेंट इंटरव्यू सब अंग्रेज़ी में हैं। विषय समझ में आता है। अटकन बोलने पर दिखती है।

सुझाव:

सेमिनार और वाइवा की प्रैक्टिसग्रुप डिस्कशन के दौरप्लेसमेंट इंटरव्यू के जवाब

नौकरी खोज रहे और इंटरव्यू देने वाले

लिखित परीक्षा ठीक निकल जाती है और दीवार इंटरव्यू पर आकर खड़ी होती है। यहाँ का ज़्यादातर काम रिहर्सल है: वही बीस सवाल, ज़ोर से, क्रम में, जब तक क्रम बनाना मेहनत लगना बंद न कर दे।

सुझाव:

मॉक इंटरव्यूदो मिनट में अपनी कहानी सुनानागैप, सैलरी और नाकामी पर जवाब

नौकरी कर रहे वयस्क

क्लाइंट कॉल, सुबह का standup, कॉल पर पढ़कर सुनाया जाने वाला ग्राहक का ईमेल, और दूसरे देश में बैठा मैनेजर। क्लास काम के दिन के हिसाब से बैठती है और आपके अपने काम की स्थितियों पर चलती है।

सुझाव:

मीटिंग और कॉल की प्रैक्टिसछोटे समूह के सामने बोलनादफ़्तर के रोज़मर्रा के वाक्य
CEFR

आपकी अंग्रेज़ी इस वक़्त कहाँ है

CEFR यूरोप का वह पैमाना है जो बताता है कि बोलने वाला असल में क्या-क्या कर सकता है। हर स्तर के आगे लिखे घंटे LanguageCert के guided learning अनुमान हैं, और वे हर स्तर के अपने घंटे हैं।

Common European Framework of Reference
A1
शुरुआत

जाने-पहचाने शब्द और बहुत आसान वाक्य तब समझ आते हैं जब सामने वाला धीरे और साफ़ बोले, और दोहराने को तैयार हो तो आप आसान-सा जवाब दे लेते हैं।

95 घंटे की पढ़ाई

आप क्या कर पाएँगे:

  • अपना नाम, काम और शहर बता देना
  • धीरे बोलने या दोहराने के लिए कह पाना
A2
रोज़मर्रा का लेन-देन

जाने-पहचाने विषय पर सीधी-सादी जानकारी का आदान-प्रदान हो जाता है, और अपनी बात छोटे-छोटे वाक्यों की कड़ी में रखी जा सकती है।

95 घंटे की पढ़ाई

आप क्या कर पाएँगे:

  • सामान लेना, बुकिंग करना, रास्ता पूछना
  • अपने परिवार और अपने दिन का छोटा-सा ब्यौरा देना
B1
अपनी जगह बना लेना

अंग्रेज़ी बोले जाने वाली ज़्यादातर स्थितियाँ सँभल जाती हैं, और आप अपने अनुभव, किसी घटना या किसी योजना को जोड़-जोड़कर बता लेते हैं।

180 घंटे की पढ़ाई

आप क्या कर पाएँगे:

  • साफ़ बोली जा रही बात के मुख्य बिंदु पकड़ लेना
  • क्या हुआ और अब क्या चाहिए, यह समझा देना
B2
काम-काज में सहज

धाराप्रवाह बोलने वाले के साथ बातचीत दोनों तरफ़ से सहज हो जाती है, और अपने क्षेत्र के विषयों का विस्तार से ब्यौरा दिया जा सकता है।

180 घंटे की पढ़ाई

आप क्या कर पाएँगे:

  • हर पंक्ति तैयार किए बिना मीटिंग में हिस्सा लेना
  • जाने-पहचाने विषय पर लंबा व्याख्यान या तर्क पकड़ना
C1
बहती हुई अंग्रेज़ी

शब्द ढूँढ़ने में ज़्यादा रुके बिना बात बहती है, और ढीली-ढाली बनावट वाली बातचीत भी समझ में आ जाती है।

200 घंटे की पढ़ाई

आप क्या कर पाएँगे:

  • सामाजिक, पढ़ाई और पेशे की अंग्रेज़ी में आसानी
  • इशारों में कही गई और घुमा-फिराकर दी गई बात पकड़ना

आपकी प्रगति

A1

A1

A2

A2

B1

B1

B2

B2

C1

C1

इनमें से हर एक अपने आप में एक पूरी क्लास है। वाक्य साधारण होते हैं, और काम है उन्हें ज़ोर से बोलते रहना, जब तक बोलने से पहले तैयारी की ज़रूरत न रह जाए।

जिन स्थितियों की रिहर्सल के लिए लोग आते हैं

ज़्यादातर वयस्क विद्यार्थियों के पास अंग्रेज़ी पहले से है। उन्हें चाहिए वे पाँच-छह स्थितियाँ, जो बार-बार बिगड़ती हैं, इतनी बार दोहराई हुई कि उबाऊ लगने लगें।

