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कानपुर, उत्तर प्रदेश

कानपुर में होम ट्यूशन, एक विद्यार्थी के लिए एक ट्यूटर

कानपुर में होम ट्यूशन का मतलब है ऐसा शिक्षक जो एक ही विद्यार्थी के साथ बैठे और उसी की रफ़्तार से पढ़ाए, काकादेव की कोचिंग वाली गलियों से बर्रा और जाजमऊ तक, घर पर या ऑनलाइन। 500 से ज़्यादा कानपुर के ट्यूटर Edutara के साथ पढ़ाते हैं। कक्षा, बोर्ड और विषय बता दीजिए, पहली क्लास ट्रायल होती है।

यह कैसे काम करता है

  1. 1. हमें कक्षा या परीक्षा, बोर्ड और विषय बताइए, और यह भी कि क्लास घर पर चाहिए या ऑनलाइन।
  2. 2. हम ऐसा ट्यूटर ढूँढते हैं जो ठीक यही पढ़ाता हो।
  3. 3. शुरुआत एक ट्रायल क्लास से होती है।
  • वन-टू-वन पढ़ाई
  • घर पर या ऑनलाइन
  • पहली क्लास ट्रायल
  • ट्यूटर से कोई फ़ीस नहीं

5 में से 4.9105 समीक्षाएँ

कानपुर में होम ट्यूशन क्या है?

कानपुर में होम ट्यूशन का मतलब है, एक ट्यूटर आपके घर आकर एक ही विद्यार्थी को पढ़ाए, उस समय पर जो विद्यार्थी को ठीक लगे। इस शहर के ज़्यादातर विद्यार्थी दूसरा सिरा पहले से जानते हैं, क्योंकि कानपुर कोचिंग पर चलता है। काकादेव और विकास नगर के आसपास हर शाम बड़े-बड़े बैच भरे रहते हैं, और एक चुप रहने वाला विद्यार्थी पूरा सत्र बिना कोई सवाल पूछे निकाल देता है। होम ट्यूशन इसका उल्टा काम करता है। सिलेबस वही रहता है जो आपके स्कूल में चलता है, चाहे वह यूपी बोर्ड हो, CBSE हो या CISCE, और रफ़्तार उसी एक विद्यार्थी की होती है जो कमरे में बैठा है। जब ट्यूटर शहर के दूसरे छोर पर रहता हो और GT Road की शाम भरोसे लायक न हो, तब यही क्लास ऑनलाइन भी चल जाती है।

विद्यार्थी को इससे क्या मिलता है

  • पढ़ाई उसी सिलेबस पर होती है जो आपके स्कूल में अध्याय दर अध्याय चल रहा है।
  • प्रैक्टिकल फ़ाइल, इंटरनल काम और वाइवा की तैयारी लिखित पेपर के साथ-साथ पूरी होती है।
  • दिन और समय ट्यूटर के साथ तय होते हैं, इसलिए क्लास स्कूल और कोचिंग के बीच बैठ जाती है।
  • कमरे में एक ही विद्यार्थी होता है, इसलिए शंका बोलकर पूछी जाती है।

किसके लिए ठीक है

  • कक्षा 1 से 5 तक, पढ़ना, लिखना और गिनती की पकड़
  • यूपी बोर्ड हाई स्कूल और इंटरमीडिएट के विद्यार्थी
  • CBSE और ICSE की कक्षा 9 से 12 तक
  • JEE और NEET की तैयारी करने वाले, जिनके बैच में कुछ छूट गया है
  • स्पोकन इंग्लिश सीखने वाले वयस्क और कॉलेज विद्यार्थी
कानपुर

कानपुर का विद्यार्थी ट्यूटर कैसे पाता है

चार कदम, आपके पहले संदेश से लेकर उस शाम तक जब ट्यूटर पहली बार आपके घर की घंटी बजाता है।

