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JEE Main · JEE Advanced

JEE Main और Advanced की तैयारी, एक ट्यूटर और एक विद्यार्थी

फ़िज़िक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स के लिए ऐसा ट्यूटर जो एक समय में एक ही विद्यार्थी को पढ़ाए, घर पर या ऑनलाइन, हिंदी या अंग्रेज़ी में। योजना स्कूल के सिलेबस, बोर्ड परीक्षा, JEE Main के दोनों सेशन और उसके बाद JEE Advanced को साथ रखकर बनती है।

झटपट समझें

JEE क्या है?

JEE यानी Joint Entrance Examination देश के राष्ट्रीय इंजीनियरिंग संस्थानों में B.Tech दाख़िले की परीक्षा है, और यह दो चरणों में होती है।

पहला चरण JEE Main है, जिसे NTA कराता है: फ़िज़िक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स के 75 सवालों वाला तीन घंटे का कंप्यूटर-आधारित पेपर, जो जनवरी और अप्रैल के दो सेशन में होता है। इसकी रैंक से JoSAA के ज़रिए NIT, IIIT और दूसरे सरकारी संस्थानों में सीट मिलती है। इस पेपर के शीर्ष 2,50,000 उम्मीदवार JEE Advanced दे सकते हैं, जिसके तीन-तीन घंटे के दो अनिवार्य पेपर IIT बनाते हैं और जिसकी रैंक से 23 IIT में दाख़िला होता है।

मुख्य बातें

  • JEE Main 2026 में हर विषय के 25 सवाल थे: 20 बहुविकल्पीय और 5 ऐसे जिनका उत्तर संख्या में भरना होता है। सही उत्तर पर +4, ग़लत पर −1।
  • JEE Main 2026 में किसी भी तरह का कैलकुलेटर मना था, स्क्रीन पर दिखने वाला भी। NTA ने 2 नवंबर 2025 की सूचना में यह साफ़ किया।
  • JEE Main 2026 का पेपर 13 भाषाओं में था, और भारत के हर केंद्र पर अंग्रेज़ी के साथ हिंदी चुनी जा सकती थी। JEE Advanced 2026 अंग्रेज़ी और हिंदी में था।
  • 2026 के नियमों के अनुसार IIT और NIT में दाख़िले के लिए कक्षा 12 में 75% (SC, ST और PwD के लिए 65%) या अपने बोर्ड के शीर्ष 20 पर्सेंटाइल में जगह भी चाहिए।
  • NTA के 16 सितंबर 2026 के कैलेंडर में JEE (Main) 2027 के सेशन 1 के लिए 22–24 और 28–30 जनवरी 2027 प्रस्तावित हैं।
पढ़ाई के विकल्प

JEE की क्लास के दो तरीके

ज़्यादातर JEE विद्यार्थियों का दिन पहले से स्कूल और अक्सर कोचिंग में बँटा होता है, इसलिए क्लास उन्हीं के बीच की जगह में बैठती है: घर पर, जब आने-जाने में शाम निकल जाती हो, और ऑनलाइन, जब सही ट्यूटर किसी दूसरे शहर में हो।

  1. घर पर JEE ट्यूटर

    ट्यूटर आपके घर आकर आपकी ही मेज़ पर पढ़ाते हैं, सामने आपकी कॉपियाँ, कोचिंग के मॉड्यूल और टेस्ट पेपर खुले रहते हैं। JEE के बहुत से अंक रफ़ काम की छोटी चूकों में जाते हैं, और पास बैठे ट्यूटर उसकी हर पंक्ति पर नज़र रख पाते हैं।

    अक्सर 90 मिनट से 2 घंटे, ट्यूटर से तय करके
    • स्कूल और कोचिंग की अपनी सामग्री से पढ़ाई
    • रफ़ काम की पंक्ति-दर-पंक्ति जाँच
    • कोचिंग और स्कूल टेस्ट देखकर क्लास के दिन तय
    • बोर्ड जैसे लिखित उत्तरों का अभ्यास कागज़ पर
  2. ऑनलाइन JEE ट्यूशन

    भारत में कहीं से भी, साझा स्क्रीन और डिजिटल व्हाइटबोर्ड पर क्लास। JEE Main और JEE Advanced दोनों कंप्यूटर पर होते हैं, इसलिए स्क्रीन पर लंबा सवाल पढ़ना और माउस से संख्या वाला उत्तर भरना परीक्षा से बहुत पहले आदत बन जाता है।

    अक्सर 60 से 90 मिनट, ट्यूटर से तय करके
    • देश के किसी भी शहर का ट्यूटर
    • व्हाइटबोर्ड पर लाइव डेरिवेशन
    • असली परीक्षा की तरह स्क्रीन पर समय बाँधकर अभ्यास
    • टेस्ट से पहले छोटी डाउट क्लास जोड़ना आसान
पढ़ाई का रोडमैप

कक्षा 11 से JoSAA तक: JEE के दो साल

ज़्यादातर विद्यार्थी स्कूल के दो सालों में तैयारी करते हैं और फिर तय क्रम में परीक्षाएँ देते हैं। नीचे की तारीख़ें 2026 के पूरे हो चुके चक्र की हैं, साथ में जनवरी 2027 की वह अवधि जो NTA प्रस्तावित कर चुका है।

  1. कक्षा 11

    जहाँ नींव पड़ती है

    आगे के ज़्यादातर सवाल कक्षा 11 के अध्यायों पर टिके होते हैं: फ़िज़िक्स में मैकेनिक्स, केमिस्ट्री में मोल कॉन्सेप्ट और केमिकल बॉन्डिंग, मैथ्स में द्विघात समीकरण, अनुक्रम और निर्देशांक ज्यामिति। यहाँ छूटी कमी कक्षा 12 की इलेक्ट्रोस्टैटिक्स, ऑर्गेनिक केमिस्ट्री और कैलकुलस में लौटकर आती है।

    विषय

    गतिकी और गति के नियमघूर्णन गतिमोल कॉन्सेप्टकेमिकल बॉन्डिंगद्विघात समीकरणसरल रेखा और शंकु-परिच्छेद

