मुख्य सामग्री पर जाएँ
लखनऊ, उत्तर प्रदेश

लखनऊ में होम ट्यूशन, आपके अपने पढ़ने वाले मेज़ पर

यूपी बोर्ड, CBSE या ICSE और ISC, कक्षा 1 से कक्षा 12 तक, JEE, NEET-UG और CUET-UG की तैयारी, और बड़ों के लिए स्पोकन इंग्लिश। Edutara हर विद्यार्थी के लिए एक ट्यूटर खोजता है, जो गोमती नगर, अलीगंज, आलमबाग या शहर के जिस हिस्से में आप रहते हैं, वहाँ आकर पढ़ाए। पहली क्लास ट्रायल क्लास होती है।

यह कैसे काम करता है

  1. 1. हमें कक्षा या परीक्षा, बोर्ड और विषय बताइए, और यह भी कि क्लास घर पर चाहिए या ऑनलाइन।
  2. 2. हम ऐसा ट्यूटर ढूँढते हैं जो ठीक यही पढ़ाता हो।
  3. 3. शुरुआत एक ट्रायल क्लास से होती है।
  • एक विद्यार्थी, एक ट्यूटर
  • पहली क्लास ट्रायल क्लास
  • फ़ीस सीधे ट्यूटर को
  • घर पर या ऑनलाइन

5 में से 4.9108 समीक्षाएँ

लखनऊ में होम ट्यूशन का मतलब क्या है?

होम ट्यूशन का मतलब है कि ट्यूटर आपके घर आता है और एक ही विद्यार्थी को उसी मेज़ पर पढ़ाता है जहाँ वह रोज़ पढ़ता है। लखनऊ में एक ही मोहल्ले में कोई बच्चा यूपी बोर्ड का हाई स्कूल पेपर दे रहा होता है और पड़ोस का बच्चा ICSE का, इसलिए काम की घंटी वही है जो उसी सिलेबस, उसी सवाल के ढाँचे और उसी बच्चे की कमज़ोरी पर टिकी हो। बोर्ड वाले दो साल, कोचिंग के साथ चल रही कक्षा 11-12 की साइंस, और छोटी कक्षाओं के बच्चे, माँग सबसे ज़्यादा यहीं से आती है। आप अपनी ज़रूरत बताते हैं, Edutara उसी के हिसाब से ट्यूटर खोजता है, और पहली क्लास ट्रायल क्लास रहती है।

विद्यार्थी को इससे क्या मिलता है

  • पढ़ाई उसी बोर्ड के पेपर के हिसाब से, चाहे यूपी बोर्ड हो, CBSE हो या ISC
  • जो सवाल बड़ी कोचिंग की भीड़ में पूछे नहीं जाते, वे घर पर पूछ लिए जाते हैं
  • समय स्कूल, कोचिंग और सर्दियों की कोहरे वाली सुबहों को देखकर तय होता है
  • लिखित काम सामने बैठकर जाँचा जाता है, इसलिए कमज़ोर चैप्टर उसी हफ़्ते पकड़ में आता है

किसके लिए ठीक है

  • यूपी बोर्ड की कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थी, हिंदी या अंग्रेज़ी माध्यम में
  • शहर के पुराने कॉन्वेंट और सिटी स्कूलों के ICSE और ISC विद्यार्थी
  • JEE, NEET-UG और CUET-UG की तैयारी करने वाले, जो कोचिंग भी जाते हैं
  • कक्षा 1 से 5 तक के बच्चे, जिन्हें दिन का काम आराम से दोहराना होता है
  • स्पोकन इंग्लिश या IELTS सीखने वाले वयस्क
लखनऊ