नौकरी का इंटरव्यू

बीस से तीस मिनट, ज़्यादातर अंदाज़े में आने वाले सवाल, और अपने बारे में एक जवाब जिस पर बाक़ी सब टिका होता है। भारतीय पैनल बातचीत के बीच में अंग्रेज़ी और स्थानीय भाषा के बीच आते-जाते रहते हैं, और यही आना-जाना लोगों को उलझा देता है।

मुख्य वाक्यांश
  • “I was responsible for that project from start to finish.”
  • “Give me a second on that one, please.”
  • “That went badly at the time, and this is what I do differently now.”
अभ्यास होने वाले कौशल
जवाब को एक साफ़ ढाँचे में रखना: बात, कारण, उदाहरणचुप हुए बिना एक पल का समय ले लेनानाकामी की बात सिकुड़े बिना करना

नतीजा: पहले दो मिनट हड़बड़ी बनना बंद कर देते हैं, और बाक़ी इंटरव्यू उसी ढाँचे पर चल पड़ता है।

सुबह का standup

पंद्रह मिनट, हर कोई बारी-बारी बोलता है, और हिस्से में आते हैं लगभग चालीस सेकंड। छोटी बारी अटकने की सज़ा लंबी बारी से ज़्यादा देती है, क्योंकि सँभलने की जगह ही नहीं बचती।

मुख्य वाक्यांश
  • “I closed the testing yesterday and I am on the report today.”
  • “I am waiting on the data team. I need the access by Thursday.”
  • “Nothing pending from my side.”
अभ्यास होने वाले कौशल
क्या पूरा हुआ, आगे क्या है, कहाँ अटका हैभागे बिना समय के भीतर रहनादिक़्क़त को सीधे शब्दों में रखना

नतीजा: जिस रोज़ाना की बारी से डर लगता था, वह चालीस सेकंड की आम अंग्रेज़ी बन जाती है।

ग्राहक या क्लाइंट की कॉल

पढ़ने के लिए चेहरा नहीं, लाइन कमज़ोर हो सकती है, और दूसरी तरफ़ बैठे इंसान को जवाब आज चाहिए। सामने वाला दोहराने को कहेगा ही, और उसे शांति से सँभालना आधा हुनर है।

मुख्य वाक्यांश
  • “Give me ten minutes, I will check and call you back.”
  • “Sorry, I lost you there. Could you repeat the last line?”
  • “Just to be sure: two units, on Friday, at the same address.”
अभ्यास होने वाले कौशल
जो सुना है उसे दोहराकर पक्का करनाशालीनता से थोड़ा समय माँग लेनाकमज़ोर लाइन पर साफ़ बोलना

नतीजा: कॉल बिना किसी साथी को बुलाकर फ़ोन थमाए पूरी हो जाती है।

कॉलेज का सेमिनार या वाइवा

अपने ही विषय पर दस मिनट, अंग्रेज़ी में, उन लोगों के सामने जो उस विषय को अच्छी तरह जानते हैं। क्षेत्रीय माध्यम से आए विद्यार्थी की मुश्किल विषय कम होता है। वाक्य ज़्यादा होते हैं।

मुख्य वाक्यांश
  • “I have three points, and then I will take questions.”
  • “I have not studied that part, and my understanding of it is this.”
  • “In simple terms, the result works for small samples.”
अभ्यास होने वाले कौशल
ऐसे ढाँचे में बोलना जिसे कमरा पकड़ सकेउस सवाल को सँभालना जिसका पूरा जवाब नहीं आतासुनने वाला उलझा दिखे तो बात दूसरे शब्दों में रखना

नतीजा: वाइवा दूसरी भाषा में ली गई याददाश्त की परीक्षा बनना छोड़ देता है।

अपना हफ़्ता क्लास में लेकर आइए

ट्यूटर रिहर्सल उन्हीं स्थितियों पर बना सकते हैं जिनसे आपका सचमुच सामना होता है, इसलिए उन्हें साथ लाइए: सोमवार की मीटिंग, चौदह तारीख़ का इंटरव्यू, वह ग्राहक जो बार-बार दोहराने को कहता है। बनी-बनाई स्थितियाँ महीने भर काम आती हैं। उसके बाद असली स्थितियाँ किसी भी किताब से तेज़ सिखाती हैं।

पढ़ाई की सामग्री की एक झलक

बोलने की एक क्लास का पन्ना

इस तरह की शीट ट्यूटर घंटे के बीच में हाथ से लिखते हैं। पंक्तियों को ज़ोर से पढ़िए। पूरा अभ्यास इतना ही है।

ध्वनियाँ, जुड़ाव और एक सवाल

हर जोड़ी को ज़ोर से बोलिए

ship / sheepbit / beatfill / feelsit / seat
wet / vetwine / vinewest / vest
cot / coatnot / notewant / won't
threethirteenthirtythirty-three

बोलते समय आपस में जुड़ जाने वाले शब्द

  1. Whatdoyouसुनाई देता है 'वॉड-या'
  2. Didyoueatसुनाई देता है 'डि-ज्यू ईट'
  3. Couldyousendसुनाई देता है 'कू-ज्यू सेंड'
  4. Iamgoing toसुनाई देता है 'आइम गॉना'

इसे पकड़िए

He would have joined the call if his train had reached on time.