    किन बातों पर ज़ोर

    • शॉर्टकट से पहले कॉन्सेप्ट
    • हर हफ़्ते सवालों की तय गिनती
    • स्कूल की परीक्षाएँ भी साथ-साथ
  2. कक्षा 12

    बोर्ड और JEE एक ही साल में

    कक्षा 12 में इलेक्ट्रोस्टैटिक्स, परिपथ, प्रकाशिकी और मॉडर्न फ़िज़िक्स, इलेक्ट्रोकेमिस्ट्री और ज़्यादातर ऑर्गेनिक केमिस्ट्री, और मैथ्स में कैलकुलस, वेक्टर और 3D आते हैं। JEE Main का जनवरी सेशन बोर्ड परीक्षाओं के मौसम से ठीक पहले पड़ता है, इसलिए पूरे साल की योजना एक ही होनी चाहिए।

    विषय

    इलेक्ट्रोस्टैटिक्स और परिपथप्रकाशिकी और मॉडर्न फ़िज़िक्सइलेक्ट्रोकेमिस्ट्री और बलगतिकीऑर्गेनिक अभिक्रियाएँसमाकलन और अवकल समीकरणवेक्टर और 3D में रेखाएँ

    किन बातों पर ज़ोर

    • बोर्ड के लिए पूरे लिखित उत्तर
    • उन्हीं अध्यायों पर JEE की रफ़्तार
    • कक्षा 11 का रिवीज़न जारी
  3. JEE Main

    जनवरी और अप्रैल के सेशन

    2026 में पेपर 1 21 से 30 जनवरी और 2 से 9 अप्रैल के बीच हुआ, ज़्यादातर दिनों में दो शिफ़्ट में। विद्यार्थी एक सेशन दे या दोनों, दोनों में से बेहतर NTA स्कोर गिना जाता है। 2027 के सेशन 1 के लिए NTA ने 22 से 24 और 28 से 30 जनवरी प्रस्तावित की है।

    किन बातों पर ज़ोर

    • तीन घंटे के भीतर पूरा पेपर
    • हर टेस्ट के बाद ग़लतियों की सूची
    • सेक्शन B के उत्तर NTA के नियम से राउंड
  4. JEE Advanced और JoSAA

    अप्रैल के आख़िर से जुलाई तक

    2026 में JEE Main के शीर्ष 2,50,000 विद्यार्थियों का पंजीकरण 23 अप्रैल से शुरू हुआ, IIT रुड़की ने 17 मई को दोनों पेपर कराए, 1 जून को परिणाम आया और अगले दिन से JoSAA की सीट आवंटन प्रक्रिया शुरू हुई। JoSAA 2026 ने पाँच राउंड में 138 संस्थानों की सीटें भरीं।

    किन बातों पर ज़ोर

    • दो-तीन कॉन्सेप्ट जोड़ने वाले सवाल
    • Advanced सिलेबस के अलग टॉपिक
    • हर पेपर की मार्किंग स्कीम पढ़ना
पाठ्यक्रम

JEE ट्यूटर क्या-क्या पढ़ाते हैं

आधार NTA का JEE Main सिलेबस है, अध्याय-दर-अध्याय। जो विद्यार्थी दोनों परीक्षाएँ दे रहे हैं, उनके लिए ट्यूटर वे टॉपिक भी जोड़ते हैं जो केवल JEE Advanced के सिलेबस में हैं।

NTA के JEE (Main) 2026 सिलेबस और JEE (Advanced) 2026 के सिलेबस पर आधारित। 2027 का सिलेबस NTA अपने सूचना बुलेटिन के साथ जारी करेगा।

मॉड्यूल 01

फ़िज़िक्स: मैकेनिक्स और पदार्थ के गुण

फ़िज़िक्स का कक्षा 11 वाला हिस्सा, जहाँ ज़्यादातर विद्यार्थी पहली बार स्कूल और JEE के सवालों का फ़र्क़ महसूस करते हैं। फ़्री-बॉडी डायग्राम, कंस्ट्रेंट और घूर्णन की समझ अपने अध्याय से कहीं आगे तक अंक दिलाती है।

आप क्या सीखेंगे

  • मात्रक, विमाएँ और त्रुटियाँ
  • गतिकी और प्रक्षेप्य गति
  • गति के नियम और घर्षण
  • कार्य, ऊर्जा और शक्ति
  • घूर्णन गति और जड़त्व आघूर्ण
  • गुरुत्वाकर्षण
  • प्रत्यास्थता, तरल और पृष्ठ तनाव
किन्हें जुड़ना चाहिए

JEE ट्यूटर के पास कौन आता है

विद्यार्थी JEE के दो सालों में अलग-अलग मोड़ पर ट्यूशन शुरू करते हैं, और बहुत से पेपर हिंदी में देते हैं। हर एक का पहला महीना अलग होता है।

हिंदी में पेपर देने वाले विद्यार्थी

आपने हिंदी मीडियम से पढ़ाई की है और JEE हिंदी में देना चाहते हैं। JEE Main में भारत के हर केंद्र पर हिंदी मिलती है, JEE Advanced अंग्रेज़ी और हिंदी में होता है, और दोनों में मतभेद होने पर अंग्रेज़ी वाला पाठ मान्य होता है।

इनके लिए सही:हिंदी में समझाने वाला ट्यूटरसाथ में अंग्रेज़ी के तकनीकी शब्दहिंदी में पिछले पेपर

कक्षा 11 में शुरुआत करने वाले

कक्षा 10 के विज्ञान और बीजगणित से आप कक्षा 11 की फ़िज़िक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स में आए हैं, जो कहीं ज़्यादा भारी हैं, और स्कूल व कोचिंग की रफ़्तार बढ़ने से पहले नींव मज़बूत करना चाहते हैं।

इनके लिए सही:मात्रक, विमाएँ और गतिकीमोल कॉन्सेप्टद्विघात समीकरण

बोर्ड वाले साल में कक्षा 12 के विद्यार्थी

आपके पास कक्षा 12 के अध्याय हैं, कक्षा 11 का कुछ बकाया है, जनवरी में JEE का सेशन है और उसके बाद जल्दी ही बोर्ड। पढ़ाई का हर घंटा दो परीक्षाओं के काम आना चाहिए।

