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दिल्ली भर में पढ़ाने का काम

दिल्ली में ट्यूटर जॉब, उनके लिए जो समझाना जानते हैं

दिल्ली के स्कूली बच्चे एक साथ चार बोर्ड पर बँटे हुए हैं, और ट्यूटर की ज़रूरत रोहिणी से लेकर कालकाजी तक हर कोने के घरों में रहती है। आपको कोई विषय अच्छी तरह आता है और आप एक विद्यार्थी के साथ तब तक बैठ सकते हैं जब तक बात उसकी समझ में आ जाए, तो यहाँ आपके लिए पढ़ाने का काम है।

  • जुड़ना मुफ़्त है
  • कोई कमीशन नहीं
  • लीड के लिए कोई चार्ज नहीं
  • फ़ीस सीधे विद्यार्थी से
  • CBSE, CISCE, DBSE और NIOS विद्यार्थी
  • घर पर या ऑनलाइन पढ़ाएँ
  • कॉलेज वाले भी आवेदन करें
  • अपने इलाके खुद चुनें

आवेदन में कुछ ही मिनट लगते हैं, और उसके बाद अगले कदमों वाला ईमेल आपके पास पहुँच जाता है।

दिल्ली में ट्यूटर जॉब क्या है?

दिल्ली में ट्यूटर जॉब का मतलब है किसी एक विद्यार्थी को नियमित रूप से पढ़ाना, उसके घर जाकर या ऑनलाइन, जहाँ आप बैठे हैं वहीं से। परिवार बताता है कि विद्यार्थी कहाँ अटका हुआ है: कक्षा 9 के विज्ञान का कोई अध्याय, कक्षा 12 का अकाउंटेंसी का पेपर, या CUET-UG का गणित वाला हिस्सा। Edutara ऐसा ट्यूटर खोजता है जो ठीक वही पढ़ाता हो, और फिर आप दोनों की बात करवा देता है। पहली क्लास ट्रायल क्लास रहती है, ताकि परिवार और आप दोनों देख लें कि तालमेल बैठ रहा है। दिन, समय और ट्यूशन की फ़ीस परिवार के साथ मिलकर तय होती है, और फ़ीस सीधे आपके पास आती है।

  • एक समय पर एक विद्यार्थी, उसके दिल्ली वाले घर पर या ऑनलाइन आपके घर से।
  • विषय और कक्षाएँ आपकी पसंद की, प्राइमरी की पढ़ाई से लेकर कक्षा 12 की फ़िज़िक्स तक।
  • समय ऐसा जो कॉलेज की टाइम टेबल या दफ़्तर के दिन में फ़िट हो जाए।
  • पहली क्लास ट्रायल क्लास होती है, परिवार के लिए भी और आपके लिए भी।
  • ट्यूशन की फ़ीस विद्यार्थी की तरफ़ से सीधे आपको, बीच में कोई कटौती नहीं।
विषय

दिल्ली के घरों में जिन विषयों की माँग रहती है

दिल्ली के घर CBSE, CISCE, दिल्ली बोर्ड ऑफ़ स्कूल एजुकेशन और NIOS, सब तरह का सिलेबस पढ़ते हैं, इसलिए एक ही विषय आपके सामने कई रूपों में आता है। वही चुनिए जो आपको पेपर पैटर्न तक याद हो।

प्राइमरी कक्षाएँ, 1 से 5

कक्षा 1 से 5 तक पढ़ना, लिखावट, गिनती और शुरुआती अंग्रेज़ी, आमतौर पर बच्चे के स्कूल से लौटने के बाद वाले घंटे में।

गणित, कक्षा 6 से 10

कक्षा 10 के बोर्ड पेपर तक का गणित, जिसमें CBSE का स्टैंडर्ड और बेसिक गणित वाला चुनाव भी शामिल है।

विज्ञान, कक्षा 9 और 10

फ़िज़िक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी एक ही स्कूली विषय की तरह, उन चित्रों और संख्यात्मक सवालों के साथ जिन पर नंबर टिके होते हैं।

फ़िज़िक्स और केमिस्ट्री, कक्षा 11 और 12

बोर्ड की तैयारी, साथ में JEE Main या NEET-UG का सिलेबस, जो दिल्ली का विद्यार्थी अक्सर उन्हीं महीनों में पढ़ रहा होता है।

