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CUET-UG, NTA द्वारा

CUET की तैयारी, उन्हीं पेपर की जो आपने चुने हैं

CUET की तैयारी के लिए Edutara के पास हज़ारों विषय ट्यूटर हैं, घर पर या ऑनलाइन। CUET-UG में पाँच तक अलग-अलग पेपर होते हैं, हर एक 60 मिनट का, और हर ग़लत जवाब पर एक अंक कटता है। ट्यूटर आपके साथ एक-एक पेपर लेकर चलता है।

लाइब्रेरी की मेज़ पर खुली किताबों से दोहराई करती सीनियर कक्षा की विद्यार्थी

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पूरी गाइड

क्या है

CUET-UG

CUET-UG वह साझा प्रवेश परीक्षा है जिसे National Testing Agency केंद्रीय विश्वविद्यालयों और दूसरे भाग लेने वाले विश्वविद्यालयों में ग्रेजुएशन में दाख़िले के लिए कराती है। यह पूरी तरह कंप्यूटर पर होती है और 13 भारतीय भाषाओं में मिलती है। 2026 के चक्र में NTA ने 37 पेपर रखे थे: 13 भाषाएँ, 23 डोमेन विषय और एक General Aptitude Test, जिनमें से एक उम्मीदवार पाँच तक चुन सकता था। हर पेपर का ढाँचा एक जैसा है: 60 मिनट में 50 अनिवार्य प्रश्न, सही जवाब पर पाँच अंक और ग़लत जवाब पर एक अंक की कटौती।

मुख्य बातें

  1. परीक्षा कंप्यूटर पर ही होती है, और प्रश्नपत्र अंग्रेज़ी के साथ आपकी चुनी हुई भाषा में भी आता है
  2. 2026 के चक्र में पाँच तक पेपर, कक्षा 12 में लिए गए विषयों से अलग भी चुने जा सकते थे
  3. हर पेपर में 50 प्रश्न और 60 मिनट, सभी अनिवार्य, इसलिए छोड़ा हुआ अध्याय बचकर नहीं निकलता
  4. सही जवाब पर पाँच अंक, ग़लत पर एक अंक की कटौती, और छोड़े हुए प्रश्न पर कुछ नहीं
  5. जिस विषय की परीक्षा कई शिफ़्ट में होती है, उसके अंक equi-percentile तरीक़े से NTA स्कोर में बदलते हैं
  6. मेरिट सूची और काउंसलिंग हर विश्वविद्यालय अपनी करता है; NTA परीक्षा कराती है और स्कोर घोषित करती है
पढ़ाई के तरीके

CUET-UG की क्लास दो तरह से चल सकती है

काम दोनों में वही पेपर होते हैं। उम्मीदवार वह तरीक़ा चुनता है जो उसके आने-जाने, समय-सारणी और पढ़ाई की मेज़ के हिसाब से बैठ जाए।

  1. अवधि: आमतौर पर 60 से 90 मिनट, ट्यूटर से तय

    घर पर CUET-UG ट्यूशन

    ट्यूटर आपके घर आता है और वही पेपर पढ़ाता है जिनके लिए आपने फ़ॉर्म भरा है। आपकी अपनी किताबें, आपके नोट्स और आपके हल किए हुए मॉक पेपर सामने रहते हैं। जिनकी पढ़ाई की मेज़, लैपटॉप और घर की दिनचर्या पहले से एक जगह जमी है, उनके लिए यह सुविधाजनक रहता है।

    • उसी मेज़ पर समय देखकर अभ्यास, जहाँ असल पढ़ाई होती है
    • डोमेन विषय और General Test एक ही हफ़्ते में
    • पेपर की पसंद को मनचाहे कोर्स की पात्रता के साथ मिलाकर देखना
  2. अवधि: आमतौर पर 60 मिनट, ट्यूटर से तय

    ऑनलाइन CUET-UG ट्यूशन

    क्लास वीडियो कॉल पर स्क्रीन साझा करके चलती है, और यह इस परीक्षा से मेल खाता है, क्योंकि पेपर भी कंप्यूटर पर ही देना होता है। छोटे शहर का विद्यार्थी ऐसे ट्यूटर से पढ़ सकता है जो वह डोमेन विषय कक्षा 12 की गहराई तक पढ़ाता हो।

    • मॉक पेपर स्क्रीन पर, जैसे असली परीक्षा में देना है
    • ग़लत हुए प्रश्न उसी बैठक में खोलकर देखना
    • इंटरनेट ठीक हो तो भारत में कहीं भी पहुँच
पढ़ाई का रोडमैप

CUET-UG का एक साल, चरण दर चरण

2026 के चक्र में परीक्षा मई में पड़ी थी, यानी कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा के बाद बहुत थोड़ा समय बचा। तैयारी की योजना आमतौर पर उसी तारीख़ से पीछे की ओर बनती है।

  1. पेपर चुनने का समय

    फ़ॉर्म बंद होने से पहले

    2026 के चक्र के लिए NTA ने ऑनलाइन आवेदन 3 से 30 जनवरी 2026 तक खुला रखा था। पाँच तक पेपर उसी फ़ॉर्म पर चुने जाते हैं और फ़ीस भी पेपरों की संख्या से तय होती है, इसलिए यह फ़ैसला जमा करने से पहले ठहरकर पढ़ा जाता है।

    विषय

    भाषा का पेपरडोमेन विषयGeneral Aptitude Test

    किन बातों पर ज़ोर

    • मनचाहे कोर्स के लिए विश्वविद्यालय की पात्रता पढ़ना
    • उसी सूची से पीछे चलकर पेपर तय करना
  2. कक्षा 12 का सत्र

    स्कूल का काम और CUET साथ-साथ

    डोमेन पेपर कक्षा 12 के सिलेबस पर ही टिके हैं, इसलिए स्कूल का ज़्यादातर साल अपने आप काम आता है। अलग से समय दो चीज़ें माँगती हैं: General Aptitude Test, जो किसी बोर्ड कोर्स में आता ही नहीं, और घड़ी देखकर एक पंक्ति में जवाब देने की आदत।