सवाल: क्या वह कॉल में शामिल हुआ?

जवाब: वह शामिल नहीं हुआ। 'would have joined' उस काम की बात करता है जो हुआ ही नहीं, और वजह पीछे चली आती है: ट्रेन समय पर नहीं पहुँची। कान में 'would have joined' पड़ता है और दिमाग़ 'joined' दर्ज कर लेता है, जिससे पूरे वाक्य का मतलब उलट जाता है।

यह इसी पन्ने के लिए लिखा गया है। आपके ट्यूटर ऐसी ही शीट उन शब्दों से बनाएँगे जिन पर आप बार-बार फिसलते हैं।

बोलना कहाँ अटकता है

बोलने वाले को असल में रोकने वाली पाँच चीज़ें

इनमें से हर एक का इलाज ट्यूटर एक घंटे के भीतर शुरू कर सकते हैं, और किसी भी इलाज में लंबी शब्द-सूची शामिल नहीं है।

चुनौती

सवाल समझ में आ जाता है और जवाब दस सेकंड देर से निकलता है।

एक आम अड़चन

असली वजह

बहुत से विद्यार्थी वाक्य पहले अपनी भाषा में बनाते हैं, फिर अनुवाद करते हैं, फिर ग्रामर जाँचते हैं, और तब मुँह खोलते हैं। एक वाक्य के लिए चार क़दम बातचीत के हिसाब से बहुत धीमे हैं, और जब तक वाक्य तैयार होता है, बात आगे निकल चुकी होती है।

क्या मदद करता है

ट्यूटर पूरे वाक्यांशों का अभ्यास कराते हैं, ताकि आम टुकड़े एक साथ बाहर आएँ। जवाबों पर समय लगाया जाता है, अंतराल हफ़्ता दर हफ़्ता घटता है, और विद्यार्थी से कहा जाता है कि वाक्य पूरा बनने से पहले बोलना शुरू कर दे।

चुनौती

अंग्रेज़ी का पन्ना पढ़ लेते हैं और वही वाक्य बोला जाए तो छूट जाता है।

एक आम अड़चन

असली वजह

छपी हुई अंग्रेज़ी में हर शब्द के चारों तरफ़ जगह होती है। बोली जाने वाली अंग्रेज़ी उन्हें जोड़ देती है, कुछ को दबा देती है और एक पर ज़ोर डाल देती है। जो कान सिर्फ़ पन्ने पर सधा हो, वह किसी और ही चीज़ का इंतज़ार करता रह जाता है, और वाक्य एक लंबे अजनबी शब्द जैसा सुनाई देता है।

क्या मदद करता है

क्लास में सुनना पहले आता है: छोटा-सा हिस्सा दो बार, विद्यार्थी जो पकड़ पाया वह लिखता है, और फिर ट्यूटर दिखाते हैं कि शब्द कहाँ जुड़ गए थे। रफ़्तार तभी बढ़ती है जब जुड़ाव सुनाई देने लगें।

चुनौती

कोई टोक दे तो बोलना वहीं रुक जाता है।

एक आम अड़चन

असली वजह

सालों की क्लासरूम अंग्रेज़ी हर ग़लती के साथ लाल निशान जोड़ देती है, इसलिए सुरक्षित रास्ता चुप्पी लगता है। चुप्पी अंकों को बचा लेती है और हुनर को भूखा रखती है, क्योंकि बोलने की ट्रेनिंग बोलने से ही होती है।

क्या मदद करता है

सुधार बोलने की बारी ख़त्म होने तक रोके जाते हैं और एक बार में तीन दिए जाते हैं, लिखकर। जब तक बात चल रही है, ट्यूटर और वाक्यों के लिए दबाव बनाते हैं और ग़लतियों को वहीं पड़ा रहने देते हैं।

चुनौती

जवाब एक पंक्ति में ख़त्म हो जाते हैं।

एक आम अड़चन

असली वजह

स्कूल की अंग्रेज़ी छोटे सही जवाब को इनाम देती है। इंटरव्यू, वाइवा और मीटिंग तीस सेकंड से दो मिनट माँगते हैं, जिसमें एक बात, एक कारण और एक उदाहरण हो, और जिस विद्यार्थी से यह कभी माँगा ही नहीं गया, उसने इसका अभ्यास भी कभी नहीं किया।

क्या मदद करता है

ट्यूटर पहले जवाब टाँगने के लिए एक ढाँचा देते हैं, फिर वही ढाँचा हटा लेते हैं। दो मिनट के जवाबों पर समय लगाया जाता है, विद्यार्थी की सहमति हो तो रिकॉर्ड किया जाता है, और उन्हें तब तक छाँटा जाता है जब तक वे बिना नोट्स के खड़े न रहने लगें।