इनके लिए सही:बोर्ड और JEE की एक योजनाइलेक्ट्रोस्टैटिक्सऑर्गेनिक अभिक्रियाओं का नक़्शा

दोबारा तैयारी करने वाले (ड्रॉपर)

आप कक्षा 12 पास कर चुके हैं और फिर से तैयारी कर रहे हैं। 2026 के नियमों में JEE Main उनके लिए खुला था जिन्होंने पिछले दो सालों में कक्षा 12 पास की थी, और JEE Advanced लगातार दो सालों में दो बार दिया जा सकता है। अपनी पात्रता 2027 की सूचनाओं में ज़रूर जाँच लें।

इनके लिए सही:पिछले स्कोरकार्ड की बारीकी से जाँचसबसे कमज़ोर अध्याय पहलेसमय बाँधकर पूरे पेपर
परीक्षा से संस्थान तक

JEE Main और JEE Advanced कहाँ तक ले जाते हैं

दोनों परीक्षाओं के बाद काउंसलिंग एक ही है, JoSAA। 2026 में इसने 138 संस्थानों में सीटें बाँटीं: 23 IIT, IISc बेंगलुरु, 31 NIT, IIEST शिबपुर, 26 IIIT और 56 दूसरे सरकारी सहायता-प्राप्त संस्थान।

कौन-सा रास्ता खुलेगा, यह आपकी रैंक पर और उसके पीछे खड़े कक्षा 12 के अंकों पर निर्भर करता है।

JEE Main से NIT, IIIT और GFTI

पेपर 1 की रैंक, JoSAA से सीट

यह रास्ता कैसे काम करता है

B.E./B.Tech पेपर की रैंक JoSAA में जाती है, जहाँ आप अपनी पसंद भरते हैं और राउंड-दर-राउंड सीटें मिलती हैं। JoSAA 2026 के पाँच राउंड हुए, फिर NIT+ की ख़ाली सीटों के लिए CSAB ने स्पेशल राउंड कराए। NTA बुलेटिन के अनुसार दाख़िले के लिए कक्षा 12 में 75% (SC, ST और PwD के लिए 65%) या बोर्ड के शीर्ष 20 पर्सेंटाइल में जगह भी चाहिए।

किसके लिए उपयुक्त

NIT, IIIT या किसी केंद्रीय वित्तपोषित संस्थान का लक्ष्य रखने वाले विद्यार्थी

JEE Main से JEE Advanced

पेपर 1 के शीर्ष 2,50,000 आगे जाते हैं

यह रास्ता कैसे काम करता है

2026 में B.E./B.Tech पेपर के शीर्ष 2,50,000 उम्मीदवार, सभी श्रेणियाँ मिलाकर, JEE Advanced के लिए पंजीकरण कर सकते थे, बशर्ते उनका जन्म 1 अक्टूबर 2001 या उसके बाद हुआ हो (SC, ST और PwD को पाँच साल की छूट), पहली बार कक्षा 12 की परीक्षा 2025 या 2026 में दी हो, और दोनों प्रयास पूरे न हुए हों।

किसके लिए उपयुक्त

IIT का लक्ष्य रखने वाले, जिन्हें पहले JEE Main में अच्छी रैंक चाहिए

JEE Advanced से IIT

दोनों पेपर मिलाकर एक रैंक

यह रास्ता कैसे काम करता है

हर विषय के अंक पेपर 1 और पेपर 2 को जोड़कर बनते हैं, और रैंक कुल अंकों से तय होती है। बराबरी होने पर पहले ज़्यादा धनात्मक अंक, फिर मैथ्स, फिर फ़िज़िक्स देखे जाते हैं। IIT की सीटें JoSAA से मिलती हैं, और IIT से B.Arch के लिए परिणाम के बाद होने वाला Architecture Aptitude Test पास करना भी ज़रूरी है।

किसके लिए उपयुक्त

IIT में सीट चाहने वाले विद्यार्थी, IIT से B.Arch समेत

JoSAA के बाहर JEE Advanced रैंक

अपना अलग दाख़िला चलाने वाले संस्थान

यह रास्ता कैसे काम करता है

JEE (Advanced) 2026 की विवरणिका उन संस्थानों के नाम देती है जिन्होंने पहले JEE Advanced रैंक का इस्तेमाल किया है, जैसे IISER, IIST तिरुवनंतपुरम, RGIPT रायबरेली और IIPE विशाखापत्तनम, और उम्मीदवारों से उनकी प्रक्रिया के लिए सीधे उन्हीं से संपर्क करने को कहती है।

किसके लिए उपयुक्त

विज्ञान शोध, अंतरिक्ष अध्ययन या ऊर्जा इंजीनियरिंग में रुचि रखने वाले

दोनों परीक्षाएँ, पेपर-दर-पेपर

2026 के बुलेटिन और विवरणिका के अनुसार। 2027 का ब्योरा नई सूचनाओं में आएगा।

JEE Main पेपर 1 (B.E./B.Tech)

75 सवाल, 300 अंक, 3 घंटे
  • फ़िज़िक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स: हर विषय के 25 सवाल
  • सेक्शन A: 20 MCQ; सेक्शन B: 5 संख्यात्मक उत्तर
  • दोनों सेक्शन में सही पर +4, ग़लत पर −1
  • हर शिफ़्ट के अंक अलग से पर्सेंटाइल में बदले जाते हैं

तैयारी का टिप: सेक्शन B में ग़लत पूर्णांक भी उतना ही अंक काटता है जितना ग़लत विकल्प, इसलिए संख्यात्मक सवाल तभी भरें जब हल पूरा बैठ रहा हो, और अंतिम मान को NTA के नियम के मुताबिक़ निकटतम पूर्णांक तक राउंड करें।