    विषय

    डोमेन विषयGeneral Aptitude Test

    किन बातों पर ज़ोर

    • हर हफ़्ते एक घंटा रीज़निंग और करंट अफ़ेयर्स को
    • अध्याय की पुनरावृत्ति को एक-पंक्ति याद में बदलना
    • बीस प्रश्नों के छोटे-छोटे समयबद्ध सेट
  3. बोर्ड के पेपर ख़त्म होने के बाद

    वे हफ़्ते जो स्कोर तय करते हैं

    बोर्ड निपटने तक सिलेबस पढ़ा जा चुका होता है और काम रूप और रफ़्तार का रह जाता है। यही वह समय है जब ट्यूटर विद्यार्थी को अध्याय पढ़ने से उठाकर उसी अध्याय से 50 प्रश्न हल करने पर ले आता है।

    विषय

    डोमेन विषयभाषा का पेपर

    किन बातों पर ज़ोर

    • जिस क्रम से पेपर पड़ रहे हैं, उसी क्रम में पुनरावृत्ति
    • मॉक में पकड़े गए कमज़ोर अध्याय दोबारा खड़े करना
  4. पूरे मॉक पेपर

    एक बार में 60 मिनट

    मॉक एक ही बैठक में, स्क्रीन पर, और कुछ भी खुला रखे बिना दिया जाता है। असली काम उसके बाद है: कौन से अंक जानकारी की कमी से गए, कौन से प्रश्न ग़लत पढ़ने से, और कौन से उस अंदाज़े से जो लगाना ही नहीं चाहिए था।

    विषय

    फ़ॉर्म पर दर्ज हर पेपर

    किन बातों पर ज़ोर

    • एक बैठक में एक पेपर, उसी समय पर जब असली स्लॉट है
    • अगला मॉक देने से पहले ग़लत जवाब छाँटना
इस विषय का सिलेबस

CUET-UG का ट्यूटर क्या-क्या पढ़ाता है

दो उम्मीदवारों के पेपर एक जैसे कम ही होते हैं, इसलिए योजना आपके अपने कन्फ़र्मेशन पेज पर छपे पेपरों से बनती है।

इस पेज के तथ्य NTA के CUET (UG) 2026 इन्फ़ॉर्मेशन बुलेटिन और 2026 के सिलेबस से हैं। 2027 चक्र का सिलेबस और कार्यक्रम NTA ही घोषित करती है।

मॉड्यूल 01

भाषा का पेपर, अंग्रेज़ी का कोड 101

प्रकाशित सिलेबस पढ़ने और भाषा के इस्तेमाल पर है। गद्यांश ज़्यादा से ज़्यादा 300 शब्दों के होते हैं और तीन तरह के रहते हैं: तथ्यात्मक, कथात्मक और साहित्यिक। स्कूल के कोर्स के साहित्य वाले अध्याय यहाँ आते ही नहीं।

शामिल टॉपिक

  • तथ्यात्मक, कथात्मक और साहित्यिक गद्यांशों की समझ
  • गद्यांश के हिस्सों को क्रम में लगाना
  • सही शब्द चुनना
  • पर्यायवाची और विलोम
  • मिलान वाले प्रश्न
यह किसके लिए है

CUET-UG कौन देता है

2026 के बुलेटिन के अनुसार जो कक्षा 12 पास कर चुके हैं या 2026 में दे रहे थे, वे परीक्षा में बैठ सकते थे, और NTA ने अपनी ओर से कोई आयु सीमा नहीं रखी।

बोर्ड के मौसम में बैठा कक्षा 12 का विद्यार्थी

बोर्ड और CUET-UG कुछ ही हफ़्तों के अंतर पर आते हैं और डोमेन का सिलेबस दोनों में काम आता है। मुश्किल जवाब के रूप में है: बोर्ड में लिखकर, CUET-UG में एक विकल्प चुनकर, और विकल्प ग़लत हुआ तो एक अंक कटकर।

सुझाव:

डोमेन विषय बोर्ड के सिलेबस के साथ-साथहर हफ़्ते General Test का एक घंटा

दोबारा परीक्षा देने वाला उम्मीदवार

जो एक बार बैठ चुका है, वह ढाँचा जानता है और अक्सर पेपर के हिसाब से यह भी जानता है कि अंक कहाँ गए। तब ट्यूशन उसी स्कोरकार्ड से शुरू होती है: किस पेपर में नुक़सान हुआ, और वजह जानकारी थी, रफ़्तार थी या अंदाज़े की आदत।

सुझाव:

पिछली बार के प्रदर्शन को पेपरवार पढ़नापहले महीने से पूरे मॉक

कक्षा 12 से बाहर का विषय चुनने वाला विद्यार्थी

NTA पेपर कक्षा 12 के विषयों से अलग भी चुनने देती है, इसलिए मानविकी का विद्यार्थी Economics का पेपर ले सकता है और विज्ञान का विद्यार्थी Mass Media का। विषय फिर भी कक्षा 12 की गहराई तक शुरू से पढ़ना पड़ता है।

सुझाव:

फ़ॉर्म भरने से पहले विश्वविद्यालय की पात्रतानए विषय की NCERT की नींव, पहले अध्याय से

अंग्रेज़ी के अलावा किसी भाषा में लिखने वाला उम्मीदवार

प्रश्नपत्र अंग्रेज़ी में और आपकी चुनी हुई भाषा में, दोनों में आता है, और बुलेटिन कहता है कि दोनों में फ़र्क़ दिखे तो अंग्रेज़ी वाला मान्य होगा। उसी माध्यम में पढ़ाने वाला ट्यूटर अभ्यास के समय दोनों शब्दावलियाँ सामने रख सकता है।

सुझाव:

चुने हुए माध्यम में ही अभ्यासपारिभाषिक शब्द दोनों रूपों में
यह स्कोर कहाँ-कहाँ चलता है

एक स्कोर, और उसके पीछे के विश्वविद्यालय

NTA परीक्षा कराती है और स्कोर घोषित करती है। उसके बाद हर विश्वविद्यालय उसी स्कोर पर, अपने नियमों से, अपना दाख़िला चलाता है।