01

ज़रूरत बताइए

पहले कक्षा और बोर्ड: यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट, CBSE कक्षा 10, या कैंट का कोई ICSE स्कूल। उसके बाद विषय, कानपुर में आपका मोहल्ला, और यह कि ट्यूटर घर आए या ऑनलाइन पढ़ाए।

02

Edutara ट्यूटर ढूँढता है

हम ऐसे व्यक्ति को खोजते हैं जो ठीक वही सिलेबस पढ़ाता हो और आपके दिनों में आपके इलाक़े तक पहुँच सके, चाहे वह स्वरूप नगर हो, काकादेव, बर्रा, कल्याणपुर या चकेरी।

03

पहली क्लास ट्रायल क्लास

ट्यूटर घर आकर पूरी एक क्लास पढ़ाता है। आप सुनते हैं कि वह समझाता कैसे है और विद्यार्थी उस पर कैसा जवाब देता है। आगे जारी रखना आपका फ़ैसला है।

एक क्लास
04

दिन और समय तय

हफ़्ते के दिन और स्कूल व कोचिंग के बीच का समय ट्यूटर के साथ तय होता है। ट्यूशन की फ़ीस Edutara पक्की करता है और एक ही बिल भेजता है।

उसके बाद हर हफ़्ते
हम ट्यूटर कहाँ ढूँढते हैं

कानपुर के जिन इलाक़ों में हम खोजते हैं

कानपुर गंगा और GT Road के साथ दूर तक फैला है, इसलिए आपका मोहल्ला ही तय करता है कि कौन से ट्यूटर सचमुच आप तक पहुँच सकते हैं।

लिखते समय अपना मोहल्ला ज़रूर बताइए। विकास नगर में रहने वाला ट्यूटर किसी कार्यदिवस की शाम काकादेव या रावतपुर तक पढ़ा सकता है, और गोविंद नगर वाला बर्रा या नौबस्ता तक। जहाँ रोज़ पूरे शहर को पार करना बहुत लंबा पड़ता है, वहीं क्लास ऑनलाइन चल जाती है।

  1. स्वरूप नगर

    उत्तरी कानपुर का पुराना और सुव्यवस्थित हिस्सा, जहाँ अस्पताल, स्कूल और आर्य नगर तथा तिलक नगर के बाज़ार पास ही पड़ते हैं। LLR अस्पताल और मोतीझील मेट्रो स्टेशन इसी किनारे पर हैं।

    सिविल लाइंसआर्य नगरतिलक नगरकानपुर कैंट
    • Seth Anandram Jaipuria School, एक CISCE स्कूल, कैंट में है
  2. काकादेव

    कानपुर की कोचिंग पट्टी। JEE, NEET और सरकारी नौकरी की परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले संस्थान यहाँ सड़क के दोनों ओर हैं, और शाम के बैच के लिए पूरे शहर से विद्यार्थी आते हैं।

    विकास नगरश्याम नगररावतपुरगीता नगर
    • रावतपुर और गीता नगर, दोनों पर ऑरेंज लाइन के मेट्रो स्टेशन हैं
    • शहर की ज़्यादातर प्रवेश परीक्षा कोचिंग कुछ ही गलियों में सिमटी है
  3. कल्याणपुर

    शहर का GT Road वाला सिरा, जहाँ IIT Kanpur और छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर हैं। यहाँ की नई कॉलोनियों में कैंपस से जुड़े शिक्षक, शोधार्थी और कर्मचारी बसे हैं।

    पनकीनरामऊमंधना
    • ऑरेंज लाइन मेट्रो IIT Kanpur से शुरू होकर CSJM विश्वविद्यालय के पास से गुज़रती है
  4. बर्रा

    दक्षिण-पश्चिम का बड़ा नियोजित इलाक़ा, बर्रा 1 से आगे तक गिना जाने वाला, जिसके साथ गोविंद नगर और रतनलाल नगर लगे हैं। यहाँ के विद्यार्थी अक्सर इन्हीं कॉलोनियों के स्कूलों में पढ़ते हैं।