लखनऊ में ट्यूटर घर तक कैसे पहुँचता है

आज भेजी गई ज़रूरत से लेकर ट्यूटर के साथ तय हुए हफ़्ते के समय तक, चार कदम।

01

कक्षा, बोर्ड और इलाक़ा बताइए

बताइए कि यूपी बोर्ड है, CBSE है या ICSE और ISC, कौन सी कक्षा और कौन सा विषय, और ट्यूटर को कहाँ आना है: इंदिरा नगर, वृंदावन योजना, चौक या शहर का कोई और हिस्सा। साथ में वे दिन और वह समय भी लिखिए जो घर के हिसाब से ठीक बैठता है।

02

Edutara ठीक वैसा ट्यूटर खोजता है

हिंदी माध्यम के यूपी बोर्ड वाले ट्यूटर की खोज और ISC फ़िज़िक्स वाले ट्यूटर की खोज दो अलग बातें हैं। हम ऐसा व्यक्ति देखते हैं जो वही बोर्ड और वही विषय पढ़ाता हो और आपके इलाक़े तक उसी समय पहुँच सके।

कुछ दिन
03

घर पर ट्रायल क्लास

पहली क्लास ट्रायल क्लास होती है। आप देखते हैं कि ट्यूटर समझाता कैसे है, विद्यार्थी जवाब कैसे देता है, और वह घंटा घर की शाम में बैठता है या नहीं। बात आगे तभी बढ़ती है जब यह क्लास जँच जाए।

एक क्लास
04

दिन, समय और फ़ीस ट्यूटर के साथ तय

जोड़ी बैठ जाने के बाद हफ़्ते का समय और ट्यूशन की फ़ीस सीधे ट्यूटर के साथ तय होती है और ट्यूटर को ही दी जाती है। Edutara बाद में भी जुड़ा रहता है ताकि साल भर यह व्यवस्था चलती रहे।

कहाँ-कहाँ

लखनऊ में होम ट्यूशन कहाँ-कहाँ

शहर दक्षिण-पश्चिम के एयरपोर्ट से लेकर उत्तर-पूर्व की मुंशी पुलिया तक फैला है, और ट्यूटर का सफ़र ही तय करता है कि कौन सा समय मुमकिन है।

लखनऊ में मेट्रो की एक ही लाइन है और सड़क बहुत सारी। कपूरथला के पास रहने वाला ट्यूटर अलीगंज कुछ मिनटों में पहुँचता है और गोमती नगर विस्तार काफ़ी देर में, इसलिए आप जो इलाक़ा बताते हैं और जो समय माँगते हैं, दोनों साथ चलते हैं। जहाँ शाम का स्लॉट जल्दी नहीं मिलता, वहाँ वही विषय तब तक ऑनलाइन चलाया जा सकता है।

  1. गोमती के पार बसी योजनाबद्ध कॉलोनी, जिसके सारे खंडों के नाम व से शुरू होते हैं। एक सिरे पर विभूति खंड के दफ़्तर हैं और बीच में जनेश्वर मिश्र पार्क। कॉलोनी के भीतर मेट्रो स्टेशन नहीं है, इसलिए ट्यूटर दुपहिया से आते हैं और शाम छह बजे का समय सबसे पहले भर जाता है।

    इलाके
    6
    इलाके
    विभूति खंडविपुल खंडविनीत खंडविजयंत खंडविराम खंडगोमती नगर विस्तार
    • खंडों के नाम व से शुरू होते हैं, इसलिए पता समझाना आसान रहता है
  2. मेट्रो का उत्तरी छोर, जहाँ भूतनाथ मार्केट और मुंशी पुलिया से ही लोग रास्ता बताते हैं। सेक्टरों के पते पास-पास हैं, इसलिए एक ट्यूटर शहर पार किए बिना एक ही शाम में दो क्लास ले पाता है।

    इलाके
    5
    इलाके
    मुंशी पुलियाभूतनाथ मार्केटलेखराज मार्केटखुर्रम नगरचिनहट
    • मुंशी पुलिया मेट्रो की रेड लाइन का आख़िरी स्टेशन है
  3. उत्तरी लखनऊ की कोचिंग पट्टी कपूरथला से होकर गुज़रती है। यहाँ कक्षा 11 और 12 के बहुत से विद्यार्थी पहले से JEE या NEET-UG के बैच में बैठते हैं और वही चैप्टर अगली शाम घर पर दोबारा खुलवाना चाहते हैं।

