एक विद्यार्थी, एक ट्यूटर
ट्यूटर एक ही विद्यार्थी को पढ़ाते हैं, घर पर या ऑनलाइन, इसलिए पूरी क्लास उसी की रफ़्तार और उसी के सवालों पर चलती है।
कंकड़बाग हो, बोरिंग रोड हो या दानापुर, पटना के किसी भी इलाके में ट्यूटर घर आकर एक विद्यार्थी को पढ़ाते हैं, उसी बोर्ड और माध्यम में जिसमें वह पढ़ता है: मैट्रिक या इंटर, CBSE या ICSE, हिंदी या अंग्रेज़ी। पहली क्लास ट्रायल होती है।
पटना में होम ट्यूशन का मतलब है एक ट्यूटर, जो विद्यार्थी के घर आकर एक समय में एक ही विद्यार्थी को पढ़ाता है, उसी के बोर्ड, स्कूल और माध्यम के हिसाब से। यहाँ की पढ़ाई तीन बोर्ड में बँटी है: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB), जिसका दफ़्तर पटना में ही है और जो मैट्रिक और इंटर की परीक्षा लेती है, CBSE, और ICSE / ISC। बोरिंग रोड और कंकड़बाग में कोचिंग की भरमार पहले से है, इसलिए होम ट्यूटर के हिस्से अक्सर शांत और बारीक काम आता है: स्कूल के अपने अध्याय, बोर्ड के प्रश्नों का ढाँचा, और वे सवाल जो बड़े बैच में पूछे ही नहीं जा पाते।
पहले संदेश से लेकर हर हफ़्ते के तय समय तक चार क़दम, जो स्कूल, कोचिंग और पटना के मौसम के साथ तालमेल बिठाते हैं।
कक्षा, बोर्ड, माध्यम, विषय और इलाका लिखिए। जैसे: कक्षा 9, बिहार बोर्ड, हिंदी माध्यम, गणित और विज्ञान, अनीसाबाद में घर पर। कोचिंग का समय हो तो वह भी बताइए।
हम ऐसा ट्यूटर तलाशते हैं जो उसी कक्षा और बोर्ड को उसी माध्यम में पढ़ाता हो और घर पर क्लास के लिए पटना के आपके हिस्से तक पहुँच सके। आपने ऑनलाइन चुना हो, तो ऑनलाइन पढ़ाने वाला।
ट्यूटर विद्यार्थी के साथ एक क्लास लेते हैं। समझाने का तरीका और रफ़्तार जँचे तो क्लासें आगे चलती हैं। न जँचे तो बता दीजिए, बात वहीं ख़त्म हो जाती है।
कौन-से दिन, किस समय और कितनी फ़ीस, यह आप और ट्यूटर मिलकर तय करते हैं, और फ़ीस सीधे ट्यूटर को देते हैं। समय चुनते हुए स्कूल, कोचिंग के बैच और सर्दी-गर्मी में ज़िला प्रशासन के आदेशों का ध्यान रखिए।
कक्षा, बोर्ड, माध्यम, विषय और इलाका लिखिए। जैसे: कक्षा 9, बिहार बोर्ड, हिंदी माध्यम, गणित और विज्ञान, अनीसाबाद में घर पर। कोचिंग का समय हो तो वह भी बताइए।
हम ऐसा ट्यूटर तलाशते हैं जो उसी कक्षा और बोर्ड को उसी माध्यम में पढ़ाता हो और घर पर क्लास के लिए पटना के आपके हिस्से तक पहुँच सके। आपने ऑनलाइन चुना हो, तो ऑनलाइन पढ़ाने वाला।
ट्यूटर विद्यार्थी के साथ एक क्लास लेते हैं। समझाने का तरीका और रफ़्तार जँचे तो क्लासें आगे चलती हैं। न जँचे तो बता दीजिए, बात वहीं ख़त्म हो जाती है।
कौन-से दिन, किस समय और कितनी फ़ीस, यह आप और ट्यूटर मिलकर तय करते हैं, और फ़ीस सीधे ट्यूटर को देते हैं। समय चुनते हुए स्कूल, कोचिंग के बैच और सर्दी-गर्मी में ज़िला प्रशासन के आदेशों का ध्यान रखिए।
पटना गंगा के किनारे दूर तक फैला है, इसलिए जब ट्यूटर को घर तक आना हो तो इलाका बहुत मायने रखता है।