JEE Advanced पेपर 1 और पेपर 2

3-3 घंटे के दो पेपर, दोनों अनिवार्य
  • हर पेपर में फ़िज़िक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स
  • मार्किंग स्कीम उसी दिन के निर्देशों में
  • अंग्रेज़ी या हिंदी, पेपर के दौरान कभी भी बदलें
  • दोनों पेपर के कुल अंकों से रैंक

तैयारी का टिप: विवरणिका सवालों के प्रकार और मार्किंग उसी दिन के निर्देशों पर छोड़ती है, इसलिए आधिकारिक मॉक टेस्ट दें और हर पेपर के पहले कुछ मिनट यह पढ़ने में लगाएँ कि किस सेक्शन में अंक कैसे मिलेंगे।

2027 की तारीख़ें

NTA के 16 सितंबर 2026 के कैलेंडर में JEE (Main) 2027 के सेशन 1 के लिए 22 से 24 और 28 से 30 जनवरी 2027 प्रस्तावित हैं, 31 जनवरी को अतिरिक्त दिन रखा गया है, और सभी तारीख़ें अस्थायी बताई गई हैं। पैटर्न, सिलेबस और पात्रता तय करने वाला 2027 का सूचना बुलेटिन अलग से आएगा, और अप्रैल सेशन व JEE Advanced 2027 की घोषणा भी बाद में होगी। तब तक इस पेज पर लिखे नियम 2026 के हैं।

Main और Advanced, आमने-सामने

JEE Advanced का सिलेबस कहाँ आगे जाता है

ज़्यादातर अध्याय दोनों में एक जैसे हैं, और 2026 के JEE Advanced सिलेबस में कुछ ऐसे टॉपिक भी हैं जो अब JEE Main की सूची में नहीं रहे। दोनों परीक्षाएँ देने वाले विद्यार्थी को ये अप्रैल सेशन से पहले पढ़ लेने चाहिए।

75

JEE Main पेपर 1 में सवाल

2

JEE Advanced के अनिवार्य पेपर

13

JEE Main 2026 की भाषाएँ

138

JoSAA 2026 में संस्थान

फ़िज़िक्स

PHY

मैकेनिक्स, ऊष्मा, विद्युत और चुंबकत्व, प्रकाशिकी और मॉडर्न फ़िज़िक्स दोनों सिलेबस में हैं। JEE Main की सूची में अर्धचालक युक्तियाँ और लॉजिक गेट हैं, और JEE Advanced की सूची ऊष्मा, ध्वनि और परमाणु भौतिकी के कुछ टॉपिक जोड़ती है।

मुख्य टॉपिक

  • केवल Advanced: ध्वनि में डॉप्लर प्रभाव
  • केवल Advanced: कृष्णिका विकिरण, वीन और स्टीफ़न के नियम
  • केवल Advanced: न्यूटन का शीतलन नियम
  • केवल Advanced: अभिलाक्षणिक X-किरणें और मोज़ले का नियम
  • केवल Main: अर्धचालक, डायोड और लॉजिक गेट

जहाँ अक्सर अटकते हैं

जो विद्यार्थी JEE Main की अध्याय-सूची के भरोसे पढ़ता है, वह इन टॉपिक से पहली बार JEE Main के परिणाम और JEE Advanced के बीच मिलता है, और उस छोटे से समय में इनका अभ्यास मुश्किल है।

JEE Main में अंक

25 सवाल, 100 अंक

NTA के JEE (Main) 2026 सिलेबस और JEE (Advanced) 2026 विवरणिका के Annexure-I की तुलना से। दोनों समय-समय पर बदलते हैं, इसलिए 2027 का सिलेबस आने पर दोबारा मिलान करें।

पढ़ाई की सामग्री की एक झलक

JEE वर्कशीट का एक पन्ना

इसी पेज के लिए लिखा गया नमूना, जो दिखाता है कि क्लास सूत्र से हल तक और फिर सेक्शन B जैसे उत्तर तक कैसे पहुँचती है, NTA के राउंड करने वाले नियम के साथ।

सूत्र जो ज़बान पर हों

v = u + ats = ut + ½at²v² = u² + 2aspH = −log[H⁺]PV = nRTΔG = ΔH − TΔSd/dx (xⁿ) = nxⁿ⁻¹sin²θ + cos²θ = 1α + β = −b/a
वर्कशीट: गतिकी, pH और द्विघात समीकरण

हल के चरण, सेक्शन B की तरह

45 m से गिराया, g = 10 m/s²45 = ½ × 10 × t²

t = 3 s

[H⁺] = 10⁻³ mol/LpH = −log[H⁺]

pH = 3

x² − 5x + 6 = 0(x − 2)(x − 3) = 0

x = 2 या x = 3

हल से 2.6 आयानिकटतम पूर्णांक तक राउंड

3 भरें

एक सवाल हल करें

एक गेंद को 20 m/s की चाल से सीधा ऊपर फेंका गया। g = 10 m/s² लें और वायु प्रतिरोध को नगण्य मानें।

सवाल: गिरना शुरू करने से पहले गेंद कितनी ऊँचाई तक जाती है, मीटर में?

जवाब: 20। सबसे ऊपर चाल शून्य होती है, इसलिए 0 = 20² − 2 × 10 × h, यानी h = 400 ÷ 20 = 20 m।

यह मूल नमूना है। ट्यूटर आपके चल रहे अध्याय के लिए ऐसी शीट बनाते हैं, फिर पिछले पेपरों के समय-बद्ध सवालों पर ले जाते हैं।

विद्यार्थी कहाँ अटकते हैं

JEE में अंक कहाँ छूटते हैं

पाँच अड़चनें जो JEE के पेपर बनने के ढंग से पैदा होती हैं, और हर एक पर ट्यूटर क्या करते हैं।

चुनौती

संख्यात्मक उत्तरों में अंदाज़ा, मानो उसकी कोई क़ीमत न हो

एक आम अड़चन

असली वजह

सेक्शन B में विकल्प दिखते ही नहीं, इसलिए अंदाज़े से भरा पूर्णांक बेनुक़सान लगता है। JEE Main 2026 में ग़लत संख्यात्मक उत्तर पर भी −1 था, ठीक ग़लत बहुविकल्पीय उत्तर की तरह।