    इलाके
    5
    इलाके
    कपूरथलाविकास नगरनिराला नगरमहानगरबादशाहनगर
    • प्रवेश परीक्षा और सरकारी भर्ती की कोचिंग कपूरथला के आसपास घनी है
  4. सीतापुर रोड के साथ फैलती नई कॉलोनियाँ, पास में Dr. A.P.J. Abdul Kalam Technical University। यहाँ पते दूर-दूर पड़ते हैं, इसलिए बिखरे हुए घंटों के मुक़ाबले हफ़्ते का तय समय बेहतर चलता है।

    इलाके
    4
    इलाके
    जानकीपुरम विस्तारमड़ियाँवसीतापुर रोडकुर्सी रोड
    • Integral University इसी उत्तरी छोर पर कुर्सी रोड पर है
  5. शहर का बीच: स्कूल, डिग्री कॉलेज और सरकारी दफ़्तर कुछ किलोमीटर के भीतर, और इसी पट्टी पर मेट्रो के तीन स्टेशन। यहाँ शाम की क्लास को घर लौटती पूरी भीड़ के साथ सड़क बाँटनी पड़ती है।

    इलाके
    5
    इलाके
    लालबागक़ैसरबागहुसैनगंजनिशातगंजनरही
    • हुसैनगंज, सचिवालय और हज़रतगंज एक ही छोटी पट्टी के मेट्रो स्टेशन हैं
  6. बीच शहर से पश्चिम का पुराना लखनऊ, जहाँ नक्खास और अमीनाबाद की गलियाँ सँकरी हैं और मकान एक-दूसरे से सटे हुए। यहाँ कई परिवार हिंदी या उर्दू माध्यम में पढ़ते हैं और उसी भाषा में पढ़ाने वाला ट्यूटर चाहते हैं।

    इलाके
    5
    इलाके
    अमीनाबादठाकुरगंजबालागंजडालीगंजनक्खास
    • King George's Medical University पुराने शहर के किनारे पर है
  7. दक्षिण-पश्चिम लखनऊ, चारबाग और एयरपोर्ट के बीच मेट्रो की लाइन के सहारे। इस तरफ़ रहने वाला ट्यूटर कृष्णा नगर या ट्रांसपोर्ट नगर आसानी से पहुँचता है और पूरब की कॉलोनियों तक मुश्किल से, यह बात ज़रूरत लिखते समय बताना काम आता है।

    इलाके
    5
    इलाके
    कृष्णा नगरसिंगार नगरट्रांसपोर्ट नगरराजाजीपुरमअमौसी
    • आलमबाग में मेट्रो स्टेशन भी है और अंतरराज्यीय बस अड्डा भी
  8. कानपुर रोड और रायबरेली रोड के किनारे बसी दक्षिणी कॉलोनियाँ, और शहीद पथ से लगी नई टाउनशिप। यहाँ दूरियाँ लंबी हैं, इसलिए परिवार अक्सर एक विषय ऑनलाइन और एक विषय घर पर रखते हैं।

    इलाके
    5
    इलाके
    LDA कॉलोनीतेलीबागवृंदावन योजनासुशांत गोल्फ सिटीकानपुर रोड
    • Babasaheb Bhimrao Ambedkar University रायबरेली रोड पर है

लखनऊ के परिवार किन विषयों के लिए पूछते हैं

इस शहर में तीन बोर्ड साथ-साथ चलते हैं, और एक ही चैप्टर तीनों में अलग ढंग से पूछा जाता है।