नीचे के इलाके मोटे तौर पर पश्चिम से पूरब के क्रम में हैं। ट्यूटर के लिए अनुरोध भेजते समय अपना इलाका ज़रूर लिखिए। अगर विद्यार्थी के लिए सही ट्यूटर शहर के दूसरे छोर पर रहता हो, तो ऑनलाइन क्लास से शुरुआत का रास्ता खुला है।
शहर का पश्चिमी छोर, जहाँ बेली रोड दानापुर पहुँचती है। छावनी, खगौल और सगुना मोड़ के साथ यह पटना का ऐसा हिस्सा है जिसके अपने स्कूल और बाज़ार हैं।
दक्षिण-पश्चिमी किनारा, गर्दनीबाग और अनीसाबाद से फुलवारी शरीफ़ तक। फुलवारी शरीफ़ अपने आप में एक क़स्बा है, जहाँ AIIMS पटना है। रास्ता लंबा है, इसलिए पास रहने वाला ट्यूटर काम आता है।
बेली रोड, जिसका आधिकारिक नाम नेहरू पथ है, शहर के बीच से दानापुर तक जाने वाली लंबी सड़क है। इसके किनारे पटना वीमेंस कॉलेज और कई रिहायशी कॉलोनियाँ हैं।
नदी के पास का उत्तर-पश्चिमी हिस्सा, जहाँ आशियाना–दीघा रोड गंगा तक पहुँचती है। शहर के कुछ सबसे पुराने निजी स्कूल यहीं हैं।
बोरिंग रोड, बोरिंग कैनाल रोड और पाटलिपुत्र कॉलोनी वाला बीच-पश्चिमी इलाका, जहाँ JEE और NEET के कई कोचिंग संस्थानों की पटना शाखाएँ हैं।
अशोक राजपथ के दक्षिण की पुरानी कॉलोनियाँ, राजेंद्र नगर टर्मिनल के पास। तेज़ बारिश में जलजमाव सबसे पहले इन्हीं गलियों में दिखता है।
गांधी मैदान से पूरब जाती सड़क, जिसके किनारे पटना विश्वविद्यालय के कॉलेज, NIT पटना और PMCH हैं, और पीछे महेंद्रू, मुसल्लहपुर और भिखना पहाड़ी की छात्रों से भरी गलियाँ।
रेल लाइन के दक्षिण-पूरब में बसी बड़ी नियोजित कॉलोनी, जहाँ कोचिंग की शाखाएँ, भीड़ भरे बाज़ार और पटना मेट्रो की पहली लाइन के भूतनाथ और मलाही पकड़ी स्टेशन हैं।
पूरब में पुराना शहर, तख़्त श्री पटना साहिब के आसपास। गलियाँ तंग हैं और पश्चिम से आने में लंबा समय लगता है, इसलिए इसी तरफ़ का ट्यूटर काफ़ी वक़्त बचाता है।
बिहार बोर्ड का मैट्रिक और इंटर, CBSE और ICSE / ISC, कक्षा 12 के बाद की प्रवेश परीक्षाएँ, और विद्यार्थियों व कामकाजी वयस्कों के लिए अंग्रेज़ी।
हर कार्ड एक ऐसी ज़रूरत है जिसकी शक्ल इस शहर में अपनी है, बिहार बोर्ड के ऑब्जेक्टिव प्रश्नों से लेकर प्रैक्टिकल और JEE Main से भरी जनवरी तक।
शुरुआत किस विषय से हो, यह उलझन है? अपनी ज़रूरत बताइए और हम उसी विषय को उसी स्तर पर पढ़ाने वाला ट्यूटर खोजेंगे।
अपनी ज़रूरत बताइएEdutara इन्हीं नियमों पर चलता है, चाहे आप पटना के किसी भी कोने में रहें और विद्यार्थी किसी भी बोर्ड से पढ़े।
ट्यूटर एक ही विद्यार्थी को पढ़ाते हैं, घर पर या ऑनलाइन, इसलिए पूरी क्लास उसी की रफ़्तार और उसी के सवालों पर चलती है।
विद्यार्थी पहले ट्यूटर के साथ एक क्लास करता है, और नियमित क्लासें तभी शुरू होती हैं जब आपको लगे कि जोड़ी ठीक बैठी है।
हिंदी माध्यम में बिहार बोर्ड, अंग्रेज़ी में CBSE, अपनी किताबों वाला ICSE: Edutara ठीक उसी मेल को पढ़ाने वाला ट्यूटर तलाशता है।
ट्यूशन की फ़ीस आप ट्यूटर से तय करते हैं और उन्हीं को देते हैं। परिवारों से Edutara ट्यूटर से मिलवाने की एक बार की फ़ीस और एक छोटी मासिक फ़ीस लेता है।