CUET पोर्टल पर भाग लेने वाली संस्थाएँ पाँच शीर्षकों में बँटी हैं: केंद्रीय विश्वविद्यालय, राज्य विश्वविद्यालय, डीम्ड विश्वविद्यालय, निजी विश्वविद्यालय और अन्य सरकारी संस्थान। 2026 के बुलेटिन में 3 जनवरी 2026 की स्थिति के 48 केंद्रीय विश्वविद्यालय छपे थे, और बड़ी सूची को NTA बदलती रहने वाली बताती है।

केंद्रीय विश्वविद्यालय

वह सूची जो बुलेटिन में पूरी छपती है

यह रास्ता कैसे काम करता है

ये संसद के अधिनियम से बने विश्वविद्यालय हैं और इनके नाम बुलेटिन में परिशिष्ट के रूप में दिए रहते हैं। Aligarh Muslim University, Banaras Hindu University, Jamia Millia Islamia, Jawaharlal Nehru University, University of Delhi और University of Hyderabad, सभी 2026 की उसी सूची में हैं।

किसके लिए उपयुक्त

वह उम्मीदवार जो कई राज्यों में आवेदन करना चाहता है, क्योंकि एक स्कोर सब तक पहुँचता है

राज्य सरकार के विश्वविद्यालय

उसी स्कोर पर घर के पास दाख़िला

यह रास्ता कैसे काम करता है

राज्यों के बहुत से विश्वविद्यालय अब अपने ग्रेजुएशन कोर्स के लिए CUET-UG स्कोर लेते हैं। वे पोर्टल पर अपने अलग शीर्षक के नीचे मिलते हैं, और हर एक अपना कोर्स, अपनी पात्रता और अपनी काउंसलिंग की तारीख़ें ख़ुद छापता है।

किसके लिए उपयुक्त

वह उम्मीदवार जो दूसरी प्रवेश परीक्षा दिए बिना अपने राज्य में पढ़ना चाहता है

डीम्ड और निजी विश्वविद्यालय

उसी पोर्टल पर अलग सूची

यह रास्ता कैसे काम करता है

डीम्ड और निजी विश्वविद्यालय भाग लेने वाली सूची के दो और शीर्षक हैं। इनके कोर्स और कट-ऑफ़ हर संस्था अपने हिसाब से तय करती है, यानी स्कोर दरवाज़ा खोलता है और आगे का फ़ैसला विश्वविद्यालय के अपने मानदंड करते हैं।

किसके लिए उपयुक्त

वह उम्मीदवार जो निजी और केंद्रीय विश्वविद्यालय को तौलकर देख रहा है

अन्य सरकारी संस्थान

वह शीर्षक जो अक्सर छूट जाता है

यह रास्ता कैसे काम करता है

पोर्टल पर पाँचवाँ समूह उन दूसरे सरकारी संस्थानों का है जो इसी स्कोर पर दाख़िला देते हैं। इसे खोलकर देखना काम आता है, क्योंकि कई बार जिस कोर्स के लिए अलग परीक्षा मान ली जाती है, वह इसी सूची में बैठा मिलता है।

किसके लिए उपयुक्त

वह उम्मीदवार जो देखना चाहता है कि एक स्कोर कितनी जगह तक जाता है

पेपर तीन तरह के होते हैं

तीनों में से कोई भी हो, पेपर की लंबाई और अंक एक जैसे रहते हैं।

भाषा का पेपर

13 भाषाओं में से एक, 50 प्रश्न
  • तथ्यात्मक, कथात्मक और साहित्यिक गद्यांशों की समझ
  • भाषा की पकड़ और सही शब्द का चुनाव
  • 300 शब्दों का गद्यांश तेज़ी से पढ़ पाना

तैयारी का टिप: अभ्यास ऐसे गद्यांशों पर कीजिए जो पहले कभी न पढ़े हों। लंबाई सिलेबस में बँधी है, इसलिए परखा यही जाता है कि पन्ने पर मौजूद जवाब आप कितनी जल्दी ढूँढ़ लेते हैं।

डोमेन विषय

23 विषयों में से एक, 50 प्रश्न
  • विषय पर कक्षा 12 की गहराई
  • परिभाषा, मात्रक और अपवाद की एक-पंक्ति याद
  • कैलकुलेटर के बिना हिसाब

तैयारी का टिप: हर अध्याय दो बार पढ़िए: एक बार समझने के लिए, और एक बार उन सपाट तथ्यों के लिए जिनसे एक विकल्प वाला प्रश्न बनाया जा सकता है।

General Aptitude Test

एक पेपर, 50 प्रश्न, 250 अंक
  • परीक्षा से पहले के महीनों के करंट अफ़ेयर्स
  • अंकगणित, बीजगणित, ज्यामिति, क्षेत्रमिति और सांख्यिकी
  • तार्किक और विश्लेषणात्मक रीज़निंग
  • सामान्य विज्ञान और पर्यावरण की समझ

तैयारी का टिप: इसे कक्षा 11 में या कक्षा 12 की शुरुआत में ही पकड़ लीजिए। करंट अफ़ेयर्स महीनों में जमा होते हैं, और अप्रैल के तीन हफ़्ते उसमें बहुत कम जोड़ पाते हैं।

स्कोर एक ही शैक्षणिक वर्ष के लिए

2026 के बुलेटिन में लिखा है कि उस चक्र का NTA स्कोर शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के दाख़िले के लिए ही मान्य है, और परीक्षा में बैठ जाने से कहीं दाख़िले का अधिकार नहीं बन जाता। चयन विश्वविद्यालय की पात्रता, उसकी मेरिट सूची और उसके दस्तावेज़ सत्यापन पर टिका रहता है।

पढ़ाई की सामग्री की एक झलक

CUET-UG की क्लास का एक हल किया हुआ पन्ना

अंकों का हिसाब तय करता है कि कितने प्रश्नों पर अंदाज़ा लगाना फ़ायदे का है। पहले हफ़्ते में ट्यूटर यही अभ्यास काग़ज़ पर कराता है।

