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दिल्ली होम ट्यूशन

दिल्ली में होम ट्यूशन, एक विद्यार्थी के लिए एक ट्यूटर

Edutara आपके लिए ऐसा ट्यूटर ढूँढ़ता है जो एक ही विद्यार्थी को पढ़ाए, आपके घर पर या ऑनलाइन। क्लास, बोर्ड और इलाक़ा बता दीजिए, चाहे वह रोहिणी हो, मयूर विहार हो या सरिता विहार, और पहली क्लास ट्रायल रहती है।

यह कैसे काम करता है

  1. 1. हमें कक्षा या परीक्षा, बोर्ड और विषय बताइए, और यह भी कि क्लास घर पर चाहिए या ऑनलाइन।
  2. 2. हम ऐसा ट्यूटर ढूँढते हैं जो ठीक यही पढ़ाता हो।
  3. 3. शुरुआत एक ट्रायल क्लास से होती है।
  • एक विद्यार्थी, एक ट्यूटर
  • आपके घर पर या ऑनलाइन
  • पहली क्लास ट्रायल
  • ट्यूटर से कोई फ़ीस नहीं

दिल्ली में होम ट्यूशन क्या है?

होम ट्यूशन का मतलब है कि ट्यूटर आपके घर आता है और एक ही विद्यार्थी को, आपके चुने हुए समय पर पढ़ाता है। दिल्ली के ज़्यादातर स्कूल CBSE से जुड़े हैं, चाहे वे शिक्षा निदेशालय के स्कूल हों, नगर निगम के हों या प्राइवेट, इसलिए यहाँ की ज़्यादातर माँग CBSE की किसी क्लास, बोर्ड वाले साल या Class 11-12 के सिलेबस पर बनी प्रवेश परीक्षा से जुड़ी होती है। कुछ स्कूल CISCE का कोर्स पढ़ाते हैं और गिने-चुने स्कूल इंटरनेशनल कोर्स चलाते हैं। दिल्ली बहुत फैली हुई भी है, और आने-जाने का एक-एक घंटा तय कर देता है कि हफ़्ते के दिनों में क्या मुमकिन है। यही वजह है कि कई परिवार दो-तीन क्लास घर पर रखते हैं और बाक़ी ऑनलाइन कर लेते हैं।

विद्यार्थी को इससे क्या मिलता है

  • पढ़ाई उन्हीं चैप्टर पर, जहाँ आपका बच्चा अटका है, आपके अपने कमरे में
  • समय दिल्ली के हिसाब से: स्कूल के बाद, ट्रैफ़िक हल्का होने पर, या रविवार सुबह
  • हवा ख़राब हो या परिवार बाहर हो, तब वही ट्यूटर ऑनलाइन पढ़ा सकता है
  • क्लास, बोर्ड और इलाक़ा पहले तय होता है, ट्यूटर सुझाना उसके बाद

किसके लिए ठीक है

  • दिल्ली के स्कूलों में CBSE, ICSE या ISC पढ़ रहे कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थी
  • JEE Main, NEET-UG या CUET-UG की तैयारी करते कक्षा 11-12 के विद्यार्थी
  • कक्षा 1 से 8 के बच्चे, जिनकी पढ़ाई-लिखाई और गणित मज़बूत करनी है
  • दफ़्तर के बाद spoken English या IELTS पर काम करने वाले वयस्क
दिल्ली

दिल्ली में जोड़ी कैसे बनती है

चार क़दम, पहले संदेश से लेकर ऐसे हफ़्तेवार समय तक जो दिल्ली की भागदौड़ में टिक जाए।

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ज़रूरत बताइए

क्लास, बोर्ड, विषय और अपना इलाक़ा: पीतमपुरा, जनकपुरी, साकेत, शहर में कहीं भी। यह भी बता दीजिए कि ट्यूटर घर आए, ऑनलाइन पढ़ाए, या दोनों मिलाकर चले।

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Edutara वैसा ट्यूटर ढूँढ़ता है

हम ऐसे व्यक्ति को खोजते हैं जो पहले से वही क्लास और वही बोर्ड पढ़ाता हो और आपके तय समय पर दिल्ली के आपके हिस्से तक पहुँच सके। यहाँ आने-जाने का समय भी खोज का हिस्सा है, क्योंकि शहर पार करने में पूरी शाम निकल जाती है।

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पहले ट्रायल क्लास

पहली क्लास ट्रायल होती है। आप पास बैठकर सुन सकते हैं कि कोई चैप्टर कैसे समझाया जा रहा है, और आगे तभी बढ़ते हैं जब विद्यार्थी और ट्यूटर दोनों को ठीक लगे।

