एक विद्यार्थी, एक ट्यूटर
क्लास एक ही बच्चे या एक ही वयस्क के लिए बनती है। तीस के बैच में पीछे बैठने की नौबत नहीं आती, और पहले दस मिनट में पूछा सवाल पहले दस मिनट में ही सुलझ जाता है।
ट्यूटर आपके घर आता है, चाहे आप बोरीवली में रहते हों, चेंबूर में या चर्चगेट के पास। जिस शाम लोकल लेट चल रही हो, उसी दिन क्लास ऑनलाइन हो जाती है। आप क्लास, बोर्ड और विषय बताइए, Edutara ठीक वही पढ़ाने वाला ट्यूटर खोजता है। पहली क्लास ट्रायल होती है।
यह कैसे काम करता है
मुंबई में होम ट्यूशन का मतलब है, एक ट्यूटर आपके घर आकर एक ही विद्यार्थी को पढ़ाता है, उस वक़्त में जो इस शहर की भागदौड़ के बीच बचता है: स्कूल के बाद, स्टेशन से लौटने के बाद, शाम की कोचिंग क्लास से पहले। एक ही बिल्डिंग में किसी बच्चे की कक्षा 10 राज्य बोर्ड की होती है और किसी की CBSE या ICSE की, और तीनों का सिलेबस, पेपर पैटर्न और परीक्षा का हफ़्ता अलग-अलग होता है। घर आने वाला ट्यूटर उसी सिलेबस पर काम करता है जो आपके बच्चे को असल में देना है, उसी रफ़्तार से, और समझाता उसी भाषा में है जो घर में बोली जाती है।
चार कदम, पहले संदेश से लेकर उस क्लास तक जो आपके हफ़्ते में सचमुच बैठ जाए।
कक्षा, बोर्ड, विषय, और आप कहाँ रहते हैं, इलाक़े और नज़दीकी स्टेशन तक। यह भी बताइए कि ट्यूटर घर आए, ऑनलाइन पढ़ाए या दोनों चले, और स्कूल-कोचिंग के बाद कौन-से दिन और घंटे खाली रहते हैं।
हम ऐसा ट्यूटर खोजते हैं जो वही सिलेबस पढ़ाता हो और आपके इलाक़े तक बिना पूरी शाम गँवाए पहुँच सके। SSC की कक्षा 10 और ISC की कक्षा 12, इन दोनों के लिए अलग-अलग लोग चाहिए होते हैं।
ट्यूटर और विद्यार्थी एक क्लास साथ बैठते हैं, घर पर या ऑनलाइन। आप देखिए कि समझाने का तरीक़ा कैसा है, बच्चा बताए कि बात समझ में आई या नहीं, और आगे तभी चलाइए जब काम बना हो। बात न बने तो हमें बताइए, खोज फिर शुरू होती है।
दिन, घंटे और ट्यूशन की फ़ीस सीधे ट्यूटर के साथ तय होती है और ट्यूटर को ही दी जाती है। इसके बाद भी Edutara सम्पर्क में रहता है, ताकि बोर्ड परीक्षा से पहले समय बदलने की बात अकेले आपके सिर न पड़े।
कक्षा, बोर्ड, विषय, और आप कहाँ रहते हैं, इलाक़े और नज़दीकी स्टेशन तक। यह भी बताइए कि ट्यूटर घर आए, ऑनलाइन पढ़ाए या दोनों चले, और स्कूल-कोचिंग के बाद कौन-से दिन और घंटे खाली रहते हैं।
हम ऐसा ट्यूटर खोजते हैं जो वही सिलेबस पढ़ाता हो और आपके इलाक़े तक बिना पूरी शाम गँवाए पहुँच सके। SSC की कक्षा 10 और ISC की कक्षा 12, इन दोनों के लिए अलग-अलग लोग चाहिए होते हैं।
ट्यूटर और विद्यार्थी एक क्लास साथ बैठते हैं, घर पर या ऑनलाइन। आप देखिए कि समझाने का तरीक़ा कैसा है, बच्चा बताए कि बात समझ में आई या नहीं, और आगे तभी चलाइए जब काम बना हो। बात न बने तो हमें बताइए, खोज फिर शुरू होती है।
दिन, घंटे और ट्यूशन की फ़ीस सीधे ट्यूटर के साथ तय होती है और ट्यूटर को ही दी जाती है। इसके बाद भी Edutara सम्पर्क में रहता है, ताकि बोर्ड परीक्षा से पहले समय बदलने की बात अकेले आपके सिर न पड़े।