चुनौती

डर लगता है कि लहजे से पोल खुल जाएगी।

एक आम अड़चन

असली वजह

भारतीय अंग्रेज़ी अपने आप में अंग्रेज़ी का एक रूप है और उसे बोलने वाले दुनिया भर में समझे जाते हैं। सुनने वाले को रोककर दोबारा पूछने पर मजबूर करती हैं गिनी-चुनी ध्वनियाँ, शब्दों के छूट जाते अंत, और ज़ोर का ग़लत जगह पड़ना। ये सब छोटे और सुधरने वाले हैं।

क्या मदद करता है

काम उन्हीं अंतरों पर रहता है जिनसे मतलब बदलता है, उन अंतों पर जो काल और बहुवचन बताते हैं, और फ़ोन लाइन पर बराबर आवाज़ पर। बाक़ी आपकी आवाज़ जैसी है वैसी रहती है, क्योंकि रुकावट वह कभी थी ही नहीं।

जो विद्यार्थी अंग्रेज़ी अच्छी पढ़ लेता है और बोलते समय जम जाता है, वह यहाँ का आम मामला है। ASER Centre की ASER 2023 'Beyond Basics' रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीण भारत के 14 से 18 साल के 34,745 युवाओं में 57.3% अंग्रेज़ी के वाक्य पढ़ सके, और जो पढ़ सके उनमें से 73.5% उनका मतलब भी बता सके।

हमें क्यों चुनें

बोलना वन-टू-वन क्यों पढ़ाया जाता है

बोलने की क्लास इस बात पर चलती है कि आप ख़ुद कितने मिनट बोलते हैं, और वह संख्या इससे तय होती है कि कमरे में आपके साथ कितने लोग हैं।

  1. पूरा घंटा आपके बोलने का है

    पंद्रह लोगों के बैच में एक घंटे की क्लास से हर विद्यार्थी के हिस्से चंद मिनट की बोली आती है। वन-टू-वन में विद्यार्थी बोलता है और ट्यूटर सुनते हैं, और इस विषय के लिए काम का यही बँटवारा सही बैठता है।

  2. सुधार आपके अपने वाक्यों पर होते हैं

    बैच के ट्यूटर वह सुधारते हैं जो कमरे के ज़्यादातर लोगों से छूटा। आपके ट्यूटर वह काल सुधारते हैं जो आप ख़ुद बार-बार गिरा देते हैं, और वे तीन ध्वनियाँ जिनकी वजह से आपके शब्द दूसरे शब्द बनकर पहुँचते हैं, हफ़्ता दर हफ़्ता, जब तक वे जाएँ न।

  3. सिलेबस आपका अपना हफ़्ता है

    क्लास उस कॉल पर बनती है जो गुरुवार को है, उस इंटरव्यू पर जो चौदह तारीख़ को है, उस वाइवा पर जो महीने के अंत में है। बैच का सिलेबस तो बैच के किसी भी विद्यार्थी को जानने से पहले लिख दिया जाता है।

  4. उसी के साथ बोलिए जिसके सामने आप सहज हों

    बोलने की क्लास इस पर टिकी है कि सुनने वाले इंसान के सामने आप सहज हैं, और यह पहले से कोई नहीं आँक सकता। एक क्लास के बाद हो या दस के बाद, किसी और के सामने आप ज़्यादा खुलकर बोल पाएँ तो Edutara नया ट्यूटर मुफ़्त खोज देता है।

  5. फ़ीस Edutara तय करता है

    स्पोकन इंग्लिश के एक घंटे की फ़ीस Edutara तय करता है, और वह आपके स्तर, तरीक़े और शहर के हिसाब से बदलती है। भुगतान आप Edutara को बिल से करते हैं, और बातचीत के हर घंटे का भुगतान ट्यूटर को Edutara करता है।

स्पोकन इंग्लिश ट्यूटर में क्या देखा जाता है

बोलना वही सिखा पाते हैं जो एक घंटे तक बातचीत चला सकें और उसे दिलचस्प बनाए रखें, और यह ग्रामर जानने से अलग और सँकरा हुनर है।

ट्यूटर में हम क्या देखते हैं
  • सहज और साफ़ अंग्रेज़ी, जो फ़ोन लाइन और वीडियो कॉल दोनों पर टिकी रहे।
  • विद्यार्थी के पास शब्द ख़त्म हो जाएँ तब भी एक घंटे बातचीत ज़िंदा रखने की क़ाबिलियत।
  • धीमे वाक्य को पूरा होने देने का धीरज। हर तीसरे शब्द पर टोकना विद्यार्थी को बोलना बंद करना सिखा देता है।
  • इतनी ग्रामर कि वाक्य ग़लत क्यों लग रहा है यह समझा सकें, और ज़रूरत पड़े तो विद्यार्थी की अपनी भाषा में।
  • निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 28 स्कूल में कार्यरत शिक्षकों को निजी ट्यूशन से बाहर रखती है।
  • इसलिए यहाँ पढ़ाने वाले कॉलेज के विद्यार्थी, स्नातक, स्नातकोत्तर, सेवानिवृत्त शिक्षक और स्कूल व्यवस्था के बाहर काम करने वाले प्रशिक्षक होते हैं।