एक क्लास
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दिन, समय और फ़ीस ट्यूटर के साथ

हफ़्ते के दिन, समय और ट्यूशन की फ़ीस ट्यूटर के साथ तय होती है और फ़ीस सीधे ट्यूटर को दी जाती है। दिल्ली में बोर्ड परीक्षा से पहले के महीनों में परिवार अक्सर क्लास बढ़ा लेते हैं और नतीजों के बाद घटा देते हैं।

कहाँ-कहाँ

दिल्ली में ट्यूटर कहाँ-कहाँ पहुँच सकता है

शहर उसी तरह, जैसे लोग बताते हैं: कॉलोनी से, बाज़ार से, पास के मेट्रो स्टेशन से।

1 जनवरी 2026 से दिल्ली तेरह राजस्व ज़िलों में बँटी है, हालाँकि पता कोई इस तरह नहीं बताता। नीचे शहर के वे हिस्से हैं जिनका नाम आप अपनी माँग में लिख सकते हैं, और हर हिस्से के भीतर वही इलाक़े जो लोग बोलचाल में कहते हैं।

  1. दक्षिण-पश्चिम दिल्ली की बसाई हुई उप-नगरी, नंबर वाले सेक्टरों में। स्कूल बसें लंबा चक्कर लगाती हैं और Blue Line द्वारका सेक्टर 21 पर ख़त्म होती है। यहाँ क्लास अक्सर बस लौटने के बाद, शाम ढलते ही शुरू होती है।

    इलाके
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    इलाके
    द्वारका मोड़पालमसागरपुरडाबड़ीबिंदापुरनजफगढ़महावीर एन्क्लेव
    • Blue Line का पश्चिमी छोर द्वारका सेक्टर 21 है
  2. पश्चिमी दिल्ली की पुरानी कॉलोनियाँ, जहाँ स्कूल बाज़ारों और फ्लैटों के बीच बसे हैं। इस पट्टी के भीतर दूरियाँ कम हैं, इसलिए एक कॉलोनी में रहने वाला ट्यूटर तीन कॉलोनियों तक पढ़ा लेता है।

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    जनकपुरी वेस्टविकासपुरीउत्तम नगरतिलक नगरराजौरी गार्डनपंजाबी बागपश्चिम विहारहरि नगर
    • जनकपुरी वेस्ट, तिलक नगर और राजौरी गार्डन, तीनों Blue Line पर हैं
  3. उत्तर-पश्चिम दिल्ली की सेक्टरों और ब्लॉकों वाली बसावट, जहाँ स्कूल रिहायशी हिस्सों के भीतर ही हैं। रोहिणी के अंदर आने के बाद ट्यूटर का सफ़र छोटा रह जाता है, इसलिए शाम का तय समय यहाँ बाक़ी शहर से आसानी से निभता है।

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    रोहिणी वेस्टरोहिणी ईस्टपीतमपुराशालीमार बागअशोक विहारप्रशांत विहारमंगोलपुरी
    • रिठाला, रोहिणी वेस्ट और रोहिणी ईस्ट, Red Line के स्टेशन हैं
  4. दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस के आसपास का उत्तरी हिस्सा, जहाँ दुकानों के ऊपर हॉस्टल, पीजी कमरे और कोचिंग की मंज़िलें हैं। यहाँ परिवार बड़ी विद्यार्थी आबादी के बीच रहते हैं।

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    कमला नगरजीटीबी नगरमुखर्जी नगरसिविल लाइंसतिमारपुरबुराड़ीआदर्श नगर
    • मुखर्जी नगर शहर के दो सिविल सेवा कोचिंग ठिकानों में से एक है
    • नॉर्थ कैंपस के लिए Yellow Line पर विश्वविद्यालय और जीटीबी नगर स्टेशन हैं
  5. मध्य दिल्ली, जहाँ घर दुकानों के ऊपर हैं और गलियाँ इतनी सँकरी कि स्कूटर कार से तेज़ पड़ता है। बाज़ार की भीड़ छँटने के बाद शाम की क्लास सबसे अच्छी चलती है।

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    राजेंद्र नगरपटेल नगरपहाड़गंजदरियागंजचाँदनी चौकगोल मार्केटशादीपुर
    • ओल्ड राजिंदर नगर सिविल सेवा कोचिंग का दूसरा ठिकाना है
    • करोल बाग Blue Line पर है और चाँदनी चौक Yellow Line पर
  6. यमुना पार की पूर्वी दिल्ली, फ्लैटों और कोचिंग की मंज़िलों से भरी घनी पट्टी। कॉमर्स के विद्यार्थी यहाँ बहुत हैं, इसलिए माँग में अक्सर accountancy, business studies और economics का नाम आता है।