    गोविंद नगररतनलाल नगरनौबस्तायशोदा नगर
    • ऑरेंज लाइन का दक्षिणी छोर नौबस्ता पर प्रस्तावित है
  5. किदवई नगर

    मध्य-दक्षिण कानपुर, एक ओर सर्वोदय नगर का बाज़ार और दूसरी ओर रेल लाइन की तरफ़ जूही। शहर के कई पुराने स्कूल इन्हीं मोहल्लों से विद्यार्थी लेते हैं।

    सर्वोदय नगरबारादेवीवसंत विहारजूही
    • Dr. Virendra Swarup Education Centre, एक CISCE स्कूल, किदवई नगर में है
  6. जाजमऊ

    गंगा किनारे पूर्वी कानपुर, चमड़े के पुराने कारख़ानों वाला हिस्सा, और उससे आगे चकेरी तथा हवाई अड्डा। यहाँ से शहर के बीच तक आने-जाने में समय लगता है, इसलिए घर पर शाम की क्लास लंबा सफ़र बचा देती है।

    चकेरीहरजिंदर नगरलाल बंगला
    • कानपुर का हवाई अड्डा इसी ओर चकेरी में है

कानपुर के विद्यार्थी जो विषय माँगते हैं

इस शहर में तीन बोर्ड चलते हैं, यूपी बोर्ड, CBSE और CISCE, और प्रवेश परीक्षाएँ वही विद्यार्थी देते हैं जो इन्हीं बोर्ड के पेपर लिखते हैं।

कानपुर में होम ट्यूशन सबसे ज़्यादा कहाँ काम आता है

पाँच राहें जो इस शहर में बार-बार सामने आती हैं, और हर एक का अपना कैलेंडर है।

कक्षा 10 का बोर्ड साल

यूपी बोर्ड का हाई स्कूल और CBSE की कक्षा 10, दोनों के पेपर फ़रवरी और मार्च में लिखे जाते हैं। घर आने वाला ट्यूटर एक ही विद्यार्थी के साथ साल भर के प्रश्नपत्र हल कराता है और वहीं रुकता है जहाँ नंबर कट रहे हैं।

कक्षा 10
पुराने प्रश्नपत्र, एक-एक सवाल करके
प्रैक्टिकल और इंटरनल काम समय पर पूरा

किसके लिए:

कानपुर के कक्षा 10 के विद्यार्थी
कक्षा 10 का बोर्ड साल के बारे में देखें

काकादेव के बैच के साथ JEE

कानपुर के बहुत से विद्यार्थी बड़े कोचिंग बैच में जाते हैं और फिर भी कक्षा 11 की यांत्रिकी या कैलकुलस में कमी रह जाती है। घर की क्लास उन्हीं अध्यायों पर धीमी चल सकती है, जबकि बैच अपनी रफ़्तार से आगे बढ़ता रहता है।

कक्षा 11 और 12
जो अध्याय बैच में तेज़ी से निकल गए, वे दोबारा
सवालों का अभ्यास, हर पंक्ति की जाँच के साथ

किसके लिए:

इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले कक्षा 11-12 के विद्यार्थी
काकादेव के बैच के साथ JEE के बारे में देखें

NEET-UG जीव विज्ञान और रसायन

NEET-UG वही विद्यार्थी देते हैं जो कुछ हफ़्ते पहले कक्षा 12 के बोर्ड पेपर लिखकर आए होते हैं। घर की क्लास में NCERT के अध्याय और बोर्ड का सिलेबस साथ-साथ चलते हैं, इसलिए समय की खींचतान कम होती है।

कक्षा 11 और 12
NCERT उसी बारीकी से, जैसी पेपर माँगता है
बोर्ड प्रैक्टिकल और प्रवेश परीक्षा की तैयारी एक साथ