क्या मदद करता है

ट्यूटर हर टेस्ट के हर सेक्शन में प्रयास किए, सही और ग़लत उत्तरों का हिसाब रखते हैं, ताकि विद्यार्थी देख सके कि अंदाज़ा कितना महँगा पड़ा और सवाल छोड़ने का अपना नियम बना सके।

चुनौती

कैलकुलेटर के बिना बिखरती गणना

एक आम अड़चन

असली वजह

JEE Main 2026 में किसी भी तरह का कैलकुलेटर मना था, स्क्रीन वाला भी, और केमिस्ट्री के न्यूमेरिकल, लघुगणक और वर्गमूल हाथ से करने में स्कूल के प्रैक्टिकल की तुलना में कहीं ज़्यादा समय लेते हैं।

क्या मदद करता है

सन्निकटन, दस की घातों और आम लघुगणक मानों का रोज़ थोड़ा अभ्यास, और विकल्प चुनने से पहले उत्तर का परिमाण जाँचने की आदत।

चुनौती

इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री आख़िरी महीने के लिए छोड़ देना

एक आम अड़चन

असली वजह

JEE का यही हिस्सा सबसे ज़्यादा रुझानों और अपवादों को याद रखने पर टिका है। यह पढ़ने जैसा लगता है, इसलिए आसानी से टल जाता है, और देर से पढ़ा अध्याय पेपर से पहले धुँधला पड़ जाता है।

क्या मदद करता है

कक्षा 11 से ही ज़्यादातर क्लास में कुछ मिनट इनऑर्गेनिक का रिवीज़न, जिसमें आवर्त रुझान और अपवाद विद्यार्थी ख़ुद लिखे और ट्यूटर उन्हें जाँचें।

चुनौती

JEE Advanced में JEE Main जैसा पैटर्न मानकर जाना

एक आम अड़चन

असली वजह

JEE Advanced में सवालों के प्रकार और मार्किंग स्कीम हर पेपर की शुरुआत में निर्देशों के साथ सामने आते हैं, विवरणिका इन्हें उसी दिन के लिए छोड़ती है, और नेगेटिव मार्किंग कुछ ही सवालों पर लागू हो सकती है।

क्या मदद करता है

आधिकारिक मॉक टेस्ट और JEE Advanced की वेबसाइट पर रखे पिछले पेपरों से अभ्यास, जो हिंदी में भी हैं, और शुरुआती मिनटों की एक आदत: निर्देश पढ़ें, हर सेक्शन की मार्किंग नोट करें, फिर शुरू करें।

चुनौती

बोर्ड का साल JEE को दबा दे, या JEE बोर्ड को

एक आम अड़चन

असली वजह

JEE Main का सेशन 1 जनवरी में होता है, उसके बाद बोर्ड परीक्षाएँ आती हैं, और 2026 के नियमों के अनुसार IIT और NIT में दाख़िले के लिए कक्षा 12 में 75% या शीर्ष 20 पर्सेंटाइल भी चाहिए।

क्या मदद करता है

पूरी कक्षा 12 का एक कैलेंडर, जिसमें हर अध्याय एक बार बोर्ड की गहराई से और एक बार JEE की रफ़्तार से पढ़ा जाए, और बोर्ड से पहले के हफ़्ते लिखित उत्तरों के लिए रखे जाएँ।

हमारे मानक

हम आपके लिए JEE ट्यूटर कैसे खोजते हैं

विद्यार्थी के बारे में बताने के बाद क्या होता है, उसी क्रम में, और कुछ नियम जो पूरे समय लागू रहते हैं।

  • आप JEE की पूरी योजना बताइए

    कक्षा 11, कक्षा 12 या ड्रॉप ईयर; JEE Main अकेले या Advanced के साथ; फ़िज़िक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स में से कौन-से विषय; आपका बोर्ड; पढ़ाई हिंदी में या अंग्रेज़ी में; और घर पर या ऑनलाइन। जितनी साफ़ जानकारी, उतना सटीक मिलान।

  • उसी को पढ़ाने वाले ट्यूटर की तलाश

    Edutara ठीक उसी मेल को पढ़ाने वाले ट्यूटर की तलाश करता है, जैसे हिंदी मीडियम से कक्षा 12 का वह विद्यार्थी जिसे दोनों पेपर के लिए ऑर्गेनिक केमिस्ट्री चाहिए।

  • पहली क्लास ट्रायल क्लास है

    कोई ऐसा अध्याय चुनिए जो विद्यार्थी को कठिन लगता हो, और देखिए ट्यूटर उसे कैसे समझाते हैं। पढ़ाई जमे, तभी आगे बढ़िए।

  • ट्यूशन की फ़ीस ट्यूटर से तय

    ट्यूशन की फ़ीस आपके परिवार और ट्यूटर के बीच तय होती है और सीधे ट्यूटर को दी जाती है। यह कक्षा, विषय और शहर के हिसाब से अलग-अलग होती है।

  • ट्यूटर से कोई शुल्क नहीं

    Edutara के साथ पढ़ाने के लिए आवेदन करना ट्यूटर के लिए मुफ़्त है और मुफ़्त ही रहेगा: न जॉइनिंग फ़ीस, न कमीशन, न हर विद्यार्थी पर कोई चार्ज।

JEE विद्यार्थी को कैसा ट्यूटर चाहिए

JEE में ट्यूटर को परीक्षा की रफ़्तार से सवाल हल करने आने चाहिए, और यह समझाना भी कि ग़लत विकल्प विद्यार्थी को क्यों लुभा गया, उसी भाषा में जिसमें विद्यार्थी सोचता है।