आइलैंड सिटी, पश्चिमी उपनगर, पूर्वी उपनगर और हार्बर लाइन के इलाक़े।
ग्रेटर मुंबई दक्षिण में कोलाबा से शुरू होकर वेस्टर्न लाइन पर दहिसर, सेंट्रल लाइन पर मुलुंड और हार्बर लाइन पर मानखुर्द तक फैला है। 2011 की जनगणना के अनुसार यहाँ 1,24,42,373 लोग रहते थे, जिनमें 93,56,962 उपनगरीय ज़िले में थे। आप अपना इलाक़ा और नज़दीकी स्टेशन बताइए, क्योंकि इस शहर में ट्यूटर कितनी दूर से आता है, यही तय करता है कि क्लास हर हफ़्ते टिकेगी या नहीं।
आइलैंड सिटी का दक्षिणी सिरा, जहाँ पुराने स्कूल पैदल दूरी पर हैं: कूपरेज में Campion School, ICSE पर, और फ़ोर्ट में Cathedral and John Connon School, जो ICSE, ISC, IGCSE और IB डिप्लोमा तीनों चलाता है।
जहाँ वेस्टर्न और सेंट्रल लाइन मिलती हैं, इसलिए ट्यूटर के लिए यह शहर का सबसे आसान हिस्सा है। माटुंगा में पुराने इंजीनियरिंग कॉलेज हैं, और माहिम का Bombay Scottish School पीढ़ियों से ICSE और ISC पढ़ा रहा है।
बांद्रा और आसपास के पश्चिमी उपनगर, जहाँ IB वाला स्कूल और SSC वाला स्कूल दो गलियों की दूरी पर हो सकते हैं। BKC का Dhirubhai Ambani International School ICSE, IGCSE और IB डिप्लोमा चलाता है।
उपनगरों का सबसे व्यस्त जंक्शन, जहाँ वेस्टर्न लाइन, मेट्रो लाइन 1 और मेट्रो लाइन 7 मिलती हैं और शाम का ट्रैफ़िक सब कुछ तय करता है। यहाँ परिवार अक्सर एक स्टेशन के भीतर रहने वाला ट्यूटर चाहते हैं।
दहिसर तक फैले दूर के पश्चिमी उपनगर, बड़ी हाउसिंग सोसाइटियाँ, बड़े स्कूल और पीछे नेशनल पार्क। मेट्रो 2A और 7 यहाँ सड़कों के ऊपर चलती हैं, जिससे ट्यूटर का एक उपनगर से दूसरे तक आना आसान हुआ है।
सेंट्रल लाइन के पूर्वी उपनगर, जो शहर की सीमा पर मुलुंड तक जाते हैं। पीछे पवई है, जहाँ IIT Bombay और उसके कैम्पस का केंद्रीय विद्यालय हैं, और मेट्रो लाइन 1 घाटकोपर से अंधेरी और वर्सोवा तक जाती है।
हार्बर लाइन और वडाला तक की मोनोरेल से जुड़ा शहर का पूर्वी-दक्षिणी हिस्सा। अणुशक्तिनगर में CBSE वाले Atomic Energy Central Schools हैं, और दूसरे राज्य से आया परिवार अक्सर पहले यहीं बसता है।
राज्य बोर्ड, CBSE और ICSE के स्कूली विषय, महाराष्ट्र में सीट तय करने वाली प्रवेश परीक्षाएँ, और काम के लिए अंग्रेज़ी।
इनमें से हर एक का अपना कैलेंडर है, और उसी के साथ ज़रूरत का ट्यूटर बदल जाता है।
शुरुआत किस विषय से हो, यह उलझन है? अपनी ज़रूरत बताइए और हम उसी विषय को उसी स्तर पर पढ़ाने वाला ट्यूटर खोजेंगे।
अपनी ज़रूरत बताइएEdutara इस शहर में नया है, इसलिए नीचे सिर्फ़ यह लिखा है कि सेवा किस तरह बनी है, बिना किसी आँकड़े के।
क्लास एक ही बच्चे या एक ही वयस्क के लिए बनती है। तीस के बैच में पीछे बैठने की नौबत नहीं आती, और पहले दस मिनट में पूछा सवाल पहले दस मिनट में ही सुलझ जाता है।