एक पेपर, शुद्ध अंकों का अभ्यास

एक पेपर किन चीज़ों से बना है

50 प्रश्न60 मिनट250 अंक
सही +5ग़लत -1छोड़ा 0
72 सेकंड प्रति प्रश्नसभी 50 अनिवार्यदूसरा सेक्शन कोई नहीं

शुद्ध अंक निकालना

  1. 40 सही5 ग़लत5 छोड़े250 में से 195
  2. 40 सही5 ग़लत5 अंदाज़े, 2 सही250 में से 202
  3. सही +5ग़लत -1छह में से एक से ऊपर हो तो जवाब देना ठीक

General Test जिस तरह का प्रश्न पूछता है

एक रेलगाड़ी पहले 3 घंटे में 180 किलोमीटर और अगले 2 घंटे में 200 किलोमीटर चलती है।

सवाल: पूरी यात्रा में उसकी औसत चाल क्या रही?

जवाब: 5 घंटे में 380 किलोमीटर, यानी 76 किलोमीटर प्रति घंटा। फँसाने वाली बात यह है कि 60 और 100 का औसत लेकर 80 निकाल लिया जाए, जिसमें घंटों का अंतर छूट जाता है।

यह नमूना इसी पेज के लिए लिखा गया है। असली CUET-UG पेपर का कोई प्रश्न इस साइट पर कहीं नहीं छापा जाता।

CUET-UG में अंक कहाँ फिसलते हैं

पाँच जगहें जहाँ उम्मीदवार अंक गँवाते हैं

ये सब पेपर के ढाँचे से निकलती हैं, इसीलिए हर चक्र में लगभग उन्हीं हफ़्तों में लौटकर दिखती हैं।

चुनौती

आधे-अधूरे याद किए नियम के भरोसे जवाब दे देना

एक आम अड़चन

असली वजह

बोर्ड में ग़लत जवाब की कोई क़ीमत नहीं लगती, इसलिए बारह साल की पढ़ाई में प्रश्न छोड़ना कभी सिखाया ही नहीं जाता। पाँच अंक के सामने एक अंक की कटौती हल्की है और चार विकल्पों में अंधा अंदाज़ा भी घाटे का नहीं पड़ता। घाटा वहाँ होता है जहाँ विद्यार्थी पूरे भरोसे के साथ ग़लत होता है, क्योंकि उलझा हुआ सूत्र या मिल-जुल गई परिभाषा उसे ठीक उसी विकल्प तक ले जाती है जो परीक्षक ने इसी ग़लती के लिए रखा था।

क्या मदद करता है

ट्यूटर मॉक जाँचकर ग़लत जवाबों को दो हिस्सों में बाँटता है: जिन पर विद्यार्थी को संदेह था, और जिन पर उसे भरोसा था। असल काम दूसरे हिस्से पर है, क्योंकि कटौती बार-बार वहीं से आती है, और हर ऐसे जवाब के पीछे की ग़लतफ़हमी खोजकर ठीक की जाती है।

चुनौती

डोमेन विषय की तैयारी सिर्फ़ बोर्ड के नोट्स से

एक आम अड़चन

असली वजह

बोर्ड के जवाब लिखकर दिए जाते हैं, इसलिए पुनरावृत्ति लंबे उत्तरों, चित्रों और शीर्षकों की ओर खिसक जाती है। CUET-UG का प्रश्न एक विकल्प माँगता है और अक्सर NCERT की किसी एक पंक्ति में बैठी परिभाषा, मात्रक, साल या अपवाद पर टिका होता है।

क्या मदद करता है

क्लास में हर अध्याय दो बार चलता है। दूसरी बार वे अनुच्छेद पढ़े जाते हैं जिनसे एक-पंक्ति का प्रश्न बन सकता है, और ट्यूटर उन्हें उसी रूप में पूछता है जब तक याद सपाट और तेज़ न हो जाए।

चुनौती

General Aptitude Test को अप्रैल तक टालते रहना

एक आम अड़चन

असली वजह

यह पेपर न स्कूल पढ़ाता है, न इस पर बोर्ड का नतीजा टिका है, इसलिए यह सूची में नीचे खिसकता जाता है। इसका सिलेबस करंट अफ़ेयर्स और सामान्य विज्ञान से लेकर अंकगणितीय रीज़निंग तक फैला है, और करंट अफ़ेयर्स तीन हफ़्तों में जुटाए नहीं जा सकते।

क्या मदद करता है

कक्षा 12 की शुरुआत से हफ़्ते में एक छोटा स्लॉट: एक घंटा रीज़निंग का अभ्यास और एक चलती हुई करंट अफ़ेयर्स की कॉपी, जिसे ट्यूटर देखता है और उसमें से पूछता है।

चुनौती

विश्वविद्यालय की पात्रता पढ़े बिना पाँच पेपर चुन लेना

एक आम अड़चन

असली वजह

NTA कक्षा 12 के विषयों से अलग पेपर चुनने की छूट देती है, और यह छूट आज़ादी जैसी लगती है। दाख़िले के समय विश्वविद्यालय अपने कोर्स की पात्रता लगाता है, और जो पेपर उस शर्त का जवाब नहीं देता वह उम्मीदवार को कहीं नहीं ले जाता।

क्या मदद करता है

फ़ॉर्म भरने से पहले उम्मीदवार और ट्यूटर विश्वविद्यालय की अपनी साइट पर हर कोर्स की पात्रता खोलकर पढ़ते हैं, और पेपरों की सूची उसी शर्त से पीछे चलकर बनाते हैं।

चुनौती

घड़ी चलाए बिना अभ्यास करना

एक आम अड़चन

असली वजह

60 मिनट में 50 प्रश्न यानी हर प्रश्न के लिए लगभग 72 सेकंड, और जब कोई प्रश्न नहीं खुलता तो खिसकने के लिए दूसरा सेक्शन भी नहीं होता। बिना समय के अभ्यास करने वाला विद्यार्थी इस दीवार से पहली बार परीक्षा हॉल में ही टकराता है।