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    प्रीत विहारशकरपुरमयूर विहारपटपड़गंजआईपी एक्सटेंशनकृष्णा नगरविवेक विहार
    • CBSE का मुख्यालय प्रीत विहार में शिक्षा केंद्र पर है
    • Blue Line लक्ष्मी नगर, प्रीत विहार और मयूर विहार से होकर जाती है
  7. उत्तर-पूर्वी हिस्सा, जहाँ गलियाँ सँकरी हैं और ज़्यादातर बच्चे शिक्षा निदेशालय, नगर निगम या सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ते हैं। यहाँ शाम का एक पक्का समय बदलते समय से बेहतर चलता है, क्योंकि अँधेरे के बाद गलियों में गाड़ी ले जाना मुश्किल होता है।

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    शाहदरायमुना विहारभजनपुरासीलमपुरकरावल नगरझिलमिलमानसरोवर पार्क
    • 2011 की जनगणना के अनुसार उत्तर-पूर्वी दिल्ली देश के सबसे घने ज़िलों में गिनी जाती है
    • Red Line शाहदरा और दिलशाद गार्डन होते हुए ग़ाज़ियाबाद की ओर जाती है
  8. दक्षिणी दिल्ली, कोठियों वाली कॉलोनियों से लेकर रिज के पास की ऊँची इमारतों तक। बड़ी सड़कों का ट्रैफ़िक समय तय करता है, इसलिए यहाँ ट्यूटर आम तौर पर या तो शाम जल्दी वाला स्लॉट रखते हैं या देर शाम वाला, दोनों कम ही।

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    मालवीय नगरहौज़ खासकालू सरायशेख सरायछतरपुरवसंत कुंजमहरौली
    • IIT दिल्ली से सटी कालू सराय की गली JEE और NEET कोचिंग संस्थानों से भरी है
    • Yellow Line हौज़ खास, मालवीय नगर और साकेत पर रुकती है
  9. दक्षिण-पूर्वी दिल्ली, रिंग रोड और यमुना के बीच फैली कॉलोनियाँ, जहाँ CBSE स्कूलों के साथ कई CISCE स्कूल भी हैं। यहाँ परिवार अक्सर ICSE या ISC के पेपर का नाम लेकर ट्यूटर माँगते हैं।

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    इलाके
    कालकाजीग्रेटर कैलाशगोविंदपुरीसरिता विहारजसोलान्यू फ्रेंड्स कॉलोनीनेहरू प्लेस
    • ICSE और ISC परीक्षाएँ कराने वाले CISCE का दफ़्तर नेहरू प्लेस में है
    • लाजपत नगर का The Frank Anthony Public School, ICSE और ISC कोर्स पढ़ाता है

दिल्ली के परिवार क्या पढ़वाना चाहते हैं

CBSE और CISCE कोर्स के स्कूली विषय, कक्षा 12 के बाद की प्रवेश परीक्षाएँ, और नौकरीपेशा वयस्कों के लिए अंग्रेज़ी।

दिल्ली में होम ट्यूशन आम तौर पर कहाँ से शुरू होता है

वे साल जिनमें दिल्ली का परिवार ट्यूटर खोजने निकलता है, और हर साल हफ़्ते से क्या माँगता है।

कक्षा 10 का बोर्ड वाला साल

CBSE अब कक्षा 10 की परीक्षा दो बार लेता है: फ़रवरी वाली सबके लिए ज़रूरी, और मई वाली वैकल्पिक, जिसमें तीन विषय तक सुधारे जा सकते हैं। होम ट्यूटर फ़रवरी को लक्ष्य मानकर चलता है।

उन्हीं विषयों पर चैप्टरवार काम, जिन पर स्कूल की रिपोर्ट बार-बार उँगली रखती है
घर पर समय लगाकर पुराने पेपर, और जाँच उसी तरह जैसे परीक्षक करता है
बोर्ड से पहले सर्दियों की छुट्टियों के लिए रिवीज़न की योजना

किसके लिए:

CBSE, ICSE या राज्य बोर्ड के कक्षा 10 के विद्यार्थी
कक्षा 10 का बोर्ड वाला साल के बारे में देखें

कक्षा 11-12 के साथ JEE

स्कूल के सिलेबस के साथ-साथ चलने वाले दो साल की भौतिकी, रसायन और गणित। दिल्ली में यह अक्सर किसी कोचिंग बैच के साथ चलता है, और ट्यूटर का काम वह पिछड़ा हिस्सा होता है जिसे बैच पीछे छोड़ आया है।