लखनऊ में शुरुआत अक्सर इन्हीं से होती है

बोर्ड वाले साल से लेकर दफ़्तर के बाद अंग्रेज़ी सीखते वयस्क तक, होम ट्यूशन के पाँच आम रास्ते।

कक्षा 10 का बोर्ड वाला साल

यूपी बोर्ड के हाई स्कूल पेपर फ़रवरी और मार्च में होते हैं, और CBSE ने कक्षा 10 के लिए एक ही सत्र में दो बैठकें कर दी हैं। घर आने वाला ट्यूटर उसी पेपर के हिसाब से पढ़ाता है जिसकी तैयारी बच्चे का स्कूल करा रहा है।

कक्षा 10
अपने ही बोर्ड के पुराने पेपर, घड़ी देखकर हल
हर हफ़्ते लिखित उत्तरों की जाँच

किसके लिए:

यूपी बोर्ड, CBSE या ICSE की कक्षा 10 के विद्यार्थी
कक्षा 10 का बोर्ड वाला साल के बारे में देखें

कोचिंग के साथ कक्षा 12 साइंस

यहाँ कक्षा 11-12 के बहुत से विद्यार्थी अलीगंज या हज़रतगंज के प्रवेश परीक्षा बैच में बैठते हैं और बोर्ड की फ़िज़िक्स-केमिस्ट्री चुपचाप पीछे छूटती जाती है। घर की क्लास दोनों सिलेबसों को साथ-साथ चलाए रखती है।

कक्षा 11 और 12
बोर्ड के ढाँचे में उत्तर लिखने का अभ्यास
बैच में तेज़ी से निकले चैप्टर आराम से दोबारा

किसके लिए:

कक्षा 11 और 12 के साइंस विद्यार्थीड्रॉप ईयर वाले विद्यार्थी
कोचिंग के साथ कक्षा 12 साइंस के बारे में देखें

JEE और NEET-UG की तैयारी

NTA के कैलेंडर के अनुसार JEE Main 2027 का पहला सत्र जनवरी 2027 के आख़िरी हफ़्ते में है, यानी सबसे कड़ी रिवीज़न लखनऊ की सबसे कोहरे वाली रातों में पड़ती है। वन-टू-वन घंटे उन्हीं टॉपिक पर जाते हैं जिन्हें बैच जल्दी पार कर गया।

एक ही विद्यार्थी के कमज़ोर चैप्टर, क्रम से
मॉक टेस्ट के सवाल एक-एक करके

किसके लिए:

कक्षा 11, कक्षा 12 और ड्रॉप ईयर के विद्यार्थी
JEE और NEET-UG की तैयारी के बारे में देखें

CUET-UG से दाख़िले की तैयारी

केंद्रीय विश्वविद्यालयों का रास्ता CUET-UG से होकर जाता है, और लखनऊ में रायबरेली रोड पर Babasaheb Bhimrao Ambedkar University इसी श्रेणी का है। इस पेपर में कक्षा 12 की पकड़ और जनरल टेस्ट का अभ्यास, दोनों काम आते हैं।

डोमेन विषय CUET-UG के ढाँचे में
जनरल टेस्ट का समयबद्ध अभ्यास

किसके लिए:

केंद्रीय विश्वविद्यालयों में आवेदन करने वाले कक्षा 12 के विद्यार्थी
CUET-UG से दाख़िले की तैयारी के बारे में देखें

काम करने वालों के लिए स्पोकन इंग्लिश

लखनऊ के दफ़्तरों, अस्पतालों और दुकानों में काम करने वाले ऐसी अंग्रेज़ी चाहते हैं जो मीटिंग, काउंटर या इंटरव्यू में सचमुच चल जाए। क्लास शाम को घर पर या काम के बाद ऑनलाइन, एक बार में एक ही विद्यार्थी।

पहली क्लास से बोलने का अभ्यास
शब्द आपके अपने काम की दुनिया से

किसके लिए:

नौकरीपेशा वयस्कइंटरव्यू की तैयारी करते कॉलेज विद्यार्थी
काम करने वालों के लिए स्पोकन इंग्लिश के बारे में देखें

शुरुआत किस विषय से हो, यह उलझन है? अपनी ज़रूरत बताइए और हम उसी विषय को उसी स्तर पर पढ़ाने वाला ट्यूटर खोजेंगे।

अपनी ज़रूरत बताइए
Edutara क्यों

लखनऊ में Edutara की जोड़ी कैसे बनती है

शहर के हर परिवार के लिए एक ही व्यवस्था, पहली क्लास तय होने से पहले साफ़-साफ़ लिखी हुई।

एक विद्यार्थी, एक ट्यूटर

कोई बैच नहीं, कोई साझा बेंच नहीं। ट्यूटर अकेले आपके विद्यार्थी को पढ़ाता है, इसीलिए कक्षा 11 की क्लास के बीच में कक्षा 9 का कोई चैप्टर दोबारा खोलना मुमकिन रहता है और किसी और का समय नहीं रुकता।

आपका इलाक़ा, आपका समय

खोज उसी हिस्से से शुरू होती है जो आप बताते हैं। शाम सात बजे पूरा शहर पार करने वाला ट्यूटर उससे ज़्यादा क्लास छोड़ता है जो चंद गलियाँ दूर रहता हो, और छूटी हुई क्लास ही बोर्ड वाले साल को बिगाड़ती हैं।

पहले ट्रायल, फिर बाक़ी सब

पहली क्लास ट्रायल क्लास है। अगर समझाने का तरीक़ा आपके विद्यार्थी को नहीं जँचता तो Edutara मुफ़्त में नया ट्यूटर खोजता है, और परिवार ने पूरे सत्र के बजाय एक शाम लगाकर यह जान लिया होता है।

घर पर, ऑनलाइन, या दोनों बारी-बारी

जनवरी का कोहरा और मई की गर्मी, दोनों यहाँ शाम के सफ़र को खा जाते हैं। कोई विषय कुछ हफ़्ते ऑनलाइन चल सकता है और मौसम खुलने पर उसी ट्यूटर के साथ फिर घर की मेज़ पर लौट सकता है।

ट्यूटर से कोई पैसा नहीं

ट्यूटर से न जुड़ने की फ़ीस ली जाती है, न कमीशन। ट्यूशन की फ़ीस परिवार और ट्यूटर के बीच तय होती है और सीधे ट्यूटर को जाती है, इसलिए परिवार जो देता है वही ट्यूटर की कमाई है।

बोर्ड देखकर जोड़ी

यूपी बोर्ड का हिंदी माध्यम वाला उत्तर और ISC का उत्तर अलग आदतों से जाँचे जाते हैं। ट्यूटर की खोज कक्षा और विषय के साथ-साथ उसी बोर्ड को देखकर होती है जो आपका विद्यार्थी दे रहा है।

लखनऊ के परिवार जो पूछते हैं

घर आने वाले ट्यूटर, बोर्ड, कोचिंग और सर्दियों के समय को लेकर आम सवाल।

आप विद्यार्थी के बारे में बताते हैं: कक्षा, बोर्ड, विषय, इलाक़ा, और वे दिन और घंटे जो घर के हिसाब से ठीक हैं। इसके बाद Edutara ऐसा ट्यूटर खोजता है जो ठीक वही पढ़ाता हो और उसी समय आप तक पहुँच सके। पहली क्लास ट्रायल क्लास होती है और आगे तभी बढ़ा जाता है जब वह जँच जाए। उसके बाद समय और ट्यूशन की फ़ीस सीधे ट्यूटर के साथ तय होती है।

कोई सवाल अब भी बाक़ी है?