स्कूल में पढ़ा रहे शिक्षक निजी ट्यूशन नहीं दे सकते, इसलिए Edutara कॉलेज के विद्यार्थियों, स्नातकों, सेवानिवृत्त शिक्षकों और स्कूल व्यवस्था से बाहर के शिक्षकों में से ट्यूटर तलाशता है।
स्कूल, कोचिंग के बैच और ज़िला प्रशासन के शीतलहर व गर्मी वाले आदेशों को देखकर समय ट्यूटर के साथ तय कीजिए। जलजमाव वाले दिन ट्यूटर राज़ी हों तो क्लास ऑनलाइन हो सकती है।
बोर्ड, कोचिंग, इलाके, फ़ीस और पटना के स्कूली कैलेंडर से जुड़े जवाब।
तीनों के लिए। Edutara बिहार बोर्ड (BSEB) के मैट्रिक और इंटर के विद्यार्थियों के लिए, हिंदी या अंग्रेज़ी माध्यम में, और कक्षा 1 से 12 तक CBSE व ICSE / ISC के विद्यार्थियों के लिए ट्यूटर तलाशता है। अनुरोध में बोर्ड और माध्यम ज़रूर लिखिए। फ़ॉर्म की बोर्ड सूची में 'बिहार बोर्ड (BSEB)' चुनिए।
यह इस पर निर्भर है कि वह कोचिंग के साथ कैसे चल पा रहा है। होम ट्यूटर तब काम आता है जब बैच की रफ़्तार उससे तेज़ हो, जब प्रवेश परीक्षा की तैयारी में इंटर का बोर्ड सिलेबस पीछे छूट रहा हो, या जब सवाल जमा होते जा रहे हों। बिहार बोर्ड के साइंस विद्यार्थी के लिए जनवरी सबसे कठिन महीना है: पहले प्रैक्टिकल, फिर JEE Main का पहला सत्र (NTA के संभावित कैलेंडर में 22 से 30 जनवरी 2027), और फ़रवरी की शुरुआत में बोर्ड की लिखित परीक्षा।
पटना के किसी भी हिस्से के लिए होम ट्यूटर माँगा जा सकता है, पश्चिम में दानापुर और खगौल से लेकर पूरब में पटना सिटी तक। अनुरोध में अपना इलाका लिखिए। ट्यूटर को हर हफ़्ते आपके घर तक आना होगा, इसलिए अगर किसी विषय का सही ट्यूटर शहर के दूसरे छोर पर रहता हो, तो ऑनलाइन क्लास से शुरुआत की जा सकती है।
ट्यूशन की फ़ीस आप और ट्यूटर मिलकर तय करते हैं, और यह सीधे ट्यूटर को दी जाती है। यह कक्षा, विषय, बोर्ड और ट्यूटर को कितनी दूर से आना है, इन बातों पर निर्भर करती है। Edutara परिवारों से ट्यूटर से मिलवाने की एक बार की फ़ीस और जोड़ी चलने तक एक छोटी मासिक फ़ीस लेता है। ट्यूटर Edutara को कुछ भी नहीं देते।
नहीं। निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 28 स्कूल के शिक्षकों को निजी ट्यूशन से रोकती है, और जून 2026 में बिहार के शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के निजी ट्यूशन और कोचिंग में पढ़ाने पर फिर से रोक लगाई। Edutara कॉलेज के विद्यार्थियों, स्नातकों, सेवानिवृत्त शिक्षकों और स्कूल व्यवस्था से बाहर काम करने वाले शिक्षकों में से ट्यूटर तलाशता है।
हाँ। बिहार बोर्ड के बहुत-से विद्यार्थी हिंदी माध्यम में पढ़ते हैं, और अनुरोध फ़ॉर्म में पूछा जाता है कि पढ़ाई हिंदी में हो, अंग्रेज़ी में, या दोनों में से किसी में। CBSE या ICSE का जो विद्यार्थी किताबें अंग्रेज़ी में पढ़ता है और सवाल हिंदी में सोचता है, वह दोनों भाषाओं में समझाने वाला ट्यूटर माँग सकता है।
सेंटअप परीक्षा स्कूल स्तर की वह परीक्षा है जिसे पास किए बिना नियमित विद्यार्थी मैट्रिक या इंटर की वार्षिक परीक्षा में नहीं बैठ सकता। 2026 की परीक्षाओं के लिए यह 19 नवंबर 2025 से शुरू हुई थी। 2027 की तारीख़ें BSEB घोषित करेगा। सितंबर तक ट्यूशन शुरू हो जाए तो सिलेबस पूरा करने और ऑब्जेक्टिव प्रश्नों के अभ्यास का समय मिल जाता है।