ट्यूटर में हम क्या देखते हैं
  • विज्ञान या इंजीनियरिंग की डिग्री, या उसकी पढ़ाई जारी, और फ़िज़िक्स, केमिस्ट्री या मैथ्स में मज़बूत पकड़
  • JEE Main और JEE Advanced के सवाल समय के भीतर हल कर सकें और हर ग़लत विकल्प का जाल समझा सकें
  • विद्यार्थी के बोर्ड का कक्षा 11 और 12 का सिलेबस और JEE के दोनों सिलेबस अच्छी तरह जानते हों
  • हिंदी में समझा सकें और साथ में अंग्रेज़ी के तकनीकी शब्द भी सिखाएँ, ताकि हिंदी में पेपर देने वाला विद्यार्थी दोनों से परिचित रहे
  • कॉलेज विद्यार्थी, स्नातक, सेवानिवृत्त शिक्षक या स्कूल व्यवस्था से बाहर के शिक्षक (निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 28 स्कूल शिक्षकों को निजी ट्यूशन से रोकती है)

JEE की क्लास कैसे पढ़ाई जाती है

पहले डेरिवेशन, फिर अभ्यास

सूत्र इस्तेमाल करने से पहले उसे निकाला या तर्क से समझा जाता है, फिर NCERT स्तर से JEE Advanced स्तर तक सवालों की सीढ़ी पर उसका अभ्यास होता है। जो विद्यार्थी सूत्र ख़ुद बना सकता है, वह परीक्षा हॉल में याददाश्त धोखा दे तब भी उसे काम में ले आता है।

ग़लतियों की सूची, जो अगली क्लास तय करे

हर टेस्ट और वर्कशीट की ग़लतियाँ अध्याय और कारण के हिसाब से दर्ज होती हैं: कॉन्सेप्ट, गणना या सवाल ग़लत पढ़ना। अगली क्लास उसी कॉलम से शुरू होती है जो सबसे लंबा हो।

स्क्रीन पर समय बाँधकर अभ्यास

दोनों परीक्षाएँ कंप्यूटर पर होती हैं, इसलिए अभ्यास का कुछ हिस्सा स्क्रीन पर होता है: लंबा सवाल पढ़ना, किसी सवाल को रिव्यू के लिए मार्क करना, और सेक्शन B के उत्तर माउस और स्क्रीन के कीपैड से भरना।

दोनों भाषाओं की शब्दावली साथ-साथ

JEE का पेपर आपकी चुनी भाषा के साथ अंग्रेज़ी में भी सामने होता है, और मतभेद होने पर अंग्रेज़ी पाठ मान्य होता है। इसलिए हिंदी में समझाते हुए ट्यूटर हर नए शब्द का अंग्रेज़ी रूप भी लिखवाते हैं, जैसे विस्थापन (displacement) या साम्यावस्था (equilibrium)।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

JEE ट्यूशन पर विद्यार्थियों और अभिभावकों के सवाल

जवाब NTA के 2026 सूचना बुलेटिन, JEE (Advanced) 2026 की विवरणिका और जनवरी 2027 के NTA कैलेंडर पर आधारित हैं।