क्या मदद करता है

पहले हफ़्ते से अभ्यास घड़ी के साथ, स्क्रीन पर, 60 मिनट के हिस्सों में होता है, ताकि अड़े हुए प्रश्न को छोड़कर आगे बढ़ना मई से पहले ही आदत बन जाए।

इनसे यह पता नहीं चलता कि उम्मीदवार को विषय कितना आता है। पेपर विषय को उस रूप में माँगता है जिसका अभ्यास स्कूल के साल में कम ही होता है।

यह कैसे काम करता है

CUET-UG की ट्यूशन कैसे तय होती है

आपके कन्फ़र्मेशन पेज के पेपर ही तय करते हैं कि आपके लिए अच्छा ट्यूटर कौन है, इसलिए पहली बात उसी सूची पर होती है।

  1. 01

    पेपर बताइए

    आप बताइए कि किन पेपरों के लिए फ़ॉर्म भरा है, परीक्षा किस भाषा में लिखेंगे, आप किस शहर में हैं, और क्लास घर पर चाहिए या ऑनलाइन।

  2. 02

    हम उन्हीं पेपरों का ट्यूटर खोजते हैं

    ऐसा व्यक्ति जो वह डोमेन विषय कक्षा 12 की गहराई तक जानता हो और General Test के प्रश्न पूछने के तरीक़े पर काम कर चुका हो। एक विद्यार्थी, एक ट्यूटर, और वही पेपर जो आप असल में देने वाले हैं।

  3. 03

    अपने एक पेपर पर ट्यूटर को परखिए

    पहले ही घंटे में आप देख लेते हैं कि ट्यूटर आपके किसी एक पेपर को कैसे सँभालते हैं। आपके पेपरों के लिए कोई दूसरा ट्यूटर बेहतर लगे, तब या बोर्ड परीक्षा के बाद, तो Edutara उसे मुफ़्त खोज देता है।

  4. 04

    क्लास घर पर या ऑनलाइन

    होम ट्यूशन वहाँ, जहाँ आपके पेपरों का ट्यूटर आसपास पढ़ाता हो। ऑनलाइन तब, जब वह डोमेन विषय आसपास कम ट्यूटर इस स्तर पर पढ़ाते हों।

  5. 05

    फ़ीस Edutara तय करता है

    ट्यूशन की फ़ीस Edutara कक्षा, आपकी सूची के पेपरों और शहर के हिसाब से तय करता है, और हर महीने बिल भेजता है। ट्यूटर को भुगतान Edutara करता है, और ट्यूटर Edutara को किसी भी चरण पर कुछ नहीं देते।

CUET-UG के ट्यूटर को क्या आना चाहिए

एक ही मौसम में पाँच पेपर संभालने के लिए ऐसा व्यक्ति चाहिए जिसने यह पेपर हाल में दिया हो, या पूरा एक चक्र पढ़ाया हो।

ट्यूटर में हम क्या देखते हैं
  • उस डोमेन विषय में डिग्री, या ऐसे विश्वविद्यालय में उसकी चल रही पढ़ाई जो CUET-UG से दाख़िला देता है
  • NCERT की उस कक्षा 12 की किताब पर पकड़ जिससे डोमेन पेपर बनता है
  • 50 प्रश्न और 60 मिनट वाले पेपरों तथा कटौती वाली मार्किंग का अभ्यास
  • NTA के General Test सिलेबस की जानकारी, पर्यावरण की समझ वाले हिस्से तक
  • उसी माध्यम में पढ़ाने में सहजता जो उम्मीदवार ने फ़ॉर्म पर चुना है
  • स्कूल में कार्यरत शिक्षक यह काम नहीं ले सकते, निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 28 के कारण

पेपर पढ़ाने का तरीक़ा

एक बैठक, एक पेपर

क्लास एक ही पेपर पर टिकी रहती है, क्योंकि परीक्षा भी एक घंटे का एक ही पेपर है। एक शाम में तीन विषय मिला देने से वह आदत बनती है जो परीक्षा हॉल कभी नहीं माँगता।

NTA का सिलेबस मेज़ पर खुला

हर पेपर का अपना सिलेबस अलग छपता है। क्लास उसी दस्तावेज़ के बिंदुओं के क्रम में चलती है, और स्कूल की अध्याय-सूची वहीं काम आती है जहाँ दोनों मिलते हैं।

मॉक जाँचना, फिर उसे पढ़ना

मॉक का घंटा तभी वसूल होता है जब उसे बाद में पढ़ा जाए। ग़लत जवाब तीन ढेरों में बाँटे जाते हैं: नहीं आता था, आता था पर ग़लत पढ़ा, आता था पर जल्दबाज़ी हुई। हर ढेर पर काम अलग होता है।

सुविधाओं की तुलना

तैयारी के रास्ते तौलकर देखिए

CUET-UG के लिए उम्मीदवार तीन रास्ते तौलते हैं, और वन-टू-वन ट्यूशन उनमें कहाँ खरी उतरती है, कहाँ नहीं।

Edutara
कोचिंग बैच
ख़ुद पढ़ाई

फ़ॉर्म में भरे पेपरों पर बनी योजना

हर मॉक अनुभवी व्यक्ति जाँचकर समझाता है

रफ़्तार आपकी अपनी कमियों से तय

क्लास का समय बोर्ड परीक्षा के हिसाब से

ख़ास

सवाल उठते ही उसका जवाब

रफ़्तार नापने के लिए साथ पढ़ने वाले

घर पर या ऑनलाइन

घर पर या ऑनलाइन

  1. ऑनलाइन ट्यूशन

    भारत में कहीं भी

    ऑनलाइन क्लास इस परीक्षा से मेल खाती है, क्योंकि पेपर वैसे भी कंप्यूटर पर देना है। स्क्रीन साझा होने से ट्यूटर देख पाता है कि उम्मीदवार 50 प्रश्नों में कैसे आगे बढ़ता है और घड़ी कहाँ जाकर फिसलती है।