संपर्क पेज पर कक्षा, विषय और अपना इलाका लिखकर भेजिए। जवाब में हम बताएँगे कि आगे क्या करना है।

लखनऊ के परिवारों के लिए

लखनऊ में होम ट्यूशन: साल किन बातों से बनता है

लखनऊ के बच्चे एक साथ तीन व्यवस्थाओं में पढ़ते हैं। सबसे बड़ा हिस्सा यूपी बोर्ड का है, जिसे उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज से चलाती है: Free Press Journal के अनुसार 2026 की हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए राज्य भर से 53,37,778 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। नए शहर का बड़ा हिस्सा CBSE स्कूलों से भरा है, और पुराने कॉन्वेंट तथा सिटी स्कूलों की वजह से ICSE और ISC की जड़ें यहाँ ख़ासी गहरी हैं।

यह परंपरा उम्र के साथ आकार में भी दिखती है। Guinness World Records के अनुसार लखनऊ का City Montessori School विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा स्कूल है, जहाँ 10 अगस्त 2023 तक 21 कैंपस में 61,345 विद्यार्थी थे, और अलग-अलग कैंपस में CISCE, CBSE तथा Cambridge की पढ़ाई होती है। La Martiniere College, Loreto Convent और St Francis' College पीढ़ियों से इसी शहर से ISC विद्यार्थी निकालते आए हैं। जिस ट्यूटर ने इनमें से सिर्फ़ एक व्यवस्था पढ़ाई हो, उसे फ़र्क़ पहले हफ़्ते में महसूस होता है, इसीलिए बोर्ड का नाम ज़रूरत में सबसे पहले आता है।

  • यूपी बोर्ड: हिंदी माध्यम आम है, और बोर्ड के अपने सवाल की भाषा मायने रखती है
  • CBSE: NCERT की किताबें, और 2026 सत्र से कक्षा 10 की दो बैठकें
  • ICSE और ISC: लंबे लिखित उत्तर, इंटरनल असेसमेंट और अंग्रेज़ी का भारी वज़न

यूपी बोर्ड का साल जल्दी ख़त्म होता है। प्रैक्टिकल जनवरी में निपटते हैं और लिखित पेपर कुछ ही हफ़्तों बाद: 2026 में हाई स्कूल और इंटरमीडिएट के पेपर 18 फ़रवरी से 12 मार्च तक, दिन में दो पालियों में हुए थे, जैसा UPMSP का समय-सारणी जारी होने पर बताया गया। 2027 की समय-सारणी नवंबर 2026 के आसपास upmsp.edu.in पर आने की उम्मीद है, और जब तक परिषद उसे जारी नहीं करती, फ़रवरी-मार्च को सिर्फ़ समझदारी भरा अनुमान मानिए।

CBSE वाले परिवार अब दो तारीख़ों के हिसाब से सोचते हैं। कक्षा 10 की पहली परीक्षा फ़रवरी में सबके लिए ज़रूरी है और मई वाली दूसरी बैठक उनके लिए है जो अंक सुधारना चाहते हैं, जिसमें बेहतर स्कोर गिना जाता है। यह व्यवस्था CBSE ने 2025 में घोषित की थी। ICSE और ISC के पेपर फ़रवरी-मार्च में चलते हैं और CISCE अपनी समय-सारणी कुछ महीने पहले जारी करता है।

इन सबके ऊपर प्रवेश परीक्षाएँ आती हैं। सितंबर 2026 में जारी NTA कैलेंडर के अनुसार JEE Main 2027 का पहला सत्र जनवरी 2027 के आख़िरी हफ़्ते में है और दूसरा सत्र साल में आगे चलकर, जबकि NEET-UG और CUET-UG की तारीख़ें NTA अपने समय पर घोषित करता है। कक्षा 12 के साइंस विद्यार्थी के लिए इसका मतलब है कि प्रैक्टिकल, JEE का एक सत्र और बोर्ड के लिखित पेपर, तीनों लगभग आठ हफ़्तों के भीतर आ जाते हैं।