किसके लिए:

मेडिकल की तैयारी करने वाले कक्षा 11-12 के विद्यार्थी
NEET-UG जीव विज्ञान और रसायन के बारे में देखें

कक्षा 12 के बाद CUET-UG

CUET-UG National Testing Agency कराती है, उन विश्वविद्यालयों में दाख़िले के लिए जो इसे लेते हैं। कानपुर के विद्यार्थी इसकी तैयारी उन्हीं भरे हुए महीनों में करते हैं जब कक्षा 12 के पेपर चल रहे होते हैं।

डोमेन विषय, कक्षा 12 के सिलेबस से जोड़कर
जनरल टेस्ट और भाषा अनुभाग का साप्ताहिक अभ्यास

किसके लिए:

विश्वविद्यालय में दाख़िला चाहने वाले कक्षा 12 के विद्यार्थी
कक्षा 12 के बाद CUET-UG के बारे में देखें

काम के लिए स्पोकन इंग्लिश

कानपुर का कारोबार, यहाँ के अस्पताल और कॉलेज, सब मेज़ पर अंग्रेज़ी में चलते हैं, और यहाँ बहुत से वयस्क अंग्रेज़ी पढ़ लेते हैं पर बोलने में अटकते हैं। ये क्लास शाम को घर पर होती हैं, विद्यार्थी की अपनी रफ़्तार से।

बोलने का अभ्यास, एक सुनने वाले के साथ
शब्द वही, जो आपके अपने काम में आते हैं

किसके लिए:

नौकरीपेशा वयस्ककानपुर के कॉलेज विद्यार्थी
काम के लिए स्पोकन इंग्लिश के बारे में देखें

शुरुआत किस विषय से हो, यह उलझन है? अपनी ज़रूरत बताइए और हम उसी विषय को उसी स्तर पर पढ़ाने वाला ट्यूटर खोजेंगे।

अपनी ज़रूरत बताइए
Edutara क्यों

Edutara की हर जोड़ी कैसे बनती है

कानपुर के हर मोहल्ले में यही व्यवस्था रहती है, साफ़ शब्दों में लिखी हुई, ताकि ट्यूटर के आने से पहले विद्यार्थी को पता हो कि किस बात पर हाँ कही जा रही है।

एक विद्यार्थी, एक ट्यूटर

क्लास में एक ही विद्यार्थी होता है। ट्यूटर हर ग़लती उसी वक़्त देख लेता है और उसी अध्याय पर तब तक ठहरता है जब तक बात समझ में आ जाए।

पहली क्लास ट्रायल क्लास

कुछ भी तय होने से पहले विद्यार्थी ट्यूटर को पढ़ाते हुए परख लेता है। जोड़ी सही न लगे तो हमें बताइए, नया ट्यूटर बिना किसी ख़र्च के मिलता है।

घर पर या ऑनलाइन

ट्यूटर कानपुर में आपके घर आ सकता है। जब शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक रोज़ की शाम निभ न पाए, तब वही पढ़ाई ऑनलाइन होती है।

ट्यूशन की फ़ीस Edutara के बिल से

क्लास की फ़ीस Edutara तय करता है, दाख़िले के समय रकम बताता है और एक ही बिल भेजता है, और जब तक क्लास चलें, हर क्लास का भुगतान ट्यूटर को Edutara करता है।

ट्यूटर कुछ नहीं देते

स्नातक, कॉलेज विद्यार्थी और सेवानिवृत्त शिक्षक बिना किसी फ़ीस के आवेदन करें। निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 28 स्कूल में कार्यरत शिक्षकों को निजी ट्यूशन से रोकती है, इसलिए वे इसमें शामिल नहीं होते।

कानपुर के विद्यार्थी जो पूछते हैं

ट्यूटर माँगने से पहले इस शहर के विद्यार्थी, कक्षा 1 से लेकर नौकरीपेशा वयस्कों तक, आमतौर पर यही जानना चाहते हैं।