क्या JEE हिंदी मीडियम से दिया जा सकता है?
हाँ। JEE Main 2026 13 भाषाओं में था, और भारत के हर परीक्षा केंद्र पर अंग्रेज़ी के साथ हिंदी चुनी जा सकती थी। पेपर में अंग्रेज़ी के साथ वह भाषा दिखती है जो आपने फ़ॉर्म भरते समय चुनी, और यह चुनाव बाद में बदला नहीं जा सकता। JEE Advanced 2026 अंग्रेज़ी और हिंदी में था, और पेपर के दौरान दोनों के बीच कभी भी बदला जा सकता था। दोनों परीक्षाओं में मतभेद होने पर अंग्रेज़ी पाठ मान्य होता है। JEE Advanced के पिछले पेपर उसकी वेबसाइट पर हिंदी में भी रखे हैं, जो अभ्यास के लिए बहुत काम के हैं।
JEE Main और JEE Advanced कितनी बार दे सकते हैं?
JEE Main के लिए कोई आयु सीमा नहीं है। 2026 की परीक्षा के लिए NTA ने उन्हें पात्र माना जिन्होंने कक्षा 12 2024 या 2025 में पास की थी या 2026 में दे रहे थे, यानी तीन साल की पात्रता और हर साल दो सेशन। 2027 का नियम 2027 का बुलेटिन बताएगा। JEE Advanced लगातार दो सालों में ज़्यादा से ज़्यादा दो बार दिया जा सकता है। 2026 के लिए ज़रूरी था कि उम्मीदवार ने पहली बार कक्षा 12 की परीक्षा 2025 या 2026 में दी हो और उसका जन्म 1 अक्टूबर 2001 या उसके बाद हुआ हो, SC, ST और PwD उम्मीदवारों को पाँच साल की छूट के साथ।
JEE Main 2027 कब होगा?
NTA के 16 सितंबर 2026 के परीक्षा कैलेंडर में सेशन 1 के लिए 22 से 24 और 28 से 30 जनवरी 2027 प्रस्तावित हैं, 31 जनवरी अतिरिक्त दिन के रूप में, और तारीख़ें अस्थायी बताई गई हैं। आवेदन की तारीख़ें, पैटर्न और सिलेबस वाला सूचना बुलेटिन अलग से जारी होता है। 2026 के चक्र में सेशन 1 का आवेदन 31 अक्टूबर 2025 को शुरू हुआ था। अप्रैल सेशन और JEE Advanced 2027 की घोषणा NTA और आयोजक IIT बाद में करेंगे।
JEE tutor ghar aayenge kya, aur fees kitni hai?
अगर आप घर पर ट्यूशन चुनते हैं, तो Edutara ऐसे JEE ट्यूटर की तलाश करता है जो आपके घर तक आ सकें। ऑनलाइन क्लास भारत में कहीं से भी चल सकती है। ट्यूशन की फ़ीस आपके परिवार और ट्यूटर के बीच तय होती है और सीधे ट्यूटर को दी जाती है। यह कक्षा, विषय और शहर पर निर्भर करती है, और पहली क्लास ट्रायल क्लास होती है, ताकि कुछ भी तय करने से पहले आप ट्यूटर को पढ़ाते हुए देख लें।
क्या JEE Main में नेगेटिव मार्किंग होती है?
हाँ। JEE Main 2026 में सही उत्तर पर +4 और ग़लत पर −1 था, बहुविकल्पीय सेक्शन A में भी और संख्यात्मक सेक्शन B में भी। छोड़ा हुआ सवाल, या केवल रिव्यू के लिए मार्क किया गया सवाल, 0 पाता है। सेक्शन B के उत्तर माउस से स्क्रीन के कीपैड पर भरे जाते हैं और निकटतम पूर्णांक तक राउंड किए जाते हैं।
JEE की तैयारी कब शुरू करें, कक्षा 11 में या कक्षा 12 में?
सबसे स्वाभाविक शुरुआत कक्षा 11 है। मैकेनिक्स, मोल कॉन्सेप्ट, केमिकल बॉन्डिंग और ज़्यादातर बीजगणित व निर्देशांक ज्यामिति कक्षा 11 के सिलेबस में हैं, और कक्षा 12 के अध्याय इन्हीं पर खड़े होते हैं। कक्षा 12 में शुरू करना भी आम है। तब पहले हफ़्ते कक्षा 11 के सबसे कमज़ोर अध्यायों पर जाते हैं, कक्षा 12 की स्कूल पढ़ाई के साथ-साथ, और किसी एक कठिन अध्याय पर ट्रायल क्लास से जल्दी पता चल जाता है कि कमी कहाँ है।
IIT और NIT में दाख़िले के लिए कक्षा 12 के बोर्ड अंक कितने ज़रूरी हैं?
बहुत ज़रूरी, क्योंकि दाख़िले के समय एक न्यूनतम शर्त लागू होती है। JEE (Advanced) 2026 की विवरणिका और NTA बुलेटिन के अनुसार IIT और NIT+ व्यवस्था के लिए कक्षा 12 में कम से कम 75% कुल अंक (SC, ST और PwD के लिए 65%) चाहिए, या अपने बोर्ड के सफल विद्यार्थियों में श्रेणी के अनुसार शीर्ष 20 पर्सेंटाइल में जगह। JEE इसके बिना भी दिया जा सकता है। शर्त सीट मिलने के समय जाँची जाती है, इसीलिए समझदारी भरी JEE योजना पूरी कक्षा 12 में बोर्ड परीक्षा को भी नज़र में रखती है।
कोचिंग जाते हुए घर पर ट्यूटर रखें, तो दोनों में टकराव होगा क्या?
ट्यूटर आपकी कोचिंग के मॉड्यूल और टेस्ट पेपर से ही पढ़ा सकते हैं, जिससे दोनों एक ही अध्याय एक ही क्रम में चलते हैं। कोचिंग पूरे बैच की रफ़्तार तय करती है; ट्यूटर उसी सामग्री से वे डाउट साफ़ करते हैं जो क्लास में पूछ नहीं पाए, और आपके टेस्ट की ग़लतियाँ एक-एक करके देखते हैं। क्लास के दिन कोचिंग के टाइमटेबल के हिसाब से तय होते हैं।
JEE Main में पर्सेंटाइल और रैंक में क्या फ़र्क़ है?
पेपर 1 कई शिफ़्ट में होता है और हर शिफ़्ट का पेपर अलग होता है; जनवरी 2026 में दस शिफ़्ट थीं। इसलिए NTA हर शिफ़्ट के अंकों को पर्सेंटाइल में बदलता है, यानी उस शिफ़्ट के कितने उम्मीदवारों ने आपके बराबर या आपसे कम अंक पाए, दशमलव के सात अंकों तक। मेरिट सूची दोनों सेशन की सभी शिफ़्ट के NTA स्कोर मिलाकर बनती है, आपका बेहतर सेशन गिना जाता है, और रैंक उसी मिली हुई सूची से आती है। बराबरी होने पर पहले मैथ्स का स्कोर, फिर फ़िज़िक्स, फिर केमिस्ट्री देखी जाती है।
क्या तीनों विषयों के लिए ट्यूटर चाहिए?
बहुत से विद्यार्थी उसी एक विषय के लिए ट्यूटर लेते हैं जो कुल अंक नीचे खींच रहा हो, और बाक़ी दो ख़ुद या कोचिंग में संभालते हैं। विषय और अध्याय बताइए, जैसे ऑर्गेनिक केमिस्ट्री या घूर्णन गति, और Edutara ठीक उसी के लिए ट्यूटर की तलाश करता है। तीनों विषय चाहिए तो हर विषय के लिए अलग ट्यूटर भी हो सकते हैं, या दो विषयों के लिए एक, यह इस पर निर्भर है कि कौन उपलब्ध है।
पूरी गाइड

JEE के सालों की पूरी गाइड

  1. JEE का साल कैसे चलता है: 2026 के चक्र से समझें

    2026 का चक्र सबसे ताज़ा पूरा चक्र है, और उससे वह क्रम साफ़ दिखता है जिससे कक्षा 12 का विद्यार्थी गुज़रता है। NTA ने JEE Main के सेशन 1 का आवेदन 31 अक्टूबर 2025 को खोला, और पेपर 1 21 से 30 जनवरी 2026 के बीच दस शिफ़्ट में हुआ। इसके बाद बोर्ड परीक्षाएँ आईं: NTA अपने दोनों सेशन जनवरी और अप्रैल में इसीलिए रखता है कि बोर्ड से टकराव न हो।

    सेशन 2, 2 से 9 अप्रैल 2026 तक चला और पेपर 1 का परिणाम अप्रैल में आया। JEE Advanced का पंजीकरण 23 अप्रैल को शुरू हुआ। IIT रुड़की ने 17 मई को दोनों पेपर कराए, 1 जून को परिणाम आया, 4 जून को Architecture Aptitude Test हुआ, और JoSAA की सीट आवंटन प्रक्रिया 2 जून से शुरू होकर पाँच राउंड चली।

    2027 के लिए अभी सिर्फ़ सेशन 1 की अवधि प्रस्तावित है: 22 से 24 और 28 से 30 जनवरी 2027। ट्यूटर इन्हीं तारीख़ों से पीछे की ओर योजना बनाते हैं, ताकि जनवरी तक ज़रूरी कक्षा 12 के अध्याय समय पर पूरे हों और कम से कम एक बार दोहराए जा सकें।