घंटा आम तौर पर कैसे बीतता है

पहले सुनना, फिर बोलना

क्लास कान से खुलती है: छोटा-सा हिस्सा सुनना, एक पंक्ति श्रुतलेख की तरह लिखना, और यह देखना कि शब्द कहाँ जुड़ गए। इससे अंग्रेज़ी गरमाती है और पहले पाँच मिनट में कोई प्रदर्शन नहीं माँगा जाता।

बोलिए, फिर सुधार

विद्यार्थी दो या तीन मिनट की बारियों में बोलता है और ट्यूटर साथ-साथ लिखते जाते हैं। सुधार बाद में आते हैं, एक बार में तीन, और सीधे अगली बारी के बोलने में लौट जाते हैं।

सिद्धांत से ज़्यादा रिहर्सल

विद्यार्थी को जिस चीज़ का सामना करना है, इंटरव्यू, वाइवा, ग्राहक की कॉल या standup, उसकी रिहर्सल होती है और ट्यूटर सामने वाले की भूमिका निभाते हैं, और यह तब तक दोहराई जाती है जब तक घबराहट उतर न जाए।

स्पोकन इंग्लिश सीखने के तीन रास्ते

संस्थान का बैच, फ़ोन का ऐप, या पूरा एक ट्यूटर अपने लिए। फ़र्क़ ज़्यादातर इसी में है कि आप कितने मिनट बोलते हैं और बोलते वक़्त सुन कौन रहा है।

आपको क्या मिलता है
Edutara
संस्थान का बैचऐप और वीडियो
घंटे का ज़्यादातर हिस्सा आप बोलते हैं
सुधार आपके अपने वाक्यों पर होते हैं
कोई इंसान सुनता है और उसी वक़्त जवाब देता है
क्लास आपके इंटरव्यू या आपकी मीटिंग पर बनती है
तय समय-सारणी जिसे कोई और सँभालता है-
रात दो बजे भी, बिना किसी अपॉइंटमेंट के-
घर पर या ऑनलाइन

आपके घर पर या कॉल पर

  1. ऑनलाइन ट्यूशन

    भारत में कहीं भी, स्थिर कनेक्शन के साथ

    बोलने की प्रैक्टिस वीडियो पर अच्छी तरह चलती है, और जिस अंग्रेज़ी की प्रैक्टिस हो रही है उसका बड़ा हिस्सा वैसे भी वीडियो पर ही बोला जाता है। स्लॉट ट्यूटर के साथ तय होते हैं, इसलिए घंटा काम से पहले या बाद में बैठ सकता है।

    वीडियो कॉल, दोनों तरफ़ आने-जाने का समय बचा हुआ
    सुबह जल्दी और देर शाम के स्लॉट
    जोड़ी बन जाए तो हर हफ़्ते वही ट्यूटर

    टाइम ज़ोन: IST (UTC+5:30)

  2. होम ट्यूशन

    जहाँ आपके पास कोई ट्यूटर मिल सके

    घर की क्लास आपके इलाक़े के हिसाब से तय होती है: अनुरोध में इलाक़ा और सुविधा के घंटे लिखे जाते हैं, और खोज ठीक वहीं से शुरू होती है, ऐसे ट्यूटर के साथ जो आपकी अपनी मेज़ पर बैठकर असली बातचीत करा सके।

    उपलब्ध शहर:

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

शुरू करने से पहले पूछे जाने वाले सवाल

बोलने की क्लास पर होने वाली लगभग हर पहली बातचीत में ये सवाल आते हैं।

अंग्रेज़ी पढ़ और लिख लेता हूँ, फिर बोल क्यों नहीं पाता?
पढ़ना और बोलना अलग-अलग मशीनों पर चलते हैं। पढ़ने में जितना समय चाहिए उतना मिलता है और हर शब्द अलग दिखता है। बोलने में लगभग एक सेकंड मिलता है, और उसी एक सेकंड में शब्द ख़ुद बनाने होते हैं, वह भी सामने वाले को सुनते हुए। भारत की पढ़ाई पहली चीज़ का अभ्यास कराती है और उस पर अंक भी देती है, और दूसरी को अपने हाल पर छोड़ देती है। यह दूरी आम बात है, और यह बोलने के अभ्यास से भरती है, क्योंकि यही एक अभ्यास इसे सुधारता है।
आराम से बोलने लायक़ होने में कितना समय लगेगा?
इसकी तारीख़ कोई नहीं बता सकता, और जो क्लास तारीख़ का वादा करती है वह ऐसी चीज़ का वादा कर रही है जो उसके हाथ में नहीं है। जो मौजूद है वह एक मोटा पैमाना है। LanguageCert अपने परीक्षा-स्तरों के guided learning hours प्रकाशित करता है, जो CEFR से जुड़े हैं: A2 पर लगभग 95 घंटे, B1 और B2 पर 180, और C1 पर 200, और ये हर स्तर के अपने घंटे हैं। ये निर्देशित पढ़ाई के घंटे हैं, इसलिए हफ़्ते में दो क्लास इस हिसाब का एक हिस्सा है और क्लास के बीच आप क्या करते हैं वह बड़ा हिस्सा। पहला दिखने वाला बदलाव, यानी लंबे ठहराव के बिना जवाब देना, किसी भी स्तर से काफ़ी पहले आ जाता है।
स्कूल का विद्यार्थी अंग्रेज़ी अच्छी पढ़ लेता है पर क्लास में चुप रह जाता है, क्या यह उसके लिए है?
आम तौर पर हाँ, और यह जानना मदद करता है कि स्कूल भी यही हुनर माँग रहा है। CBSE ने सत्र 2026-27 में कक्षा 10 की English के internal assessment में सुनने और बोलने को पाँच अंक दिए हैं, और जो मानदंड वह प्रकाशित करता है वे हैं interactive competence, fluency, pronunciation और language। वन-टू-वन पढ़ाते ट्यूटर ठीक इन्हीं की रिहर्सल करा सकते हैं: अपनी बारी लेना, विषय पर टिके रहना और एक बराबर रफ़्तार से बोलना। छोटे बच्चों के साथ क्लास आम तौर पर उन्हीं चीज़ों पर बनती है जिनमें बच्चे की पहले से दिलचस्पी है, क्योंकि चुप बच्चे को नियम से पहले बोलने की कोई वजह चाहिए होती है।
मैंने हिंदी माध्यम से पढ़ाई की है और कॉलेज अंग्रेज़ी में है, क्या इससे मदद मिलेगी?
देश के सबसे बड़े समूहों में से एक यही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के पैरा 4.11 के अनुसार, जहाँ संभव हो, कम से कम कक्षा 5 तक पढ़ाई घर या क्षेत्र की भाषा में होनी चाहिए, और शिक्षा मंत्रालय के अनुसार UDISE+ 2020-21 में कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाई 28 भाषाओं में चल रही थी। उच्च शिक्षा फिर अंग्रेज़ी में मुड़ जाती है, और यह मोड़ एक ही साल में आ जाता है। ऐसे विद्यार्थियों की क्लास लेक्चर और सेमिनार से शुरू होती है: पूरी रफ़्तार पर पढ़ाने वाले को पकड़ना, अंग्रेज़ी में नोट्स लेना, और अपना ही विषय ज़ोर से बोलकर बताना, जो आम तौर पर वह हिस्सा है जिसका अभ्यास कभी हुआ ही नहीं।
पहली क्लास में असल में होता क्या है?
ज़्यादातर बातचीत, ताकि ट्यूटर सुन सकें कि आप कहाँ हैं। अपने काम या पढ़ाई पर साधारण सवाल, किसी ऐसी चीज़ पर एक लंबा जवाब जिसे आप अच्छी तरह जानते हैं, और थोड़ा-सा सुनना। अंत तक ट्यूटर आपको मोटे तौर पर बता पाएँ कि आप CEFR के किस स्तर के आसपास हैं और पहला महीना किस पर चलेगा। उस ट्यूटर के साथ आप आगे तभी बढ़ते हैं जब वह घंटा आपको ठीक लगे, और तब या महीनों बाद ट्यूटर बदलना हो तो उसका कोई शुल्क नहीं लगता।
स्पोकन इंग्लिश क्लास और IELTS की तैयारी एक ही चीज़ है क्या?
दोनों एक-दूसरे से मिलते हैं और उनका मक़सद अलग है। IELTS Speaking एक परीक्षा का प्रारूप है: तीन हिस्से, परीक्षक के साथ 11 से 14 मिनट, Part 2 में एक task card जिस पर तैयारी के लिए एक मिनट और बोलने के लिए क़रीब दो मिनट मिलते हैं, और चार मानदंड जिन पर परीक्षक अंक देते हैं, यानी fluency and coherence, lexical resource, grammatical range and accuracy और pronunciation। ये ब्यौरे आधिकारिक IELTS वेबसाइट से हैं। स्पोकन इंग्लिश क्लास में न परीक्षक होता है, न बैंड, न तय हिस्से। वह नीचे की बोलने की क़ाबिलियत पर काम करती है, और बहुत से विद्यार्थी परीक्षा का कोर्स शुरू करने से पहले यही करते हैं। अगर आपकी परीक्षा की तारीख़ तय है और बैंड का लक्ष्य भी, तो सीधे IELTS का कोर्स माँगिए।
क्या ट्यूटर मेरा लहजा बदलने की कोशिश करेंगे?
नहीं। भारतीय अंग्रेज़ी अपने आप में अंग्रेज़ी का एक रूप है, और उसे बोलने वाले दुनिया भर में समझे जाते हैं। ट्यूटर उन गिनी-चुनी ध्वनियों पर काम करते हैं जिनकी वजह से दो अलग शब्द सुनने वाले तक एक ही शब्द बनकर पहुँचते हैं, उन अंतों पर जो काल और बहुवचन बताते हैं, और इस पर कि लंबे शब्द में ज़ोर कहाँ पड़ता है। दोबारा पूछे जाने की वजह यही चीज़ें बनती हैं। आपकी आवाज़ का बाक़ी हिस्सा आपका ही रहता है।
English bolne me jhijhak hoti hai, kya ye class kaam karegi?
हाँ, और शुरुआत का सबसे आम बिंदु यही है। पहली कुछ क्लास क्लास से ज़्यादा बोलने पर मजबूर किए जाने जैसी लगेंगी: पहले छोटे जवाब, फिर लंबे, और ट्यूटर आपको बोलने देते हुए किनारे लिखते जाएँगे कि क्या सुधारना है। जब कोई वाक्य आने से मना कर दे तो आप उसे हिंदी में कह सकते हैं, और ट्यूटर उसे अंग्रेज़ी में आपको लौटा देंगे। यहाँ कोई अंक नहीं दे रहा, और कमरे में कोई और नहीं बैठा जो आपकी ग़लती सुन ले।
क्लास घर पर ही होनी चाहिए या ऑनलाइन भी हो सकती है?
दोनों में से कुछ भी। घर की क्लास उन लोगों को सुहाती है जो चाहते हैं कि कोई मेज़ के आर-पार बैठा हो और जिन्हें स्क्रीन के सामने झिझक होती है। ऑनलाइन उनके काम की है जिनका खाली घंटा सुबह छह या रात दस बजे निकलता है, जिनके इलाक़े में सही ट्यूटर आने-जाने की दूरी से बाहर हैं, और जिन्हें वैसे भी वीडियो कॉल पर अंग्रेज़ी बोलनी है, क्योंकि तब प्रैक्टिस उसी माध्यम पर होती है जहाँ असली काम होता है। आप एक से शुरू करके ट्यूटर को बताकर दूसरे पर जा सकते हैं।
पूरी गाइड