लिखते समय अपना मोहल्ला बता दीजिए, चाहे वह स्वरूप नगर हो, काकादेव, बर्रा, किदवई नगर, कल्याणपुर या जाजमऊ। Edutara ऐसा ट्यूटर खोजता है जो आपके बताए दिनों में वहाँ पहुँच सके। कानपुर लंबा शहर है और विकास नगर में रहने वाला ट्यूटर हफ़्ते में दो बार चकेरी तक कम ही जाएगा, इसलिए मोहल्ला बहुत कुछ तय कर देता है। जब इतनी दूरी कोई नियमित रूप से तय न कर पाए, तब वही क्लास ऑनलाइन चलती है।

कोई सवाल अब भी बाक़ी है?

संपर्क पेज पर कक्षा, विषय और अपना इलाका लिखकर भेजिए। जवाब में हम बताएँगे कि आगे क्या करना है।

कानपुर के विद्यार्थियों के लिए

कानपुर में होम ट्यूशन: जो जानना ज़रूरी है

कानपुर के स्कूल तीन बोर्ड के नीचे आते हैं। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद, जिसे सब यूपी बोर्ड कहते हैं, हाई स्कूल और इंटरमीडिएट कराती है और शहर तथा आसपास के ज़िले के ज़्यादातर स्कूल इसी से चलते हैं। CBSE के स्कूल नई कॉलोनियों में फैले हैं। CISCE के स्कूल, जिनमें कक्षा 10 तक ICSE और उसके बाद ISC होता है, उनमें किदवई नगर का Dr. Virendra Swarup Education Centre और कैंट का Seth Anandram Jaipuria School शामिल हैं।

बोर्ड रोज़ की पढ़ाई को उससे कहीं ज़्यादा बदल देता है जितना विद्यार्थी अक्सर सोचते हैं। प्रश्नपत्र का ढाँचा अलग होता है, प्रैक्टिकल और इंटरनल मूल्यांकन का वज़न अलग होता है, और अध्याय जिस किताब से पढ़ाया जाता है वह भी अलग होती है। यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट के पेपर पर काम कर चुका ट्यूटर और ISC के उत्तर रटा चुका ट्यूटर, दोनों अलग लोग हैं। इसलिए माँगते समय विषय से पहले बोर्ड का नाम लिखिए।

  • यूपी बोर्ड: हाई स्कूल और इंटरमीडिएट, लिखित पेपर फ़रवरी-मार्च में
  • CBSE: कक्षा 10 और कक्षा 12, कक्षा 10 अब साल में दो बार
  • CISCE: कक्षा 10 पर ICSE और कक्षा 12 पर ISC

काकादेव के आसपास शाम का जाम इस शहर की पढ़ाई के बारे में बहुत कुछ बता देता है। JEE, NEET और सरकारी नौकरी की परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले संस्थान वहाँ सड़क के किनारे खड़े हैं, और स्कूल की छुट्टी के बाद शुरू होने वाले बैच के लिए बर्रा, गोविंद नगर, कल्याणपुर और कैंट से विद्यार्थी पहुँचते हैं। कानपुर के बहुत से घरों में कक्षा 11 का मतलब ही कोचिंग है।

बैच भरे हुए कमरे के लिए बनाया जाता है। वह एक रफ़्तार से चलता है, एक ही कठिनाई पर टिका रहता है, और जिस विद्यार्थी की कड़ी शुरू में छूट गई उसके पास हाथ उठाने की जगह नहीं होती। होम ट्यूशन उसी व्यवस्था के साथ चलता है: एक विद्यार्थी, वही अध्याय जो बिगड़े हैं, और वे सवाल जो हॉल में खड़े होकर कोई नहीं पूछना चाहता। दोनों साथ चलाने वाले विद्यार्थी घर की क्लास सुबह या बैच के बीच के ख़ाली समय में रखते हैं।