गणित, कक्षा 11 और 12

बोर्ड पेपर के लिए कैलकुलस, वेक्टर और प्रायिकता, और JEE Main की तैयारी वाले विद्यार्थी के कठिन सवालों के सेट।

बायोलॉजी और NEET-UG

कक्षा 11 और 12 की बायोलॉजी, NCERT की किताब को लाइन दर लाइन पढ़ने के उस तरीक़े के साथ जो NEET-UG में काम आता है।

अकाउंटेंसी और बिज़नेस स्टडीज़

कक्षा 11 और 12 का कॉमर्स, वही स्ट्रीम जिससे लक्ष्मी नगर की कोचिंग गलियाँ और दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉमर्स कॉलेज भरे रहते हैं।

अंग्रेज़ी भाषा और साहित्य

स्कूल बोर्ड के लिए लेखन, कॉम्प्रिहेंशन और साहित्य के पाठ, और कॉलेज वालों तथा कामकाजी वयस्कों के लिए स्पोकन इंग्लिश।

हिंदी और संस्कृत

CBSE की हिंदी कोर्स A और कोर्स B, और वह संस्कृत जो दिल्ली के कई स्कूल कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाते हैं।

कंप्यूटर साइंस और इन्फ़ॉर्मेटिक्स प्रैक्टिसेज़

कक्षा 11 और 12 के पेपर जिस तरह Python और SQL माँगते हैं, उन विद्यार्थियों के लिए जिनका स्कूल सिलेबस तेज़ी से निकाल देता है।

सामाजिक विज्ञान और मानविकी

इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र, कक्षा 9 से लेकर कक्षा 12 की ह्यूमैनिटीज़ स्ट्रीम तक।

CUET-UG की तैयारी

डोमेन के पेपर और जनरल टेस्ट, जिन पर दिल्ली विश्वविद्यालय और यहाँ के दूसरे केंद्रीय विश्वविद्यालयों की सीट तय होती है।

इलाके

दिल्ली के जिन हिस्सों में आप पढ़ा सकते हैं

दिल्ली ने जनवरी 2026 में अपने राजस्व ज़िले दोबारा खींचे ताकि वे नगर निगम के ज़ोन से मिल जाएँ, फिर भी परिवार अपना पता कॉलोनी के नाम से ही बताते हैं। वही इलाके चुनिए जहाँ आप शाम को पहुँच सकें, और वह मेट्रो लाइन जिस पर आप रोज़ चलते हैं।

मॉडल टाउन

कमला नगर, मुखर्जी नगर, जीटीबी नगर, सिविल लाइंस, तिमारपुर, अशोक विहार

रोहिणी

पीतमपुरा, शालीमार बाग, प्रशांत विहार, रिठाला, बुध विहार, रोहिणी सेक्टर 7

करोल बाग

राजेंद्र प्लेस, पटेल नगर, ओल्ड राजिंदर नगर, झंडेवालान, पहाड़गंज

राजौरी गार्डन

पंजाबी बाग, तिलक नगर, जनकपुरी, विकासपुरी, पश्चिम विहार, सुभाष नगर

द्वारका

द्वारका सेक्टर 6, द्वारका सेक्टर 12, पालम, सागरपुर, उत्तम नगर, नजफगढ़

हौज़ ख़ास

ग्रीन पार्क, सफ़दरजंग एन्क्लेव, मालवीय नगर, साकेत, वसंत कुंज, महरौली

लाजपत नगर

कालकाजी, ग्रेटर कैलाश, नेहरू प्लेस, जंगपुरा, सरिता विहार, जामिया नगर

मयूर विहार

प्रीत विहार, लक्ष्मी नगर, पटपड़गंज, वसुंधरा एन्क्लेव, शाहदरा, दिलशाद गार्डन

यमुना विहार

भजनपुरा, सीलमपुर, करावल नगर, गोकलपुरी, मौजपुर, घोंडा

स्थानीय शिक्षा

दिल्ली में पढ़ाई का माहौल

यहाँ के विद्यार्थी जिन स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ते हैं, और शहर की शिक्षा से जुड़े तथ्य, हर एक के साथ उसका स्रोत।