कक्षा 11 और 12
बड़े बैच में छूट गए टॉपिक पर वन-टू-वन काम
JEE की तैयारी के बीच बोर्ड के अंक भी सुरक्षित

किसके लिए:

कक्षा 11-12 के विद्यार्थीड्रॉप ईयर ले रहे विद्यार्थी
कक्षा 11-12 के साथ JEE के बारे में देखें

NEET-UG की तैयारी

मेडिकल प्रवेश के लिए जीव विज्ञान, रसायन और भौतिकी, और जीव विज्ञान की किताब इतने क़रीब से पढ़ी जाती है कि पाठ की एक पंक्ति समय की पाबंदी में भी सवाल बनकर हल हो जाए।

किताब से चिपककर चलता जीव विज्ञान, चैप्टर दर चैप्टर
समय लगाकर अभ्यास, और बाद में हर ग़लती पर बात

किसके लिए:

कक्षा 11-12 के विद्यार्थीदोबारा परीक्षा दे रहे विद्यार्थी
NEET-UG की तैयारी के बारे में देखें

दिल्ली विश्वविद्यालय के लिए CUET-UG

दिल्ली विश्वविद्यालय स्नातक सीटें CUET-UG के अंकों और अपनी Common Seat Allocation System से भरता है, इसलिए यहाँ का कक्षा 12 का विद्यार्थी उन्हीं महीनों में बोर्ड और प्रवेश परीक्षा, दोनों की तैयारी करता है।

डोमेन विषय कक्षा 12 के सिलेबस के साथ मिलाकर
बोर्ड रिवीज़न के बीच general test का अभ्यास

किसके लिए:

DU और दूसरे केंद्रीय विश्वविद्यालयों में आवेदन करने वाले विद्यार्थी
दिल्ली विश्वविद्यालय के लिए CUET-UG के बारे में देखें

कक्षा 11-12 में कॉमर्स

Accountancy, business studies और economics, वही धारा जिससे लक्ष्मी नगर की कोचिंग मंज़िलें भरी रहती हैं। घर की पढ़ाई यहाँ ज़्यादातर अंकों वाले पेपर पर होती है, जहाँ एक कमज़ोर चैप्टर आगे के हर सवाल में दिखता है।

खाता-बही और final accounts हाथ से बनाकर समझना
केस वाले सवाल उसी तरह पढ़ना, जैसे पेपर पूछता है

किसके लिए:

कक्षा 11-12 के कॉमर्स विद्यार्थी
कक्षा 11-12 में कॉमर्स के बारे में देखें

कक्षा 1 से 5, घर पर

पढ़ना, लिखना और वह गणित जो मिडिल क्लास तक पहुँचने से पहले बच्चे के पास होना चाहिए। छोटी क्लास, घर के पास, और उस समय जब छोटा बच्चा सीखने लायक़ जागा हुआ हो।

हर क्लास में ज़ोर से पढ़ना, हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में
संख्याओं का काम रटाने के बजाय धीरे-धीरे बनाकर

किसके लिए:

कक्षा 1 से 5 के बच्चे
कक्षा 1 से 5, घर पर के बारे में देखें

शुरुआत किस विषय से हो, यह उलझन है? अपनी ज़रूरत बताइए और हम उसी विषय को उसी स्तर पर पढ़ाने वाला ट्यूटर खोजेंगे।

अपनी ज़रूरत बताइए
Edutara क्यों

हर Edutara जोड़ी इसी तरह चलती है

दिल्ली के हर हिस्से में वही कुछ नियम, यहाँ लिखकर रख दिए हैं ताकि बाद में किसी बात पर मोल-भाव न करना पड़े।

एक विद्यार्थी, एक ट्यूटर

क्लास में एक ही विद्यार्थी होता है। ट्यूटर वहीं से शुरू करता है जहाँ बच्चा सचमुच खड़ा है, और तीस बच्चों वाला कमरा यह एक काम नहीं कर पाता, पढ़ाई चाहे जितनी अच्छी हो।

घर पर, ऑनलाइन, या दोनों

सरिता विहार तक जाने वाला ट्यूटर और उसी बच्चे को ऑनलाइन पढ़ाने वाला ट्यूटर, दोनों एक ही इंतज़ाम हैं। दिल्ली के हफ़्ते जैसे होते हैं, उसमें कई परिवार एक ही महीने में दोनों तरीक़े काम में लाते हैं।

पहली क्लास ट्रायल

किसी पूरे सत्र के लिए हाँ नहीं करनी पड़ती। परिवार एक क्लास देखता है, विद्यार्थी बताता है कि समझ में आया या नहीं, और उसी पर आगे का फ़ैसला होता है।