अंग्रेज़ी बोलना सीखने की लंबी गाइड

  1. पहले यह देखिए कि आप इस वक़्त कहाँ खड़े हैं

    शुरुआत इससे कीजिए कि आप क्या-क्या कर लेते हैं, क्योंकि CEFR इसी तरह लिखा गया है। यूरोपीय आयोग का Europass स्व-मूल्यांकन ग्रिड हर स्तर को पहले पुरुष में रखता है। A2 पर आप जाने-पहचाने विषयों पर सीधी-सादी जानकारी के आदान-प्रदान वाले रोज़मर्रा के कामों में बात कर लेते हैं। B1 पर उस इलाक़े में घूमते हुए आने वाली ज़्यादातर स्थितियाँ सँभाल लेते हैं जहाँ वह भाषा बोली जाती है। B2 पर आपकी बातचीत में इतनी रवानी और सहजता आ जाती है कि धाराप्रवाह बोलने वालों के साथ नियमित बातचीत आराम से हो जाए। C1 पर आप शब्द ढूँढ़ने में ख़ास रुके बिना अपनी बात रवानी से रख लेते हैं।

    इन चारों को ज़ोर से पढ़िए, और इनमें से एक अच्छे दिन के आपके अपने ब्यौरे जैसा लगेगा। वही आपका स्तर है, और उससे अगला आपका लक्ष्य। भारत में स्पोकन इंग्लिश क्लास तक पहुँचने वाले ज़्यादातर लोग बोलने में ख़ुद को A2 या B1 के आसपास रखते हैं और पढ़ने में उससे काफ़ी ऊपर। इन्हीं दो अंकों के बीच की दूरी पाटने के लिए ये क्लास होती हैं।

    काम के टिप्स

    1. सुनने और बोलने को अलग-अलग आँकिए। ज़्यादातर लोग पढ़ने में अपने अंदाज़े से एक स्तर ऊपर और बोलने में एक स्तर नीचे निकलते हैं।
    2. किसी सवाल का दो मिनट का जवाब रिकॉर्ड कीजिए और उसे हफ़्ते भर बाद सुनिए। यह असहज है, और सबसे तेज़ जाँच भी यही है।
    3. अपने से अगले स्तर को लक्ष्य बनाइए, और C2 को फ़िलहाल बातचीत से बाहर रखिए।
    4. ट्यूटर को यह बताइए कि आप किस स्थिति में फँस रहे हैं। स्तर एक ब्यौरा है, और स्थिति वह चीज़ है जिसकी क्लास में रिहर्सल हो सकती है।
  2. बैच, ऐप और ट्यूटर में से चुनना

    प्राइवेट ट्यूशनट्यूटर के साथ तय
    घंटे का ज़्यादातर हिस्सा आप बोलते हैं
    ट्यूटर आपका चेहरा देखते हैं, और झिझक सबसे पहले वहीं दिखती है
    क्लास आपके अपने हफ़्ते पर बनती है
    यह इस पर टिका है कि ट्यूटर आपके इलाक़े की पहुँच में रहते हों
    घर पर एक तय घंटा खाली रखना पड़ता है
    कोचिंग सेंटरसंस्थान तय करता है
    समय-सारणी कोई और सँभालता है
    कमरे में बोलने के लिए दूसरे विद्यार्थी मौजूद रहते हैं
    बैच बड़ा होते ही हर विद्यार्थी के बोलने के मिनट घट जाते हैं
    सिलेबस बैच के किसी भी विद्यार्थी को जानने से पहले लिख दिया जाता है
    ऑनलाइन ट्यूशनट्यूटर के साथ तय
    दोनों तरफ़ आना-जाना नहीं, इसलिए अजीब घंटे भी चल जाते हैं
    प्रैक्टिस वीडियो पर होती है, जहाँ दफ़्तर की अंग्रेज़ी रहती है
    किसी भी शहर के ट्यूटर आपको पढ़ा सकते हैं
    कनेक्शन कमज़ोर हो तो जिस चीज़ की प्रैक्टिस हो रही है वही टूट जाती है
    कुछ विद्यार्थियों को कैमरे के सामने मेज़ के आर-पार से ज़्यादा झिझक होती है