    मॉक पेपर स्क्रीन पर
    वह डोमेन विषय भी, जो आसपास कोई नहीं पढ़ाता

    टाइम ज़ोन: IST (UTC+5:30)

  2. होम ट्यूशन

    जहाँ आपके पेपरों का ट्यूटर पढ़ाता हो

    होम ट्यूशन वहाँ बनती है जहाँ आपके चुने हुए पेपरों के लिए ट्यूटर मिल जाए। आप शहर और पेपरों की सूची बता दीजिए, खोज वहीं से शुरू होती है।

    उपलब्ध शहर:

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

CUET-UG पर उम्मीदवारों के सवाल

नीचे के जवाब NTA के CUET (UG) 2026 इन्फ़ॉर्मेशन बुलेटिन और 2026 के सिलेबस दस्तावेज़ों पर आधारित हैं।

CUET-UG में कितने विषय लिए जा सकते हैं?
2026 के चक्र में NTA ने ज़्यादा से ज़्यादा पाँच पेपर की छूट दी थी, जिनमें भाषा और General Aptitude Test भी गिने जाते हैं, और इन्हें कक्षा 12 के विषयों से अलग भी चुना जा सकता था। दाख़िला फिर भी विश्वविद्यालय तय करता है, इसलिए सही क्रम यह है कि पहले उसकी अपनी साइट पर मनचाहे कोर्स की पात्रता पढ़ी जाए, फिर वही पाँच पेपर चुने जाएँ जो उस शर्त का जवाब देते हों। 2027 चक्र के नियम NTA अपने इन्फ़ॉर्मेशन बुलेटिन में घोषित करती है।
CUET-UG कब होती है और फ़ॉर्म कब भरे जाते हैं?
2026 के चक्र के लिए NTA ने ऑनलाइन आवेदन 3 से 30 जनवरी 2026 तक खुला रखा और परीक्षा 11 से 31 मई 2026 के बीच कंप्यूटर पर रखी, जिसका नतीजा 23 जून 2026 को घोषित हुआ। 2027 चक्र की तारीख़ें NTA अपनी वेबसाइट cuet.nta.nic.in पर घोषित करती है, और इस पेज पर लिखी किसी तारीख़ को उस चक्र की तारीख़ मानकर न चलें।
General Aptitude Test में क्या-क्या आता है?
NTA के General Test सिलेबस में सामान्य ज्ञान और करंट अफ़ेयर्स, सामान्य मानसिक और संख्यात्मक योग्यता, सरल अंकगणित, बीजगणित, ज्यामिति, क्षेत्रमिति और सांख्यिकी पर टिकी रीज़निंग, तार्किक और विश्लेषणात्मक रीज़निंग, तथा सामान्य विज्ञान और पर्यावरण की समझ गिनाई गई है। इसमें भी 50 प्रश्न और वही 250 अंक होते हैं जो किसी डोमेन पेपर में। स्कूल का कोई विषय इसकी तैयारी नहीं कराता, इसलिए यही पेपर सबसे देर से पकड़ा जाता है और इसी में हर हफ़्ते का थोड़ा काम सबसे साफ़ दिखता है।
जो विषय कक्षा 12 में नहीं लिया, क्या ट्यूटर वह पढ़ा सकता है?
हाँ, और उम्मीदवार ऐसा करते भी हैं, जब कोर्स ऐसा डोमेन पेपर माँगता है जो उनके स्कूल के विषयों में था ही नहीं। पेपर फिर भी उसी विषय के कक्षा 12 वाले स्तर पर रहता है, इसलिए पूरे साल की मेहनत बनती है और जल्दी शुरू करना काम आता है। पहले विश्वविद्यालय की पात्रता पढ़ लीजिए, क्योंकि कुछ कोर्स यह भी माँगते हैं कि वह विषय कक्षा 12 में पढ़ा हुआ हो, और ऐसे में अकेला पेपर आवेदन को आगे नहीं ले जाएगा।
CUET-UG में कौन बैठ सकता है?
2026 के बुलेटिन के अनुसार जिन उम्मीदवारों ने कक्षा 12 या उसके समकक्ष परीक्षा पास कर ली है, या जो 2026 में उसमें बैठ रहे थे, वे परीक्षा दे सकते थे, और NTA ने अपनी ओर से कोई आयु सीमा नहीं रखी। समकक्ष परीक्षाओं की सूची में CBSE और CISCE की कक्षा 12 की परीक्षाएँ, मान्यता प्राप्त बोर्डों की इंटरमीडिएट और प्री-यूनिवर्सिटी परीक्षाएँ, कम से कम पाँच विषयों के साथ NIOS की सीनियर सेकेंडरी परीक्षा और कई अन्य शामिल हैं। उम्र या पास करने के वर्ष से जुड़ी शर्तें विश्वविद्यालय अपनी ओर से फिर भी लगा सकता है।
क्या CUET-UG में निगेटिव मार्किंग होती है?
हाँ। 2026 के बुलेटिन के अनुसार सही जवाब पर पाँच अंक मिलते हैं, ग़लत जवाब पर एक अंक कटता है, और छोड़े हुए प्रश्न पर कुछ नहीं मिलता। एक पेपर में 50 प्रश्न होते हैं, यानी 250 अंक दाँव पर रहते हैं। हिसाब लगाकर देखिए तो यह उतना डरावना नहीं है जितना ज़्यादातर उम्मीदवार मान लेते हैं: सही पर पाँच और ग़लत पर एक के अनुपात में जवाब देना उसी समय से फ़ायदे में आ जाता है जब सही होने की संभावना लगभग छह में से एक से ऊपर हो। अंक असल में वहाँ कटते हैं जहाँ आधा-अधूरा याद किया हुआ नियम आपको पूरे भरोसे के साथ ग़लत विकल्प की ओर खींच ले जाता है, क्योंकि वहाँ संभावना अंधे अंदाज़े से भी नीचे गिर जाती है। ट्यूटर यह हिसाब जाँचे हुए मॉक पर, प्रश्न दर प्रश्न, विद्यार्थी के साथ करता है।
क्या कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा के साथ CUET-UG की तैयारी हो सकती है?
ज़्यादातर उम्मीदवार ऐसे ही करते हैं, और कैलेंडर कोई और रास्ता छोड़ता भी नहीं: बोर्ड के पेपर साल के पहले महीनों में चलते हैं और 2026 के चक्र में CUET-UG मई में आई। डोमेन पेपरों में यह साथ-साथ चलना फ़ायदा देता है, क्योंकि वे कक्षा 12 के सिलेबस पर ही टिके हैं। दो चीज़ें अपना अलग समय माँगती हैं। पहली General Aptitude Test, जो किसी बोर्ड कोर्स में आता ही नहीं। दूसरी, घड़ी के साथ एक-विकल्प वाले प्रश्नों का अभ्यास, जो बोर्ड का पेपर कभी नहीं माँगता। कक्षा 12 की शुरुआत से दोनों के लिए हफ़्ते का एक तय स्लॉट अप्रैल की भागदौड़ से कहीं आसान पड़ता है।
कई शिफ़्ट में परीक्षा हो तो स्कोर कैसे निकलता है?
NTA कच्चे अंकों को equi-percentile तरीक़े से NTA स्कोर में बदलती है, और यह हर उस विषय पर अलग से लगाया जाता है जिसकी परीक्षा एक से ज़्यादा शिफ़्ट में हुई हो। पहले एक शिफ़्ट के भीतर पर्सेंटाइल निकाला जाता है, फिर शिफ़्टों के बीच उन्हें बराबर किया जाता है, ताकि जिन्हें कठिन प्रश्न मिले वे पीछे न रह जाएँ। 2026 का बुलेटिन यह भी कहता है कि उस चक्र का स्कोर शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के दाख़िले तक ही मान्य है, और मेरिट सूची हर विश्वविद्यालय अपनी बनाता है, जिसमें NTA की कोई भूमिका नहीं होती।
CUET की ट्यूशन घर पर हो सकती है क्या?
हाँ। Edutara को अपना शहर बताइए, CUET-UG के कन्फ़र्मेशन पर छपे पेपर बताइए, और यह भी कि क्लास घर पर चाहिए या ऑनलाइन। Edutara फिर उन्हीं पेपरों को पढ़ाने वाला ट्यूटर खोजती है। पहली क्लास में दिख जाता है कि ट्यूटर आपके पेपर कैसे पढ़ाते हैं, और तालमेल जब भी गड़बड़ाए, दूसरा ट्यूटर मुफ़्त मिलता है। इसके बाद Edutara फ़ीस पक्की करता है, जो कक्षा, पेपरों और शहर के साथ बदलती है, और हर महीने एक बिल भेजता है।
पूरी गाइड