स्कूल

मॉडर्न स्कूल, बाराखंबा रोड

CBSE स्कूल

बाराखंबा रोड

दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर. के. पुरम

CBSE स्कूल

आर. के. पुरम

स्प्रिंगडेल्स स्कूल, धौला कुआँ

CBSE स्कूल

धौला कुआँ

सेंट कोलंबा स्कूल

CBSE स्कूल

अशोक प्लेस

द फ़्रैंक एंथनी पब्लिक स्कूल

ICSE और ISC स्कूल

लाजपत नगर

बाल भारती पब्लिक स्कूल, पीतमपुरा

CBSE स्कूल

पीतमपुरा

दिल्ली पब्लिक स्कूल, मथुरा रोड

CBSE स्कूल

मथुरा रोड

राजकीय प्रतिभा विकास विद्यालय, सेक्टर-10, द्वारका

दिल्ली सरकार का स्कूल

द्वारका

कॉलेज और विश्वविद्यालय

दिल्ली विश्वविद्यालय

केंद्रीय विश्वविद्यालय

नॉर्थ कैंपस

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय

केंद्रीय विश्वविद्यालय

नई महरौली रोड

जामिया मिल्लिया इस्लामिया

केंद्रीय विश्वविद्यालय

जामिया नगर

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली

राष्ट्रीय महत्व का संस्थान

हौज़ ख़ास

दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी

राज्य विश्वविद्यालय

शाहबाद दौलतपुर

नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नोलॉजी

राज्य विश्वविद्यालय

द्वारका

गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय

राज्य विश्वविद्यालय

द्वारका

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय

केंद्रीय मुक्त विश्वविद्यालय

मैदान गढ़ी

शिक्षा से जुड़े तथ्य

1

दिल्ली के 1,270 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में 2024-25 के दौरान शहर के कुल स्कूली नामांकन का 39.75 प्रतिशत हिस्सा रहा।

स्रोत: Economic Survey of Delhi 2025-26, IANS रिपोर्ट

2

सत्र 2024-25 में दिल्ली सरकार के स्कूलों का कक्षा 10 का परिणाम 97.7 प्रतिशत और कक्षा 12 का 98.3 प्रतिशत रहा।

स्रोत: Economic Survey of Delhi 2025-26, IANS रिपोर्ट

3

शहर CBSE के दो क्षेत्रों में बँटा है। 2026 के कक्षा 12 के नतीजों में दिल्ली वेस्ट का परिणाम 92.34 प्रतिशत और दिल्ली ईस्ट का 91.73 प्रतिशत रहा, जबकि पूरे देश का 85.20 प्रतिशत था।

स्रोत: The Pioneer, 14 मई 2026

4

सत्र 2025-26 से दिल्ली के CBSE स्कूलों में कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा दो बार होती है: पहली फ़रवरी में और दूसरी, वैकल्पिक परीक्षा मई में।

स्रोत: CBSE, कक्षा 10 में दो परीक्षाओं की योजना, 2026 से

जुड़ने के लिए योग्यता

दिल्ली के ट्यूटर में Edutara क्या देखता है

यहाँ किसी डिग्री की दीवार खड़ी नहीं की गई है। बात इतनी है कि जिस स्तर पर आप पढ़ाने की कह रहे हैं, उस स्तर पर विषय आपको आता हो, और आप एक विद्यार्थी को हफ़्ते दर हफ़्ते आगे बढ़ा सकें।

कौन आवेदन कर सकता है

  1. दिल्ली के कॉलेज और विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले, पहले साल के वे विद्यार्थी भी जिनकी किसी स्कूली विषय पर अच्छी पकड़ है।
  2. किसी भी स्ट्रीम के ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट, और नौकरी करने वाले लोग जिनकी शाम खाली रहती है।
  3. रिटायर हो चुके शिक्षक, और स्कूल व्यवस्था के बाहर पढ़ाने वाले लोग, जैसे कोचिंग सेंटर या कॉलेज में।
  4. स्कूल में कार्यरत शिक्षक निजी ट्यूशन नहीं पढ़ा सकते, इसलिए Edutara उनका आवेदन नहीं लेता।