    चुनाव आख़िर में बोलने के मिनटों पर आकर टिकता है। हिसाब लगाइए कि तीनों में से हर एक में घंटे के कितने मिनट आप ख़ुद बोलेंगे, और फ़ैसला अपने आप हो जाता है। ऐप क्लास के बीच सुनने के लिए अच्छी चौथी चीज़ है, और बोलने के लिए कमज़ोर पहली चीज़।

  3. पहले तीन महीने आम तौर पर कैसे बीतते हैं

    पहला महीना ज़्यादातर कान और हिम्मत का है। क्लास जान-बूझकर दोहराव भरी लगती है: थोड़ा सुनना, छोटे जवाब जिन्हें हर बार ज़रा और खींचा जाता है, और सुधार जो आपकी बारी ख़त्म होने तक रोके रहते हैं। इस महीने जो बदलाव दिखता है वह यह है कि जवाब से पहले का ठहराव छोटा होने लगता है।

    दूसरा महीना लंबाई की तरफ़ बढ़ता है। दो मिनट के जवाब, किसी प्रक्रिया को चरण दर चरण समझाना, किसी घटना को क्रम से सुनाना। यहीं ज़्यादातर विद्यार्थियों का सामना स्कूल की अंग्रेज़ी की बनाई दीवार से होता है, जिसने छोटा सही जवाब सिखाया और इससे लंबा कुछ कभी माँगा ही नहीं। और यहीं से सुधार आसपास के लोगों को भी दिखने लगता है।

    तीसरा महीना रिहर्सल का है। जिस चीज़ में आपको सचमुच जाना है, इंटरव्यू, वाइवा, ग्राहक की कॉल या standup, उसे ट्यूटर के साथ दोहराया जाता है और ट्यूटर सामने वाले की भूमिका निभाते हैं। तब तक ग्रामर के सुधार सिमटकर आपकी अपनी बार-बार दोहराई जाने वाली ग़लतियों की छोटी सूची रह जाते हैं, जिससे घंटा स्थिति के लिए खाली बच जाता है।

    आम ग़लतियाँ और उनका हल

    यह इंतज़ार करना कि अंग्रेज़ी अच्छी हो जाए, तब किसी से बोलेंगे।
    बोलना ही ट्रेनिंग है, इसलिए उसे तभी शुरू करना पड़ता है जब वह कच्चा है। एक नियम बना लीजिए कि दिन का एक साधारण लेन-देन अंग्रेज़ी में होगा: दुकान, कोई सहकर्मी, या ऑटो वाला।
    लंबी शब्द-सूचियाँ रटना और उनमें से कोई शब्द कभी ज़ोर से न बोलना।
    हफ़्ते में पाँच शब्द लीजिए और हर एक को क्लास में अपनी ज़िंदगी के किसी वाक्य में इस्तेमाल कीजिए। जो शब्द आपने तीन बार बोला है वह आपका हो गया। जो पचास बार पढ़ा है वह अब भी किताब का है।
    लहजे को समस्या मानना और ध्वनियों को मामूली बात।
    काम उन गिनी-चुनी ध्वनियों पर कीजिए जिनकी वजह से दो शब्द सुनने वाले तक एक जैसे पहुँचते हैं, और शब्दों के अंत पर। दोबारा पूछा जाना इन्हीं से तय होता है। लहजा रुकावट कभी था ही नहीं।
    हर ग़लती पर, उसी वक़्त टोके जाने की माँग करना।
    ट्यूटर से कहिए कि सुधार आपकी बारी ख़त्म होने तक रोक रखें और एक बार में तीन दें। लगातार टोकना मुँह को रुकना सिखा देता है, जो उसी हुनर के ख़िलाफ़ जाता है जिसे बनाया जा रहा है।

एक घंटे की बातचीत से शुरू कीजिए

बताइए कि अंग्रेज़ी आपको किस क्लास या किस स्थिति के लिए चाहिए, घर पर या ऑनलाइन, और हम ठीक वही पढ़ाने वाले ट्यूटर की तलाश करेंगे। ट्यूटर किसी भी पड़ाव पर मुफ़्त बदलता है।

  • एक ट्यूटर, एक विद्यार्थी
  • घर पर या वीडियो कॉल पर
  • किसी भी समय ट्यूटर मुफ़्त बदलें
  • दाख़िले पर तय, एक बिल