CUET-UG के साल की विस्तार से बात

  1. परीक्षा का ढाँचा उस नज़र से पढ़िए, जिससे उम्मीदवार को पढ़ना पड़ता है

    CUET-UG की लगभग हर बात NTA की एक पंक्ति से निकलती है: हर पेपर में 60 मिनट के भीतर 50 अनिवार्य प्रश्न, सही जवाब पर पाँच अंक और ग़लत पर एक अंक की कटौती।

    इसे धीरे-धीरे पढ़िए तो तीन बातें अपने आप निकल आती हैं। पहली, भीतर कोई विकल्प नहीं है, इसलिए जिस अध्याय से बचने की उम्मीद थी वह भी आ सकता है, और तैयारी को पूरे सिलेबस पर बराबर चलना होता है। दूसरी, घड़ी हर प्रश्न के लिए लगभग 72 सेकंड देती है, जो याद वाले प्रश्न के लिए खुला समय है और शुरू से बनाकर हल करने वाले सवाल के लिए बहुत कम। तीसरी, कटौती के कारण हर प्रश्न पर हाथ आज़माना घाटे का सौदा बन जाता है, जबकि अब तक की हर बोर्ड परीक्षा ने उसी आदत को इनाम दिया है।

    2026 की विषय-सूची 37 पेपरों की थी: 13 भाषाएँ, 23 डोमेन विषय और General Aptitude Test। उम्मीदवार उनमें से पाँच तक ले सकता था और फ़ीस भी इसी संख्या से बनती थी। माध्यम विषय जितना ही मायने रखता है, क्योंकि प्रश्नपत्र अंग्रेज़ी में और आपकी चुनी भाषा में, दोनों में आता है, और बुलेटिन कहता है कि दोनों में अंतर दिखे तो अंग्रेज़ी वाला माना जाएगा।

    काम के टिप्स

    1. कन्फ़र्मेशन पेज छपवाकर पढ़ाई की मेज़ पर रखिए। पूरे साल आपका सिलेबस वही सूची है।
    2. अपने हर चुने हुए पेपर का कोड देख लीजिए; NTA हर पेपर का सिलेबस अलग दस्तावेज़ में छापती है।
    3. माध्यम शुरू में ही तय कर लीजिए, क्योंकि फ़ॉर्म बंद होने के बाद यह विकल्प बदला नहीं जा सकता।
    4. अभ्यास की इकाई पहले हफ़्ते से 72 सेकंड प्रति प्रश्न रखिए।
  2. बोर्ड के पेपरों के बीच CUET-UG को कैसे बिठाएँ

    बोर्ड का सिलेबस और डोमेन पेपर आपस में बहुत मिलते हैं, और इस कैलेंडर में यही एक राहत है। जो नहीं मिलता वह है जवाब का रूप, और वह General Aptitude Test जिसके लिए स्कूल की समय-सारणी में कोई जगह नहीं बनी होती।

    ज़्यादातर विद्यार्थी इसे हफ़्ते के बँटवारे से हल करते हैं। स्कूल का काम और बोर्ड की पुनरावृत्ति साल भर डोमेन की सामग्री ढोती रहती है, और एक तय घंटा रीज़निंग, अंकगणित और करंट अफ़ेयर्स की कॉपी को जाता है। बोर्ड निपटते ही डोमेन का काम सीखने से बदलकर जवाब देने का हो जाता है और पूरे मॉक शुरू होते हैं।