  • शहर की ज़्यादातर प्रवेश परीक्षा कोचिंग काकादेव और विकास नगर में है
  • शाम के बैच के लिए पूरे कानपुर से विद्यार्थी आते हैं
  • घर की क्लास आमतौर पर बैच के समय के हिसाब से रखी जाती है

यूपी बोर्ड के प्रैक्टिकल जनवरी में शुरू होते हैं और लिखित पेपर फ़रवरी तथा मार्च में चलते हैं। 2026 में हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएँ 18 फ़रवरी से 12 मार्च तक हुईं, और हर साल की समय-सारणी परिषद सत्र से पहले जारी करती है। CBSE ने कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा साल में दो बार कर दी है, पहली फ़रवरी-मार्च में और मई में एक वैकल्पिक दूसरी, जो विद्यार्थी अपना परिणाम सुधारने के लिए दे सकता है। कानपुर में कक्षा 10 के विद्यार्थी अब साल में दो तारीख़ों की योजना बनाते हैं।

इसके तुरंत बाद प्रवेश परीक्षाएँ आती हैं। JEE Main साल के शुरुआती महीनों में National Testing Agency कई सत्रों में कराती है, NEET-UG और CUET-UG उसके बाद, और हर तारीख़ तथा आवेदन की अवधि NTA स्वयं घोषित करती है। यानी यहाँ कक्षा 12 का विद्यार्थी कुछ ही हफ़्तों के भीतर बोर्ड के पेपर और प्रवेश परीक्षा, दोनों लिखता है। स्कूल के सालों में यही सबसे कठिन दौर होता है, और ज़्यादातर विद्यार्थी मदद की तलाश इसी मोड़ पर शुरू करते हैं।

  • यूपी बोर्ड: प्रैक्टिकल जनवरी में, लिखित पेपर फ़रवरी और मार्च में
  • CBSE कक्षा 10: फ़रवरी-मार्च में, और मई में दूसरा मौक़ा
  • JEE Main, NEET-UG और CUET-UG की तारीख़ें NTA घोषित करती है

कानपुर दूर तक फैला है, उत्तर-पश्चिम में GT Road पर IIT Kanpur से लेकर दक्षिण में नौबस्ता तक, और कल्याणपुर से पूरब में जाजमऊ तथा चकेरी तक। ऑरेंज लाइन मेट्रो दिसंबर 2021 में IIT Kanpur और मोतीझील के बीच शुरू हुई, और भूमिगत हिस्सा मई 2025 में कानपुर सेंट्रल तक खुल गया, जिससे कल्याणपुर, रावतपुर और मोतीझील की धुरी पहले से काफ़ी तेज़ हो गई है।

इस गलियारे से हटकर शाम का सफ़र आज भी सड़क से ही होता है, और परीक्षा के महीनों में उसी सड़क पर वे सारे विद्यार्थी होते हैं जिनसे आप ट्यूटर के समय के लिए होड़ कर रहे हैं। घर आने वाले ट्यूटर की असली दलील यही है: जो एक घंटा आने-जाने में जाता, वह पढ़ने में लगता है। और जहाँ ट्यूटर इतनी दूर रहता हो कि रोज़ का सफ़र भरोसे लायक न हो, वहाँ वही क्लास ऑनलाइन चलती है और बाक़ी कुछ नहीं बदलता।

  • ऑरेंज लाइन के स्टेशनों में CSJM विश्वविद्यालय, रावतपुर, LLR अस्पताल और मोतीझील हैं
  • यह गलियारा दक्षिण में नौबस्ता तक प्रस्तावित है
  • जहाँ तक मेट्रो नहीं जाती, वहाँ ऑनलाइन क्लास काम आती है