    काम के टिप्स

    1. जनवरी 2027 की प्रस्तावित तारीख़ें आज ही पढ़ाई की योजना में लिख लें, और तभी बदलें जब NTA का बुलेटिन उन्हें बदले।
    2. जल्दी तय कर लें कि लक्ष्य केवल JEE Main है या दोनों परीक्षाएँ, क्योंकि Advanced के अलग टॉपिक ठीक से सीखने में महीनों लगते हैं।
    3. कक्षा 11 से ही एक कॉपी सूत्रों की और एक ग़लतियों की रखें; जनवरी में यही दोनों रिवीज़न की सामग्री बनती हैं।
  2. JEE के लिए होम ट्यूटर, कोचिंग सेंटर या ऑनलाइन ट्यूशन

    ज़्यादातर JEE विद्यार्थी इनमें से एक से ज़्यादा का सहारा लेते हैं। काम का सवाल यह है कि तैयारी का कौन-सा हिस्सा कौन सबसे अच्छी तरह उठाता है: पूरे सिलेबस को समय पर कवर करना, बड़े समूह के साथ टेस्ट, या एक विद्यार्थी के हल पर पूरा ध्यान।

    प्राइवेट ट्यूशनट्यूटर से तय
    पूरा ध्यान एक ही विद्यार्थी के डाउट पर
    स्कूल और कोचिंग की अपनी सामग्री से पढ़ाई
    स्कूल के लंबे दिन के बाद और आना-जाना नहीं
    घर की पहुँच में JEE ट्यूटर मिलने पर निर्भर
    दूसरे विद्यार्थियों से तुलना के लिए अलग टेस्ट सीरीज़ चाहिए
    कोचिंग सेंटरसंस्थान तय करता है
    पूरा सिलेबस कवर करने वाला तय टाइमटेबल
    बड़े बैच के साथ नियमित टेस्ट
    स्टडी मटीरियल और टेस्ट सीरीज़ एक जगह
    रफ़्तार पूरे बैच के हिसाब से
    एक विद्यार्थी के सवालों के लिए कम समय
    स्कूल के ऊपर से आने-जाने का समय
    ऑनलाइन ट्यूशनट्यूटर से तय
    देश के किसी भी शहर का ट्यूटर
    कंप्यूटर-आधारित परीक्षा की तरह स्क्रीन पर अभ्यास
    टेस्ट से पहले छोटी क्लास जोड़ना आसान
    स्थिर इंटरनेट और शांत कमरा चाहिए
    हाथ से लिखा हल कैमरे पर जाँचना कठिन

    बहुत से JEE विद्यार्थी इन्हें जोड़कर चलते हैं: पूरे सिलेबस और टेस्ट सीरीज़ के लिए कोचिंग या ख़ुद की पढ़ाई, और उन अध्यायों व आदतों के लिए वन-टू-वन ट्यूटर जिनमें बार-बार अंक कट रहे हों।

  3. JEE विद्यार्थियों को महँगी पड़ने वाली ग़लतियाँ, और उनका हल

    काम के टिप्स

    1. कक्षा 12 की मार्कशीट को शुरू से नज़र में रखें: 2026 के नियमों के अनुसार दाख़िले के समय 75% या बोर्ड का शीर्ष 20 पर्सेंटाइल देखा जाता है।
    2. JEE Main की वेबसाइट पर NTA की हर सार्वजनिक सूचना ख़ुद पढ़ें; तारीख़ें, कैलकुलेटर के नियम और शहर की सूचना, सब इसी रास्ते आते हैं।
    3. हर JEE Main सेशन के बाद NTA की जारी की हुई रिकॉर्ड की गई प्रतिक्रियाएँ और आंसर की देखें, और हर ग़लत उत्तर को ग़लतियों की सूची में जोड़ें।

    आम ग़लतियाँ और उनका हल

    JEE Main और बोर्ड परीक्षा को दो अलग-अलग काम मान लेना
    कक्षा 12 को एक ही साल की तरह प्लान करें: हर अध्याय एक बार बोर्ड की गहराई से और एक बार JEE की रफ़्तार से, और बोर्ड से ठीक पहले के हफ़्ते लिखित उत्तरों के लिए।
    JEE Advanced की तैयारी JEE Main की सिलेबस-सूची से करना
    2026 के दोनों सिलेबस अध्याय-दर-अध्याय मिलाएँ, और Advanced के अलग टॉपिक, जैसे ठोस अवस्था, s-ब्लॉक और 3D में समतल, अप्रैल सेशन से काफ़ी पहले पढ़ लें।
    तैयारी को पढ़ाई के घंटों से नापना
    हर टेस्ट में सेक्शन-दर-सेक्शन सटीकता का हिसाब रखें: कितने प्रयास, कितने सही, कितने ग़लत। प्रयास बढ़ें और सटीकता गिरे, तो नेगेटिव अंक बढ़ते हैं।
    पेपर की भाषा आख़िरी समय में चुनना
    JEE Main में पेपर की भाषा आवेदन फ़ॉर्म में तय होती है और बाद में बदली नहीं जा सकती, इसलिए इसे जल्दी तय करें और उसी भाषा में अभ्यास करें।

शुरुआत कैसे करें

बताइए, JEE के सफ़र में आप कहाँ हैं

  • फ़िज़िक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स: एक या तीनों
  • घर पर या ऑनलाइन
  • जनवरी 2027 को ध्यान में रखकर
  • हिंदी या अंग्रेज़ी में समझाना

कक्षा 11, कक्षा 12 या ड्रॉप ईयर, JEE Main अकेले या Advanced के साथ, किन विषयों में मदद चाहिए, हिंदी या अंग्रेज़ी, और घर पर या ऑनलाइन। फिर Edutara ठीक वही पढ़ाने वाले ट्यूटर की तलाश करता है।

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शुरुआत एक ट्रायल क्लास से होती है। पढ़ाई जमे, तो ही आगे जारी रखें।

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