  • जनवरी: यूपी बोर्ड प्रैक्टिकल, JEE Main का पहला सत्र, और साल की सबसे ठंडी पढ़ाई
  • फ़रवरी-मार्च: यूपी बोर्ड, CBSE और CISCE के लिखित पेपर
  • अप्रैल से जून: नतीजे, CBSE की वैकल्पिक दूसरी बैठक, NEET-UG और CUET-UG का मौसम

लखनऊ की सर्दी पढ़ाई को जितना रोकती है, बाहर वाले उसका अंदाज़ा कम लगाते हैं। 8 जनवरी 2026 को ज़िलाधिकारी ने भारत मौसम विज्ञान विभाग की शीतलहर और घने कोहरे की चेतावनी का हवाला देकर ज़िले के कक्षा 8 तक के सभी स्कूल 10 जनवरी तक बंद रखने और कक्षा 9 से 12 की पढ़ाई सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक कराने का आदेश दिया था, ऐसा Free Press Journal की रिपोर्ट में दर्ज है। ऐसे आदेश लगभग हर सर्दी में कम समय की सूचना पर आते हैं, और ठीक उसी मौसम में बोर्ड वाले विद्यार्थी के पास खोने को हफ़्ता नहीं होता।

साल का दूसरा सिरा गर्मी से यही करता है। मई और जून की दोपहरें पढ़ने लायक़ नहीं रहतीं और स्कूलों की लंबी छुट्टी पड़ती है, इसलिए परिवार क्लास सुबह जल्दी या देर शाम कर लेते हैं और बोर्ड वाले साल में छुट्टियों में भी पढ़ाई चलाते रहते हैं। जुलाई से सितंबर की बारिश ज़्यादातर सफ़र का समय खाती है, नीची सड़कों पर पानी भरने के कारण। पास रहने वाला ट्यूटर इन तीनों मौसमों में कम घंटा गँवाता है।

  • सर्दी: दिन के उजाले वाला समय माँगिए, और कोहरे वाली शाम के लिए ऑनलाइन विकल्प तैयार रखिए
  • मई-जून: सुबह की क्लास, और छुट्टियों का इस्तेमाल पिछड़े चैप्टर पूरे करने में
  • बरसात: पास का ट्यूटर क्लास को सफ़र की कहानी बनने से बचाता है

लखनऊ मेट्रो की रेड लाइन शहर का इकलौता चालू गलियारा है: चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से मुंशी पुलिया तक 22.878 किलोमीटर में 21 स्टेशन, जो सितंबर 2017 में शुरू हुई और मार्च 2019 में अपनी मौजूदा लंबाई तक पहुँची। यह दक्षिण-पश्चिम और बीच शहर को अच्छी तरह जोड़ती है, ट्रांसपोर्ट नगर, आलमबाग, चारबाग, हुसैनगंज, हज़रतगंज, विश्वविद्यालय, बादशाहनगर और इंदिरा नगर से होकर, इसीलिए इसी धुरी पर रहने वाले ट्यूटर शाम की क्लास बिना ज़्यादा दिक़्क़त के ले लेते हैं।

नया शहर बड़े हिस्से में इस लाइन से हटकर बसा है। गोमती नगर और उसका विस्तार, शहीद पथ से लगी टाउनशिप, वृंदावन योजना और जानकीपुरम विस्तार सड़क से ही पहुँचे जाते हैं, और शाम छह बजे सड़क ही सबसे बड़ी अड़चन है। ज़रूरत भेजते समय इलाक़े के साथ पास का चौराहा लिख देना खोज में उतना ही काम आता है जितना विषय दोबारा लिखना नहीं आता।

  • मेट्रो के साथ: आलमबाग, चारबाग, हज़रतगंज, बादशाहनगर, इंदिरा नगर, मुंशी पुलिया
  • मेट्रो से दूर: गोमती नगर, वृंदावन योजना, सुशांत गोल्फ सिटी, जानकीपुरम विस्तार
  • समय तंग हो तो ऑनलाइन क्लास सफ़र को समीकरण से ही हटा देती है