विषय पर पकड़

  1. जिस कक्षा के लिए पढ़ा रहे हैं उस स्तर का विषय, और उस बोर्ड का पेपर बनाने का अपना तरीक़ा।
  2. NCERT की किताबों से सहजता, क्योंकि दिल्ली के स्कूलों में होमवर्क और रिवीज़न दोनों वहीं से शुरू होते हैं।
  3. किसी एक बात को समझाने का दूसरा रास्ता, उस दिन के लिए जब पहला रास्ता काम न करे।

परिवार के साथ काम करने का तरीक़ा

  1. दिन और समय तय, और उन्हें निभाना, क्योंकि दिल्ली की शाम बिना बताए एक घंटा खा जाती है।
  2. अभिभावक को सीधी बात कि आज क्या पढ़ाया और कहाँ अब भी कमज़ोरी है।
  3. पीछे रह गए विद्यार्थी के साथ धीरज, और इस बारे में ईमानदारी कि पीछे की कसर पूरी होने में कितना समय लगेगा।

ऑनलाइन पढ़ाना हो तो

  1. एक शांत कोना और ऐसा इंटरनेट जो पूरी क्लास टिका रहे।
  2. अपना हल दिखाने का कोई ज़रिया: राइटिंग पैड, टैबलेट, या कैमरे के नीचे रखा काग़ज़।
  3. लैपटॉप, या स्टैंड पर टिका फ़ोन, ताकि विद्यार्थी आपको सवाल हल करते देख सके।

किसी बात पर मन में शंका हो, तब भी आवेदन कर दीजिए। किसी विद्यार्थी से जोड़ने से पहले हम आपका आवेदन पढ़ेंगे।

आपके हिस्से में क्या आता है

दिल्ली में पढ़ाने से आपको क्या मिलता है

दिल्ली फैली हुई है, यहाँ के स्कूल तेज़ रफ़्तार रखते हैं, और परीक्षाओं का साल दो मौसमों में बँटा है। इन्हीं तीन बातों से तय होता है कि यहाँ पढ़ाने वाला हफ़्ता कैसा दिखेगा।

जुड़ने का कोई पैसा नहीं लगता, न आज और न आगे चलकर। कमीशन और लीड का चार्ज भी नहीं है, और फ़ीस विद्यार्थी सीधे आपके हाथ में देते हैं।

दिल्ली के उसी हिस्से में पढ़ाइए जहाँ से आप रोज़ गुज़रते हैं
शाम और वीकेंड के घंटे, जो कॉलेज की टाइम टेबल में बैठ जाएँ
बैच की जगह सामने बैठा एक विद्यार्थी
दिल्ली के परिवार जिन बोर्ड को मानते हैं, सब पर काम
किसी विषय को पढ़ाना ही उस पर पूरी पकड़ बनाता है
ऑनलाइन क्लास शहर के दूसरे सिरे तक पहुँचती है
साल के दो मौसम: पहले बोर्ड, फिर प्रवेश परीक्षाएँ
कितने विद्यार्थी लेने हैं, यह आप तय करते हैं
आपका दायरा नक्शे से ज़्यादा मेट्रो तय करती है
जुड़ने के कदम

दिल्ली में पढ़ाना कैसे शुरू होता है

फ़ॉर्म से लेकर पहली क्लास तक, पूरी बात इतनी ही है। बीच में और कुछ नहीं आता, और आपसे कहीं कोई पैसा नहीं लिया जाता।

  1. कदम 1

    आवेदन फ़ॉर्म भरिए

    बताइए कि कौन से विषय और कक्षाएँ पढ़ा सकते हैं, दिल्ली के किन हिस्सों तक पहुँच सकते हैं, और घर जाकर पढ़ाना है, ऑनलाइन पढ़ाना है, या दोनों।

    कुछ ही मिनट
  2. कदम 2

    अगले क़दम बताता ईमेल आपके पास आता है

    वह उसी पते पर जाता है जो आपने फ़ॉर्म में लिखा था, और उसमें साफ़ लिखा होता है कि Edutara की तरफ़ से क्या होगा और आपकी तरफ़ से क्या चाहिए।

  3. कदम 3

    आपका आवेदन पढ़ा जाता है

    कोई व्यक्ति देखता है कि आप क्या पढ़ाते हैं और कहाँ तक पढ़ा सकते हैं, ताकि आगे जिस विद्यार्थी की बात आपसे हो, उसकी मदद आप सचमुच कर सकें।