कड़ाके की ठंड या गर्मी में पटना का ज़िला प्रशासन स्कूल बंद करता है या उनका समय घटाता है, और कुछ आदेश छोटी कक्षाओं की कोचिंग पर भी लागू होते हैं। जनवरी 2026 में कक्षा 8 तक की पढ़ाई 11 जनवरी तक रोकी गई थी और ऊपर की कक्षाएँ सुबह 10:30 से दोपहर 3:30 बजे तक ही चलीं। उस हफ़्ते का आदेश पढ़ लीजिए, और ज़रूरत हो तो क्लास का समय बदल दीजिए या उसे ऑनलाइन कर लीजिए।
हाँ। NEET-UG के जीवविज्ञान, रसायन या भौतिकी के लिए ट्यूटर माँगा जा सकता है, घर पर या ऑनलाइन। बिहार के स्टेट कोटा की MBBS और BDS सीटें BCECEB की UGMAC काउंसलिंग से भरी जाती हैं। शिक्षा मंत्रालय कह चुका है कि 2027 से NEET-UG कंप्यूटर आधारित होगा, इसलिए स्क्रीन पर अभ्यास जोड़ना ठीक रहेगा। परीक्षा की तारीख़ NTA घोषित करता है।
बिहार बोर्ड के विद्यार्थी इंटर स्कूलों और कॉलेजों में कक्षा 11 की सीटों के लिए OFSS से आवेदन करते हैं, जो BSEB का ऑनलाइन फैसिलिटेशन सिस्टम फ़ॉर स्टूडेंट्स है। 2026 में आवेदन 8 अप्रैल से शुरू हुए, यानी 29 मार्च के मैट्रिक रिज़ल्ट के दस दिन बाद, और मेरिट लिस्ट मई और जून में आईं। कक्षा 11 का ट्यूटर इसी बीच, नियमित कक्षाएँ शुरू होने से पहले काम शुरू कर सकता है।
हाँ। Edutara स्कूली विद्यार्थियों के साथ वयस्कों के लिए भी ट्यूटर तलाशता है: नौकरी, कॉलेज या इंटरव्यू के लिए स्पोकन इंग्लिश, और IELTS Academic या General Training। क्लासें घर पर या ऑनलाइन हो सकती हैं, काम के दिन में जो समय सुविधा का हो उसी समय, और शुरुआत यहाँ भी ट्रायल क्लास से होती है।
संपर्क पेज पर कक्षा, विषय और अपना इलाका लिखकर भेजिए। जवाब में हम बताएँगे कि आगे क्या करना है।
पटना की पढ़ाई तीन बोर्ड में बँटी है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB), जिसका दफ़्तर शहर में सिन्हा लाइब्रेरी रोड पर है, कक्षा 10 के अंत में मैट्रिक और कक्षा 12 के अंत में साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स में इंटर की परीक्षा लेती है। सरकारी स्कूल और बहुत-से निजी स्कूल इसी बोर्ड से चलते हैं, हिंदी या अंग्रेज़ी माध्यम में।
CBSE कंकड़बाग, बेली रोड और दानापुर कैंट के केंद्रीय विद्यालयों में और कई निजी स्कूलों में चलता है। इनमें शहर के कुछ सबसे पुराने मिशन स्कूल भी हैं: दीघा का सेंट माइकल्स हाई स्कूल और पाटलिपुत्र कॉलोनी की नॉट्रेडम एकेडमी, दोनों आज CBSE से जुड़े हैं। ICSE और ISC कम स्कूलों में है, जैसे आशियाना–दीघा रोड की डॉन बॉस्को एकेडमी और पश्चिमी गांधी मैदान का सेंट ज़ेवियर्स हाई स्कूल। बांकीपुर के सेंट जोसेफ़्स कॉन्वेंट हाई स्कूल में एक ही परिसर में दो सेक्शन हैं: अंग्रेज़ी में ICSE और हिंदी में बिहार बोर्ड।
भाषा इसमें एक और परत जोड़ती है। शहर की आम भाषा हिंदी है, ज़िला प्रशासन मगही को इस इलाके की मूल बोली बताता है, और CBSE व ICSE की कक्षाएँ ज़्यादातर अंग्रेज़ी में चलती हैं। अनुरोध में बोर्ड, माध्यम और चल रही किताबें लिखिए, ताकि ट्यूटर पहली क्लास से सही पेपर की तैयारी करा सकें।