कानपुर विश्वविद्यालयों का शहर है, और ट्यूटर खोजते समय इसका मतलब निकलता है। IIT Kanpur कल्याणपुर की ओर GT Road पर है। Harcourt Butler Technical University, जिसकी स्थापना 1921 में हुई थी और जो देश के सबसे पुराने इंजीनियरिंग संस्थानों में गिना जाता है, नवाबगंज में है। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, जिसकी स्थापना 9 फ़रवरी 1966 को हुई और जिसे वर्षों तक कानपुर विश्वविद्यालय कहा जाता रहा, कानपुर नगर तथा आसपास के ज़िलों के डिग्री कॉलेजों को संबद्धता देता है, जिनमें Christ Church College, DAV College और Pandit Prithi Nath College शामिल हैं। GSVM मेडिकल कॉलेज शहर के डॉक्टर तैयार करता है।

कानपुर के निजी ट्यूटरों का बड़ा हिस्सा इन्हीं संस्थानों से आता है: पढ़ाई के साथ कमाने वाले विद्यार्थी, हाल में निकले स्नातक, और सेवानिवृत्त शिक्षक। इससे यह भी तय होता है कि विद्यार्थी क्या माँगते हैं। इंजीनियरिंग की ओर बढ़ रहा कक्षा 11 का विद्यार्थी आमतौर पर ऐसा ट्यूटर चाहता है जिसने ख़ुद JEE दिया हो, और NEET की तैयारी करने वाला वह जो जीव विज्ञान का पेपर ख़ुद लिखकर आया हो।

  • IIT Kanpur, HBTU और CSJM विश्वविद्यालय, तीनों इसी शहर में हैं
  • CSJM विश्वविद्यालय कानपुर नगर के डिग्री कॉलेजों को संबद्धता देता है
  • GSVM मेडिकल कॉलेज यहाँ का सरकारी मेडिकल कॉलेज है

कानपुर के ज़्यादातर घरों में बातचीत हिंदी में होती है, और बहुत से स्कूल हिंदी में ही पढ़ाते हैं। स्वरूप नगर, कैंट और किदवई नगर के अंग्रेज़ी माध्यम स्कूल घर में एक दूसरी भाषा ले आते हैं, और इसका खिंचाव विज्ञान तथा गणित में सबसे ज़्यादा दिखता है, जहाँ विद्यार्थी बात हिंदी में समझता है और फिर परीक्षा की मेज़ पर वही उत्तर अंग्रेज़ी में लिखना पड़ता है।

घर का ट्यूटर दोनों भाषाओं में एक साथ काम कर सकता है, जो चालीस विद्यार्थियों की कक्षा में मुमकिन नहीं। समझाना उसी भाषा में होता है जिसमें विद्यार्थी सोचता है, और लिखित उत्तर उसी भाषा में अभ्यास कराया जाता है जिसमें पेपर देना है। ट्यूटर माँगते समय माध्यम बता दीजिए, क्योंकि यह खोज को उतना ही छाँट देता है जितना विषय। यूपी बोर्ड के विद्यार्थी अपने पेपर हिंदी में लिख सकते हैं, और उस तरह पढ़ाने वाला ट्यूटर खोजना ISC के अंग्रेज़ी उत्तर तैयार कराने वाले ट्यूटर की खोज से अलग बात है।

  • ज़रूरत बताते समय पढ़ाई का माध्यम भी लिखिए
  • ट्यूटर हिंदी में समझाकर अंग्रेज़ी में उत्तर तैयार करा सकता है
  • यूपी बोर्ड के पेपर हिंदी में लिखे जा सकते हैं

दूसरे शहरों में होम ट्यूशन

विद्यार्थी जहाँ भी हो, Edutara का तरीक़ा यही रहता है।

कानपुर में होम ट्यूटर खोजें

कक्षा, बोर्ड, विषय और अपना मोहल्ला बता दीजिए, हम ठीक वही पढ़ाने वाले ट्यूटर की खोज शुरू करते हैं।