फ़ीस ट्यूटर के साथ तय

ट्यूशन की फ़ीस ट्यूटर के साथ तय होती है और सीधे ट्यूटर को दी जाती है, और वह क्लास, विषय तथा दूरी के हिसाब से बदलती है। Edutara परिवार से ट्यूटर से मिलवाने की एक बार की फ़ीस और एक छोटी मासिक फ़ीस लेता है।

ट्यूटर से कुछ नहीं लिया जाता

न जुड़ने की फ़ीस, न कमीशन, न किसी लीड का पैसा। मयूर विहार में कक्षा 12 की भौतिकी पढ़ाने वाले ट्यूटर के पास वही रहता है जो परिवार क्लास के लिए देता है।

स्कूल व्यवस्था से बाहर के ट्यूटर

स्कूल में नौकरी कर रहे शिक्षक का निजी ट्यूशन निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 28 से रुका हुआ है। इसलिए Edutara कॉलेज के विद्यार्थियों, स्नातकों और सेवानिवृत्त शिक्षकों में देखता है।

दिल्ली के परिवार जो पूछते हैं

बोर्ड, आना-जाना, हवा और पैसा, उसी तरह समझाया गया जैसे फ़ोन पर बताते।

आप Edutara को क्लास, बोर्ड, विषय और इलाक़ा बताते हैं, साथ ही यह कि क्लास घर पर चाहिए या ऑनलाइन। इसके बाद हम ऐसा ट्यूटर खोजते हैं जो पहले से वही पढ़ाता हो और आपके तय समय पर शहर के आपके हिस्से तक पहुँच सके। पहली क्लास ट्रायल रहती है, यानी परिवार एक क्लास देखने के बाद फ़ैसला करता है। दिन, समय और ट्यूशन की फ़ीस ट्यूटर के साथ तय होती है और फ़ीस सीधे ट्यूटर को जाती है।

कोई सवाल अब भी बाक़ी है?

संपर्क पेज पर कक्षा, विषय और अपना इलाका लिखकर भेजिए। जवाब में हम बताएँगे कि आगे क्या करना है।

दिल्ली की पढ़ाई, परीक्षाएँ और आना-जाना

दिल्ली में होम ट्यूशन: परिवार को क्या पता होना चाहिए

दिल्ली इस मामले में CBSE का शहर है, जैसा बहुत कम शहर हैं। सरकारी स्कूल शिक्षा निदेशालय चलाता है, नगर निगम और नई दिल्ली नगरपालिका परिषद अपने स्कूल चलाते हैं, केंद्रीय विद्यालय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के परिवारों के लिए हैं, और इन सबके ऊपर प्राइवेट स्कूल हैं। कक्षा 10 और 12 के आख़िर में लगभग सब वही बोर्ड पेपर देते हैं, इसीलिए रोहिणी का ट्यूटर और कालकाजी का ट्यूटर आम तौर पर एक ही सिलेबस पढ़ा रहे होते हैं।

दो बदलाव याद रखने लायक़ हैं। दिल्ली सरकार ने 2025-26 सत्र में 75 CM SHRI स्कूल बनाए, उन्हें निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत specified category स्कूल घोषित किया और CBSE से संबद्ध किया। दूसरी ओर 2021 में बना Delhi Board of School Education समेटा जा रहा है, उसके Schools of Specialised Excellence वापस CBSE में आ रहे हैं और 2025-26 के कक्षा 9 के विद्यार्थी CBSE में पंजीकृत किए गए। अभिभावक के लिए दोनों बदलाव एक ही दिशा में इशारा करते हैं: आपके बच्चे के हाथ में आने वाला पेपर CBSE का पेपर होगा।

ICSE और ISC परीक्षाएँ कराने वाले CISCE का दफ़्तर नेहरू प्लेस में है, और लाजपत नगर का The Frank Anthony Public School जैसे स्कूल वही कोर्स पढ़ाते हैं। CBSE का अपना मुख्यालय भी इसी शहर में है, प्रीत विहार के शिक्षा केंद्र में। दोनों बोर्ड यहीं बैठते हैं, और परिवार दक्षिणी दिल्ली से निकले बिना इन दोनों में से एक चुन लेता है।

  • सरकारी, नगर निगम, केंद्रीय विद्यालय और ज़्यादातर प्राइवेट स्कूल CBSE से जुड़े हैं
  • 2025-26 में खुले 75 CM SHRI स्कूल CBSE से संबद्ध हैं
  • CISCE स्कूल पूरे शहर में हैं, कक्षा 10 तक ICSE और कक्षा 11-12 में ISC