BSEB का कैलेंडर जल्दी चलता है। 2026 की परीक्षाओं के लिए सेंटअप परीक्षा, यानी स्कूल स्तर की वह परीक्षा जिसे पास करके ही नियमित विद्यार्थी वार्षिक परीक्षा में बैठ सकता है, 19 नवंबर 2025 से शुरू हुई। इंटर के प्रैक्टिकल 10 से 20 जनवरी 2026 तक हुए, इंटर की लिखित परीक्षा 2 से 13 फ़रवरी तक और मैट्रिक की 17 से 25 फ़रवरी तक। इंटर का रिज़ल्ट 23 मार्च को और मैट्रिक का 29 मार्च को आया।
2026 के पेपरों में हर विषय के आधे अंक OMR शीट पर हल होने वाले ऑब्जेक्टिव प्रश्नों से थे, और जितने प्रश्न हल करने थे उनसे दोगुने छपे थे। इसलिए बिहार बोर्ड के विद्यार्थी की ट्यूशन में दो तरह का अभ्यास चलता है: ऑब्जेक्टिव हिस्से के लिए तेज़ और सही उत्तर, और बाक़ी पेपर के लिए साफ़-सुथरे, तर्क से लिखे उत्तर। 2027 की परीक्षाओं की तारीख़ें BSEB ख़ुद घोषित करता है।
पटना कोचिंग का शहर है। JEE और NEET संस्थानों की शाखाएँ बोरिंग रोड, बोरिंग कैनाल रोड और कंकड़बाग के कुछ हिस्सों में कतार से हैं, और अशोक राजपथ के पास मुसल्लहपुर हाट और भिखना पहाड़ी की गलियाँ सरकारी नौकरी की परीक्षाओं की कक्षाओं और पूरे बिहार से आए छात्रों के लॉज से भरी रहती हैं।
बिहार सरकार कोचिंग संस्थानों से कई बार कह चुकी है कि स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों की कक्षाएँ पढ़ाई के घंटों में न चलाएँ, और जून 2026 में घोषित राज्य की नीति में भी यही नियम दोहराया गया। जो विद्यार्थी स्कूल और कोचिंग दोनों जाता है, उसका दिन स्कूल से शाम के बैच तक खिंच जाता है, और होम ट्यूशन को बचे हुए समय में जगह बनानी पड़ती है।
होम ट्यूटर वह जगह इस तरह कमाते हैं: स्कूल के अपने अध्याय दोबारा समझाकर, कोचिंग जब प्रवेश परीक्षा के सिलेबस में आगे भागे तब बोर्ड का सिलेबस चलाते रहकर, और उन सवालों के जवाब देकर जो विद्यार्थी भरी कक्षा में पूछ नहीं पाया। इंटर साइंस के विद्यार्थी के लिए सबसे तंग महीना जनवरी है: BSEB के प्रैक्टिकल, फिर JEE Main का पहला सत्र (NTA के संभावित कैलेंडर में 22 से 30 जनवरी 2027), और फ़रवरी की शुरुआत में बोर्ड की लिखित परीक्षा।
पटना में स्कूली साल की लय मौसम तय करता है। 2026 में अप्रैल के आख़िर में और फिर मई के आख़िर में ज़िला प्रशासन ने गर्मी की वजह से छोटे बच्चों की कक्षाएँ छोटी कीं या रोकीं, और सरकारी स्कूल 1 से 20 जून तक गर्मी की छुट्टी में बंद रहे। जनवरी 2026 की शुरुआत की शीतलहर में कक्षा 8 तक की पढ़ाई 11 जनवरी तक रोकी गई और बड़ी कक्षाएँ सुबह 10:30 से दोपहर 3:30 बजे के बीच ही चलीं।
मानसून अपनी रुकावटें लाता है। 28 जुलाई 2025 की बारिश के बाद राजेंद्र नगर, कंकड़बाग, बोरिंग रोड और पाटलिपुत्र कॉलोनी में घुटनों तक पानी भर गया और अगले दिन कई स्कूल बंद रहे। त्योहारों के मौसम में राज्य के 2026 के सरकारी स्कूल कैलेंडर में दुर्गा पूजा की छुट्टी 17 से 21 अक्टूबर और दीवाली-छठ की छुट्टी 7 से 17 नवंबर तक है।