  4. कदम 4

    Edutara आपकी बात विद्यार्थी से करवाता है

    जब किसी विद्यार्थी को वही चाहिए जो आप पढ़ाते हैं, और वह उसी इलाके में है जो आपने बताया था, तो आप दोनों का परिचय कराया जाता है। पहली क्लास ट्रायल क्लास रहती है।

  5. कदम 5

    आप पढ़ाते हैं, और विद्यार्थी आपको फ़ीस देता है

    दिन, समय और ट्यूशन की फ़ीस आपके और परिवार के बीच तय होती है। क्लास का पैसा उन्हीं की तरफ़ से सीधे आपके पास आता है, बीच में कोई हिस्सा नहीं कटता।

ऊपर लिखा हर कदम मुफ़्त है। जॉइनिंग फ़ीस और कमीशन, दोनों में से कुछ नहीं लिया जाता।

सवाल-जवाब

दिल्ली के ट्यूटर जो पूछते हैं

आवेदन, पैसा, और यह शहर पढ़ाने के लिहाज़ से कैसा है।

आवेदन

3 सवाल

हाँ। कॉलेज में पढ़ने वालों का स्वागत है, और दूसरे साल का विद्यार्थी कक्षा 6 से 10 तक आराम से पढ़ा लेता है, क्योंकि स्कूल का सिलेबस अभी ताज़ा रहता है। वही विषय और कक्षाएँ चुनिए जिन पर भरोसा है, और वही घंटे जो आपकी लेक्चर टाइम टेबल के बाद बच जाते हैं। आवेदन करने का कोई पैसा नहीं लगता, और आगे भी आपसे कुछ नहीं कटता।

नहीं। निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 28 स्कूल में कार्यरत शिक्षक के निजी ट्यूशन पढ़ाने पर रोक लगाती है, और यह रोक सरकारी तथा निजी, दोनों तरह के स्कूलों पर लागू होती है। इसलिए Edutara कार्यरत स्कूल शिक्षकों का आवेदन नहीं लेता। आप रिटायर हो चुके हैं, या स्कूल व्यवस्था के बाहर किसी कोचिंग सेंटर या कॉलेज में पढ़ाते हैं, तो आवेदन ज़रूर कीजिए।

नहीं। Edutara यह पूछता है कि आप क्या पढ़ा सकते हैं और किस स्तर तक, यही सवाल अभिभावक भी पूछते हैं। सबसे ज़्यादा काम यह आता है कि अध्याय आपको इतना आता हो कि आप उसे टुकड़ों में खोल सकें, और एक बच्चे का ध्यान घंटे भर बाँधे रख सकें। दिल्ली में अच्छा पढ़ाने वालों में बहुत से पोस्ट ग्रेजुएट विद्यार्थी हैं जो कभी किसी क्लासरूम के आगे खड़े नहीं हुए।
परिवारों और विद्यार्थियों के लिए

दिल्ली में होम ट्यूटर की तलाश है?

यह पेज उनके लिए है जो पढ़ाना चाहते हैं। अगर आप दिल्ली में अपने लिए या अपने बच्चे के लिए ट्यूटर खोज रहे हैं, तो Edutara ऐसा ट्यूटर खोज सकता है जो ठीक वही पढ़ाए जिसकी आपको ज़रूरत है।

दिल्ली में होम ट्यूशन

अपने विषय को दिल्ली में काम पर लगाइए

Edutara को बताइए कि आप क्या पढ़ाते हैं, कौन सी कक्षाएँ सहज लगती हैं, और कामकाजी शाम में कितनी दूर तक जा सकते हैं। फ़ॉर्म में कुछ ही मिनट लगते हैं और आपसे कोई पैसा नहीं लिया जाता।

  • जुड़ना मुफ़्त है
  • कोई कमीशन नहीं
  • लीड के लिए कोई चार्ज नहीं
  • फ़ीस सीधे विद्यार्थी से
दिल्ली में पढ़ाने के लिए आवेदन करेंविषय दोबारा देखिए

आपका आवेदन पहुँचते ही अगले कदमों की जानकारी ईमेल पर आ जाती है।