शिक्षा निदेशालय के 2026-27 कैलेंडर में सत्र 1 अप्रैल 2026 को शुरू हुआ। गर्मियों की छुट्टियाँ 11 मई से 30 जून तक रहीं, 17 से 19 अक्टूबर 2026 तक शरद अवकाश है, और सर्दियों की छुट्टियाँ 1 से 15 जनवरी 2027 तक हैं। अर्धवार्षिक परीक्षाएँ सितंबर के मध्य से अक्टूबर के मध्य तक हुईं, और कक्षा 3 से 9 तथा कक्षा 11 की वार्षिक परीक्षाएँ 15 फ़रवरी से 23 मार्च 2027 तक तय हैं।

इस कैलेंडर को बोर्ड की तारीख़ों के साथ रखकर देखिए तो साल अपने आप बँट जाता है। CBSE की कक्षा 10 और 12 की परीक्षाएँ फ़रवरी के मध्य के आसपास शुरू होती हैं, 2026 के पेपर 17 फ़रवरी से शुरू हुए। इससे सर्दियों की छुट्टियाँ ठीक वहीं पड़ती हैं जहाँ बोर्ड वाले विद्यार्थी को उनकी ज़रूरत है, पहले पेपर से कुछ हफ़्ते पहले दो हफ़्ते की खुली सुबहें। और गर्मियों की छुट्टियाँ वहाँ पड़ती हैं जहाँ कमज़ोर विद्यार्थी पूरे साल की कसर, स्कूल के बोझ के बिना, चुपचाप पूरी कर सकता है।

कक्षा 10 में अब दूसरी परीक्षा भी है। CBSE ने जून 2025 में तय किया कि 2026 से कक्षा 10 का बोर्ड साल में दो बार होगा, फ़रवरी वाली परीक्षा सबके लिए अनिवार्य और मई वाली वैकल्पिक, जिसमें तीन विषय तक सुधारे जा सकते हैं और बेहतर अंक गिने जाते हैं। होम ट्यूटर फ़रवरी की योजना बनाता है। मई उस विषय के लिए मरम्मत का मौक़ा है जो बिगड़ गया हो, और उसे मुख्य मौक़ा मानकर चलने से पूरा साल हाथ से निकल जाता है।

  • सत्र 1 अप्रैल से मार्च तक, सर्दियों की छुट्टियाँ 1 से 15 जनवरी 2027
  • CBSE के बोर्ड पेपर फ़रवरी के मध्य में शुरू होते हैं, 2026 में 17 फ़रवरी से
  • कक्षा 10 की वैकल्पिक दूसरी परीक्षा मई में, तीन विषय तक

दिल्ली के स्कूली साल में मौसम का बनाया एक छेद है, और उसके हिसाब से योजना बनाना यहाँ रहने का हिस्सा है। नवंबर 2025 में GRAP Stage III लागू होने पर शिक्षा निदेशालय ने अपने सभी स्कूलों तथा NDMC, MCD और दिल्ली छावनी बोर्ड के स्कूलों को कक्षा 5 तक की पढ़ाई hybrid मोड में, यानी स्कूल और ऑनलाइन दोनों तरह से, कराने का आदेश दिया। दिसंबर 2025 में Stage IV के तहत यही आदेश कक्षा 9 और कक्षा 11 तक पहुँच गया, जबकि बोर्ड वाले साल की कक्षा 10 और 12 स्कूल में ही चलती रहीं।

ट्यूशन पर ख़र्च कर रहे परिवार के लिए सीख सीधी है: जो इंतज़ाम सिर्फ़ ट्यूटर के आने पर टिका हो, वह हर सर्दी में दो हफ़्ते के लिए रुक जाता है। वही ट्यूटर उसी बच्चे को ऑनलाइन पढ़ाता रहे तो सिलसिला चलता रहता है। मई और जून में यही समस्या दूसरे रूप में आती है, जब दोपहर की गर्मी हर समझदार क्लास को या तो सुबह जल्दी धकेल देती है या सूरज ढलने के बाद।

यह बात ट्यूटर के साथ शुरू में ही तय कर लेनी चाहिए, पहले हफ़्ते में, जब तय करने में कुछ नहीं लगता। जिस हफ़्ते हवा बिगड़ती है उस हफ़्ते यह तय करना मतलब परीक्षा के क़रीब खड़े बच्चे के साथ जुगाड़ करना, और तब कुछ न कुछ छूट ही जाता है।

  • नवंबर 2025 में GRAP Stage III के तहत कक्षा 5 तक hybrid मोड
  • दिसंबर 2025 में Stage IV के तहत यह कक्षा 9 और कक्षा 11 तक पहुँचा
  • ऑनलाइन वाला विकल्प सर्दी आने से पहले तय कीजिए, बीच में नहीं