थोड़ी योजना हो तो होम ट्यूशन इन सबके बीच चलता रहता है। सर्दी और गर्मी के लिए ट्यूटर के साथ अलग-अलग समय तय कर लीजिए, जलजमाव और छुट्टी वाले दिनों के लिए ऑनलाइन क्लास तैयार रखिए, और दीवाली-छठ की छुट्टी को दोहराने में लगाइए, क्योंकि सेंटअप परीक्षा अक्सर उसके कुछ ही दिन बाद आती है।
पटना में इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले विद्यार्थी JEE Main देते हैं, और बिहार की अपनी B.Tech सीटें बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (BCECEB) की UGEAC काउंसलिंग से JEE Main रैंक के आधार पर भरी जाती हैं। 16 सितंबर 2026 को जारी NTA के कैलेंडर में JEE Main 2027 का पहला सत्र 22 से 24 और 28 से 30 जनवरी को रखा गया है, और ये तारीख़ें संभावित बताई गई हैं।
डॉक्टर बनने की तैयारी करने वाले NEET-UG देते हैं, और BCECEB बिहार के स्टेट कोटा की सीटें UGMAC से भरता है। मई 2026 का पेपर रद्द होने के बाद NEET-UG 21 जून को दोबारा हुआ, और शिक्षा मंत्रालय कह चुका है कि 2027 से यह कंप्यूटर आधारित परीक्षा होगी। CUET-UG केंद्रीय विश्वविद्यालयों की प्रवेश परीक्षा है, जैसे दिल्ली विश्वविद्यालय, काशी हिंदू विश्वविद्यालय और गया का दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय।
छोटे बच्चे भी प्रवेश परीक्षाएँ देते हैं। पटना में कक्षा 5 के कुछ विद्यार्थी कक्षा 6 में दाख़िले की परीक्षाओं की तैयारी करते हैं: नवोदय विद्यालयों के लिए JNVST, सिमुलतला आवासीय विद्यालय के लिए BSEB की परीक्षा, और सैनिक स्कूलों के लिए AISSEE, जो NTA के कैलेंडर में 31 जनवरी 2027 को है।
निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 28 स्कूल के शिक्षकों को निजी ट्यूशन से रोकती है। बिहार ने इस पर अपने आदेश भी जोड़े हैं: जनवरी 2024 में शिक्षा विभाग ने कोचिंग संस्थानों से लिखित वचन माँगा कि वहाँ कोई सरकारी शिक्षक नहीं पढ़ाएगा, और जून 2026 में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के निजी ट्यूशन और कोचिंग पर रोक लगा दी।
इसलिए Edutara कॉलेज के विद्यार्थियों, स्नातकों, सेवानिवृत्त शिक्षकों और स्कूल व्यवस्था से बाहर काम करने वाले शिक्षकों में से ट्यूटर तलाशता है। शहर में पढ़ने वालों की बड़ी आबादी है: अकेले अशोक राजपथ पर पटना कॉलेज, पटना साइंस कॉलेज, NIT पटना और पटना मेडिकल कॉलेज हैं, और पूरे बिहार से छात्र कोचिंग और डिग्री के लिए यहाँ आते हैं।
ट्यूटर Edutara को कुछ नहीं देते, और आवेदन मुफ़्त है। पटना के जो विद्यार्थी या स्नातक पढ़ाना चाहते हैं, वे ट्यूटर जॉब पेज से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पढ़ा जाता है, और आवेदक को ईमेल से आगे के क़दम बताए जाते हैं।
कक्षा, बोर्ड (बिहार बोर्ड, CBSE या ICSE), विषय, अपना इलाका और पढ़ाई की भाषा भेजिए। Edutara ऐसा ट्यूटर तलाशता है जो इन सब पर खरा उतरे।
आगे क्या होगा
शुरुआत एक ट्रायल क्लास से कीजिए और आगे तभी बढ़िए जब ट्यूटर विद्यार्थी को जँचे। ट्यूशन की फ़ीस आप सीधे ट्यूटर को देते हैं।