कपूरथला और अलीगंज के आसपास की कोचिंग पट्टी में लखनऊ की कक्षा 11-12 की बड़ी आबादी अपनी शामें बिताती है, साथ में सरकारी और बैंकिंग भर्ती की तैयारी करने वाले स्नातक भी। बैच सिलेबस पूरा कराने का असरदार तरीक़ा है और किसी एक विद्यार्थी की अपनी उलझन सुलझाने का कमज़ोर, क्योंकि कमरा उसके लिए रुक नहीं सकता। इस शहर में होम ट्यूशन सबसे ज़्यादा इसी मरम्मत के लिए लिया जाता है।

यह तब सबसे अच्छा चलता है जब दोनों का निशाना एक हो। ट्यूटर को बता दीजिए कि बच्चा कौन सा बैच जाता है और पिछले हफ़्ते वहाँ क्या पढ़ा, तो घर का घंटा दूसरा लेक्चर होने के बजाय असली रिवीज़न बन जाता है। बोर्ड वाले साल में ज़्यादातर परिवार बँटवारा सीधा रखते हैं: प्रवेश परीक्षा का सिलेबस बैच के ज़िम्मे, और बोर्ड के उत्तर तथा लिखित काम घर के ट्यूटर के ज़िम्मे।

  • कोचिंग का मॉड्यूल घर की क्लास में लाइए ताकि ट्यूटर उसी चैप्टर पर काम करे
  • प्रवेश परीक्षा के महीनों में भी बोर्ड का अभ्यास चलता रहे, ख़ासकर फ़िज़िक्स और केमिस्ट्री में
  • पूरी कोचिंग के साथ हफ़्ते में एक या दो क्लास का ढर्रा आम है

यह विश्वविद्यालयों का शहर है, और प्राइवेट पढ़ाने वाले वहीं से आते हैं। University of Lucknow, King George's Medical University, Dr. A.P.J. Abdul Kalam Technical University, Babasaheb Bhimrao Ambedkar University, Integral University और Indian Institute of Management Lucknow मिलकर विद्यार्थियों और हाल के स्नातकों की बड़ी आबादी रखते हैं। इनमें से बहुत से ख़ुद हिंदी माध्यम से पढ़कर आए हैं, इसलिए यूपी बोर्ड के बच्चे को किताब की अपनी भाषा में पढ़ाना उनके लिए सहज रहता है।

क़ानून एक सीमा साफ़ खींचता है। निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 28 स्कूल में कार्यरत शिक्षक को प्राइवेट ट्यूशन से रोकती है, इसलिए खोज कॉलेज के विद्यार्थियों, स्नातकोत्तर छात्रों, सेवानिवृत्त शिक्षकों और स्कूल व्यवस्था के बाहर पढ़ाने वालों के बीच चलती है। ट्यूटर से इसके लिए कोई पैसा नहीं लिया जाता: न जुड़ने की फ़ीस, न कमीशन, न किसी परिवार से मिलवाने का शुल्क। क्लास के लिए जो तय होता है, वह परिवार सीधे ट्यूटर को देता है।

  • स्कूल में कार्यरत शिक्षक नहीं जोड़े जाते, RTE अधिनियम 2009 की धारा 28 के कारण
  • कॉलेज विद्यार्थी, स्नातक और सेवानिवृत्त शिक्षक जोड़े जाते हैं
  • ट्यूटर की खोज बोर्ड, विषय, इलाक़े और आपके माँगे समय को देखकर होती है

दूसरे शहरों में होम ट्यूशन

लखनऊ में घर आकर पढ़ाने वाला ट्यूटर चाहिए?

कक्षा, बोर्ड, विषय और शहर का अपना हिस्सा लिख भेजिए, Edutara उसी के हिसाब से ट्यूटर खोजना शुरू कर देगा।