कक्षा 11-12 को यहाँ तीन परीक्षाएँ आकार देती हैं। JEE Main इंजीनियरिंग का रास्ता खोलती है, NEET-UG मेडिकल का, और CUET-UG दिल्ली विश्वविद्यालय तथा दूसरे केंद्रीय विश्वविद्यालयों की स्नातक सीटों का। NTA ने 16 सितंबर 2026 को मार्च 2027 तक का परीक्षा कैलेंडर जारी किया, जिसमें JEE Main 2027 का पहला सत्र जनवरी 2027 के दूसरे पखवाड़े में रखा गया है, इस चेतावनी के साथ कि कैलेंडर की तारीख़ें हर परीक्षा का information bulletin आने तक अस्थायी रहती हैं। यह पेज लिखे जाने तक NEET-UG और CUET-UG 2027 की तारीख़ें घोषित नहीं हुई थीं।

दिल्ली विश्वविद्यालय स्नातक दाख़िले CUET-UG के अंकों पर, अपनी Common Seat Allocation System से करता है। इसका मतलब है कि यहाँ का कक्षा 12 का विद्यार्थी एक ही सर्दी में बोर्ड का सिलेबस और प्रवेश परीक्षा का सिलेबस, दोनों ढो रहा होता है। वन-टू-वन घंटों के पक्ष में असली दलील यही है: दोनों सिलेबस बहुत हद तक एक-दूसरे पर पड़ते हैं, और जो ट्यूटर दोनों जानता है वह एक चैप्टर एक बार पढ़ाकर दोनों पेपर के लिए तैयार कर देता है।

इंजीनियरिंग वाले रास्ते में एक स्थानीय नियम है, जिसे बच्चे को दूसरे शहर भेजने से पहले देख लेना चाहिए। DTU, NSUT, IGDTUW, IIIT-Delhi और DSEU में दाख़िला JEE Main रैंक पर JAC Delhi काउंसलिंग से होता है, और JAC Delhi 2026 के admission brochure के अनुसार 85% सीटें उन उम्मीदवारों की हैं जिन्होंने योग्यता परीक्षा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के भीतर किसी मान्यता प्राप्त स्कूल या संस्थान से पास की हो। कक्षा 12 दिल्ली से बाहर पास करने पर वही उम्मीदवार outside Delhi region में चला जाता है और उन्हीं सीटों के छोटे हिस्से के लिए लड़ता है।

  • JEE Main 2027 का पहला सत्र जनवरी 2027 के दूसरे पखवाड़े में, अस्थायी रूप से
  • DU स्नातक सीटें CUET-UG अंकों पर CSAS से भरता है
  • JAC Delhi के brochure के अनुसार 85% सीटों के लिए दिल्ली से कक्षा 12 ज़रूरी

दिल्ली ने कोचिंग के मोहल्ले वैसे ही उगाए हैं जैसे दूसरे शहर बाज़ार उगाते हैं। IIT दिल्ली से सटी कालू सराय की गली JEE और NEET के संस्थानों से भरी है। पूर्व में लक्ष्मी नगर कॉमर्स और चार्टर्ड अकाउंटेंसी के विद्यार्थियों का ठिकाना है। उत्तर में मुखर्जी नगर और बीच शहर में ओल्ड राजिंदर नगर सिविल सेवा की भीड़ सँभालते हैं, एक का झुकाव हिंदी माध्यम की ओर और दूसरे का अंग्रेज़ी की ओर। दिल्ली का कोई भी किशोर ये नाम बिना देखे गिना देगा।

कोचिंग बैच और घर का ट्यूटर अलग-अलग काम करते हैं। बैच पूरे कमरे के लिए रफ़्तार तय करता है और सिलेबस पूरा कराता है। घर का ट्यूटर उन चार चैप्टर पर काम करता है जिन्हें एक ख़ास विद्यार्थी सितंबर में समझना छोड़ बैठा था और जिन्हें बैच कब का पीछे छोड़ चुका है। दिल्ली के ज़्यादातर परिवार दोनों इसीलिए साथ चलाते हैं, ताकि पहला वाला उनके बच्चे को पीछे न छोड़ दे।

घंटों का सीधा हिसाब भी है। शहर के दूसरे छोर का बैच हफ़्ते की शाम में डेढ़ घंटा आने-जाने में ले लेता है, और बोर्ड वाले महीनों में वे मिनट पढ़ाई से ही कटते हैं। आपकी कॉलोनी तक आने वाला ट्यूटर वही मिनट लौटा देता है।