खोज आपके स्टेशन के आसपास से शुरू होती है, क्योंकि आधा मुंबई पार करके हफ़्ते में दो बार आने वाला ट्यूटर दूसरे महीने में आना बंद कर देता है। दूरी को हम जोड़ी का हिस्सा मानते हैं।
पहली क्लास वह बताती है जो कोई प्रोफ़ाइल नहीं बता सकती: आपका बच्चा इस इंसान की बात समझ पाता है या नहीं। फ़ैसला उसके बाद आपका होता है, और जवाब ना हो तो हम दूसरा ट्यूटर खोजते हैं।
वही ट्यूटर ज़्यादातर हफ़्ते आपके घर पढ़ा सकता है और बरसात, परीक्षा की छुट्टी या शहर से बाहर रहने वाले हफ़्ते में ऑनलाइन। मुंबई के हफ़्ते एक जैसे कम ही होते हैं, क्लास उनके साथ चलती है।
ट्यूशन की फ़ीस ट्यूटर के साथ तय होती है और ट्यूटर को ही दी जाती है, और वह कक्षा, विषय तथा इलाक़े पर निर्भर करती है। Edutara परिवारों से ट्यूटर से मिलवाने की एक बार की फ़ीस और जोड़ी चलाते रहने के लिए छोटी मासिक फ़ीस लेता है।
कोई जॉइनिंग फ़ीस नहीं, क्लास पर कोई कमीशन नहीं, परिवार से मिलवाने का कोई शुल्क नहीं। यह नियम स्थायी है, और इससे ट्यूटर का ध्यान पूरा पढ़ाने पर रहता है।
बोर्ड, समय, फ़ीस, बरसात, और अगर ट्यूटर आपके बच्चे के लिए ठीक न बैठे तो क्या होता है।
हाँ, और इस शहर में ज़्यादातर होम ट्यूशन शाम को ही होता है। स्कूल, लोकल या बस से घर लौटना और कोचिंग क्लास पहले आते हैं, इसलिए हफ़्ते के दिनों में क्लास देर शाम शुरू होती है और शनिवार या रविवार को लंबी चलती है। आप वही घंटे बताइए जो सचमुच खाली रहते हैं, खोज उन्हीं ट्यूटरों तक सीमित रहेगी जो हर हफ़्ते उस समय आ सकें।
हाँ। मुंबई के ज़्यादातर स्कूल राज्य बोर्ड से चलते हैं, और उसकी कक्षा 10 तथा कक्षा 12 की परीक्षा का अपना पैटर्न, अपनी मार्किंग और बालभारती की अपनी किताबें हैं। ट्यूटर माँगते समय कक्षा के साथ बोर्ड ज़रूर लिखिए, क्योंकि SSC की ज्यामिति में सहज ट्यूटर अपने आप ICSE की कक्षा 10 के लिए सही व्यक्ति नहीं हो जाता।
मुंबई में यह सबसे आम माँगों में से एक है। महाराष्ट्र अनिवार्य मराठी भाषा शिक्षण अधिनियम, 2020 के तहत राज्य के हर स्कूल में मराठी अनिवार्य विषय है, CBSE, ICSE और IB स्कूल भी इसमें शामिल हैं, और रिपोर्टों के अनुसार 2024 के सरकारी निर्देश से यह 2025-26 सत्र से अंकों के साथ पढ़ाई जा रही है। घर में मराठी बोलने वाला ट्यूटर बच्चे को पढ़ना, लिखना और स्कूल के माँगे उत्तर-पैटर्न, तीनों पर ले जा सकता है।
ट्यूशन की फ़ीस सीधे आपके और ट्यूटर के बीच तय होती है और ट्यूटर को ही दी जाती है। वह कितनी बैठेगी, यह कक्षा, विषय, क्लास घर पर है या ऑनलाइन, और ट्यूटर को कितनी दूर आना है, इन पर निर्भर करता है। Edutara परिवारों से जोड़ी बनाने की एक बार की फ़ीस और उसे चलाते रहने के लिए छोटी मासिक फ़ीस लेता है। ये रक़में अभी प्रकाशित नहीं हुई हैं, और कुछ भी तय होने से पहले आपको बता दी जाएँगी।
पहली क्लास इसी सवाल के लिए है। आप एक क्लास देखिए, बच्चा बताए कि समझाने का तरीक़ा काम आया या नहीं, और आगे तभी चलाइए जब काम आया हो। अगर बात न बनी हो तो हमें बताइए कि अड़चन कहाँ रही, रफ़्तार में, भाषा में या समय में, और खोज उसी जानकारी के साथ दोबारा शुरू होती है।