    नीचे वही तीन रास्ते हैं जिन्हें कक्षा 12 का विद्यार्थी साल की योजना बनाते समय तौलता है।

    प्राइवेट ट्यूशनट्यूटर से तय
    आपके अपने पाँच पेपरों और अपने कमज़ोर अध्यायों पर बनी योजना
    बोर्ड की समय-सारणी बदले तो क्लास का समय भी सरक सकता है
    जिन हफ़्तों में हर घंटा क़ीमती है, उनमें आने-जाने का समय बचता है
    उस विषय का ट्यूटर आपके इलाक़े से पहुँच में होना चाहिए
    अपनी रफ़्तार नापने के लिए साथ पढ़ने वाले नहीं मिलते
    कोचिंग सेंटरसंस्थान तय करता है
    बँधी हुई समय-सारणी, जिससे काम चलता रहता है
    एक कमरे में वही पेपर देने वाले कई उम्मीदवार
    बैच एक साझा पेपर-सूची पर चलता है, जो आपकी सूची से अलग हो सकती है
    बोर्ड के मौसम में आने-जाने का समय
    रफ़्तार पूरे समूह की होती है
    ऑनलाइन ट्यूशनट्यूटर से तय
    उस डोमेन विषय का ट्यूटर भी मिल जाता है जो आसपास कोई नहीं पढ़ाता
    मॉक स्क्रीन पर, ठीक जैसे परीक्षा में देने हैं
    General Test का छोटा साप्ताहिक स्लॉट निभाना आसान
    इंटरनेट और एक शांत घंटा चाहिए
    लिखकर किया गया काम ट्यूटर को बारीकी से देखना कठिन पड़ता है

    रास्ता कोई भी हो, दो बातें वही रहती हैं: डोमेन पेपर कक्षा 12 के सिलेबस पर सवार चलते हैं, और General Aptitude Test को साल की शुरुआत से हर हफ़्ते अपना एक घंटा चाहिए।

  3. अंकों का हिसाब, और वह किन ग़लतियों की क़ीमत वसूलता है

    पहला मॉक देने से पहले यह जोड़-घटाव एक बार काग़ज़ पर कर लेना चाहिए। 40 सही, 5 ग़लत और 5 छोड़े हुए प्रश्न 250 में से 195 बनाते हैं। अब उन पाँच छोड़े हुए प्रश्नों पर भी हाथ आज़माइए। अगर पाँचों ग़लत गए तो पेपर 190 पर आ जाता है, और अगर उनमें से दो सही निकले तो 202 पर पहुँच जाता है।

    अंदाज़े को लेकर सारी बहस इसी फ़र्क़ में निपट जाती है। सही पर पाँच और ग़लत पर एक का मतलब है कि जवाब देना उसी समय से कमाने लगता है जब सही होने की संभावना लगभग छह में से एक की रेखा पार कर ले, और चार विकल्पों में अंधा अंदाज़ा उस रेखा से पहले ही ऊपर है। यानी इस पेपर में अंक अंदाज़े से नहीं कटते। वे वहाँ कटते हैं जहाँ उम्मीदवार पक्का मानकर ग़लत होता है, क्योंकि उलझा हुआ नियम संभावना को संयोग से भी नीचे गिरा देता है और विकल्प ठीक ऐसी ही ग़लतियों के लिए गढ़े जाते हैं।

    यही हिसाब यह भी समझाता है कि विषय अच्छी तरह जानने वाला उम्मीदवार कम जानने वाले से नीचे कैसे रह जाता है। यहाँ अंक तीन चीज़ों से बनते हैं: जानकारी, रफ़्तार, और यह समझ कि किस प्रश्न पर काम रोक देना है। पिछली दो अभ्यास से सुधरती हैं, और ज़्यादातर उम्मीदवार इतने सुधार की उम्मीद नहीं रखते।

    आम ग़लतियाँ और उनका हल

    CUET-UG के स्कोर को ही दाख़िला मान लेना
    स्कोर NTA घोषित करती है। मेरिट सूची, काउंसलिंग की तारीख़ें और पात्रता हर विश्वविद्यालय अपनी छापता है, इसलिए उसकी वेबसाइट फ़ॉर्म भरने के दिन से देखी जाती है और नतीजे के बाद फिर से।
    सिलेबस पढ़े बिना Mathematics या Applied Mathematics चुन लेना
    कोड 319 का NTA दस्तावेज़ खोलिए और Section B2 पढ़िए। मॉड्यूलो अंकगणित, मिश्रण और अनुपात, नाव और धारा तथा नल और टंकी वहीं बैठे हैं, और कक्षा 12 में Mathematics पढ़ने वाले विद्यार्थी की इनसे मुलाक़ात ही नहीं हुई होती।
    भाषा के पेपर को स्कूल का अंग्रेज़ी कोर्स मान लेना
    प्रकाशित सिलेबस 300 शब्दों तक के गद्यांशों की समझ और भाषा की पकड़ माँगता है। अभ्यास अनदेखे गद्यांशों और शब्द-चयन पर कीजिए, और पाठ्यक्रम का साहित्य बोर्ड की परीक्षा के लिए छोड़ दीजिए।
    नतीजे का इंतज़ार करके फिर कोर्स देखना शुरू करना
    जिन कोर्सों में जाना है, उनकी पात्रता, सीटें और पिछली कट-ऑफ़ तैयारी के दौरान ही पढ़ लीजिए। इससे तय होता है कि किन पेपरों पर सबसे ज़्यादा घंटे लगाने हैं।

शुरुआत उन्हीं पेपरों से जो आपने चुने हैं

Edutara को बताइए कि CUET-UG के फ़ॉर्म पर कौन से पेपर हैं, परीक्षा किस भाषा में लिखनी है और शहर कौन सा है। तालमेल कभी न बैठे, तो ट्यूटर मुफ़्त बदलता है।

  • एक विद्यार्थी, एक ट्यूटर
  • घर पर या ऑनलाइन
  • ट्यूटर बदलने का कोई शुल्क नहीं
  • बिल Edutara की ओर से