  • IIT दिल्ली के पास कालू सराय इंजीनियरिंग और मेडिकल कोचिंग की गली है
  • लक्ष्मी नगर कॉमर्स और चार्टर्ड अकाउंटेंसी के विद्यार्थियों को खींचता है
  • मुखर्जी नगर और ओल्ड राजिंदर नगर सिविल सेवा कोचिंग के ठिकाने हैं

1 जनवरी 2026 से दिल्ली ग्यारह के बजाय तेरह राजस्व ज़िलों में बाँटी गई, और नई सीमाएँ नगर निगम के ज़ोन से मिलाई गईं। काग़ज़ी कामों में यह उपयोगी है और इस सवाल में बिल्कुल बेकार कि ट्यूटर साढ़े पाँच बजे विकासपुरी पहुँच पाएगा या नहीं। उसके लिए दो ही बातें मायने रखती हैं: ट्यूटर रहता कहाँ है और उस समय सड़क का हाल क्या रहता है।

इसका बड़ा हिस्सा मेट्रो सँभालती है। Blue Line द्वारका सेक्टर 21 से चलकर जनकपुरी, राजौरी गार्डन और करोल बाग होते हुए पूर्व में लक्ष्मी नगर, प्रीत विहार और मयूर विहार तक जाती है। Yellow Line समयपुर बादली और विश्वविद्यालय तथा जीटीबी नगर जैसे कैंपस स्टेशनों को दक्षिण में हौज़ खास, मालवीय नगर और साकेत से जोड़ती है। Red Line रिठाला से रोहिणी होते हुए शाहदरा और दिलशाद गार्डन तक चलती है। इन लाइनों पर रहने वाला ट्यूटर एक हफ़्ते में कई इलाक़ों के स्लॉट रख लेता है; सड़क से शहर पार करने वाला ट्यूटर आम तौर पर नहीं रख पाता।

व्यावहारिक सलाह यह है कि ट्यूटर शहर के अपने ही हिस्से से माँगिए और हर हफ़्ते वही दिन, वही समय तय रखिए। जो स्लॉट खिसकता रहता है, ट्रैफ़िक, शादी या ख़राब हवा वाले दिन सबसे पहले वही रद्द होता है।

  • अपने ही हिस्से से ट्यूटर माँगिए, आने-जाने की दिक़्क़त वहीं ख़त्म हो जाती है
  • हर हफ़्ते वही दिन और वही समय रखिए, खिसकता स्लॉट सबसे पहले रद्द होता है
  • शहर के दूसरे छोर का मनचाहा ट्यूटर मिले तो वे क्लास ऑनलाइन रखिए

हिंदी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की पहली राजभाषा है, और दिल्ली राजभाषा अधिनियम, 2000 के तहत पंजाबी तथा उर्दू यहाँ की दूसरी राजभाषाएँ हैं। यहाँ के घर इन सब भाषाओं में और अंग्रेज़ी में चलते हैं, अक्सर एक ही बातचीत के भीतर, और बच्चा पढ़ता किसी एक भाषा में है जबकि सोचता दूसरी में है।

ट्यूशन में इसका असर लोगों की उम्मीद से ज़्यादा दिखता है। कक्षा 10 का विद्यार्थी विज्ञान की किताब अंग्रेज़ी में पढ़ता है और चैप्टर तब समझ पाता है जब कोई उसे हिंदी में समझा दे; कक्षा 12 का कॉमर्स विद्यार्थी शब्द अंग्रेज़ी में ही चाहता है, क्योंकि पेपर उन्हीं शब्दों में पूछता है। परीक्षाएँ भी अलग-अलग चलती हैं: 2026 में CM SHRI की कक्षा 6 वाली प्रवेश परीक्षा दो भाषाओं में थी, जबकि कक्षा 9 और कक्षा 11 के पेपर केवल अंग्रेज़ी में रखे गए।

इसलिए साफ़-साफ़ लिख दीजिए कि क्लास किस भाषा में चाहिए और तकनीकी शब्द अंग्रेज़ी में रहें या नहीं। माँग में यह एक छोटी-सी पंक्ति होती है और एक ट्रायल क्लास बेकार जाने से बचा लेती है।

  • हिंदी पहली राजभाषा है, पंजाबी और उर्दू दूसरी राजभाषाएँ हैं
  • लिखते समय बता दीजिए कि क्लास किस भाषा में पढ़ाई जाए
  • शब्द अंग्रेज़ी में और समझाना हिंदी में, यह आम और चलने वाली माँग है

दूसरे शहरों में होम ट्यूशन

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क्लास, बोर्ड, विषय और अपना इलाक़ा भेज दीजिए। Edutara वैसा ट्यूटर ढूँढ़ेगा जो ठीक वही पढ़ाता हो, और बाक़ी बात पहली क्लास बता देगी।