हाँ। बरसात के भारी हफ़्तों में IMD का रेड अलर्ट आने पर BMC स्कूल और कॉलेज बंद घोषित कर देती है, जैसा 19 अगस्त 2025 को मुंबई शहर और उपनगरों में 200 मिलीमीटर से ज़्यादा बारिश के बाद हुआ, यह Free Press Journal की रिपोर्ट में दर्ज है। ऐसे दिनों में ट्यूटर घर पर रहता है और क्लास ऑनलाइन हो जाती है, ताकि पंद्रह दिन की बारिश महीने भर की पढ़ाई न ले जाए।
यह पेज ग्रेटर मुंबई के लिए लिखा गया है, जो दहिसर, मुलुंड और मानखुर्द पर ख़त्म होता है। ठाणे, नवी मुंबई और मीरा-भाईंदर अलग शहर हैं, उनके स्कूल और आने-जाने का ढाँचा भी अलग है। आप लिखते समय अपना शहर और इलाक़ा बता दीजिए, और यह भी कि ऑनलाइन क्लास आपको ठीक लगेगी या नहीं, क्योंकि ऑनलाइन में पुल पार करने की ज़रूरत किसी को नहीं पड़ती।
अक्सर यही चीज़ दो साल को जोड़े रखती है। इंटीग्रेटेड प्रोग्राम में जूनियर कॉलेज और कोचिंग क्लास हफ़्ता आपस में बाँट लेते हैं, और दो सौ बच्चों के हॉल में जो अध्याय तेज़ी से निकल गया, उसे दोबारा कराना किसी की ज़िम्मेदारी नहीं होती। घर पर ट्यूटर वही मरम्मत करता है, और कोचिंग जब JEE, NEET या MHT CET के पीछे होती है तब HSC का सिलेबस ज़िंदा रखता है।
शहर के कॉलेजों में पढ़ रहे विद्यार्थी, डिग्री पूरी कर चुके लोग, रिटायर्ड शिक्षक, और स्कूल व्यवस्था के बाहर पढ़ाने वाले शिक्षक। निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 28 स्कूल में नौकरी कर रहे शिक्षक को निजी ट्यूशन से रोकती है, इसलिए Edutara कार्यरत स्कूल शिक्षकों को नहीं जोड़ता। मुंबई में खोजने की जगह बड़ी है, माटुंगा और पवई के इंजीनियरिंग तथा विज्ञान कैम्पस से लेकर मुंबई विश्वविद्यालय के कॉलेजों तक।
Edutara की बुनियाद एक विद्यार्थी के लिए एक ट्यूटर है, क्योंकि उसी से वह घंटा सार्थक होता है: ट्यूटर एक ही दिमाग़ के पीछे चलता है और उसी के हिसाब से ढलता है। दो बच्चे अलग-अलग कक्षाओं में हों तो आम तौर पर दो अलग स्लॉट बनते हैं, और विषय मिलते हों तो अक्सर वही ट्यूटर दोनों को पढ़ा देता है। लिखते समय दोनों की कक्षा और दोनों का बोर्ड बता दीजिए।
संपर्क पेज पर कक्षा, विषय और अपना इलाका लिखकर भेजिए। जवाब में हम बताएँगे कि आगे क्या करना है।
इस शहर में चार स्कूल व्यवस्थाएँ साथ-साथ चलती हैं, और परिवार अक्सर एक ही मोहल्ले के भीतर इनमें से चुनता है। महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा मंडल कक्षा 10 के अंत में SSC और कक्षा 12 के अंत में HSC परीक्षा लेता है, और उसका मुंबई विभाग राज्य के नौ विभागीय मंडलों में से एक है। CBSE यहाँ मज़बूत है, CISCE के ICSE और ISC भी, और कुछ स्कूल IGCSE तथा IB डिप्लोमा चलाते हैं।
नगर निगम के स्कूल भी अब इसी फैलाव का हिस्सा हैं। बृहन्मुंबई महानगरपालिका 22 स्कूल चलाती है जिन्हें वह Mumbai Public Schools कहती है, चार बोर्डों पर: 19 CBSE, एक ICSE, एक IGCSE और एक IB, और इनके दाख़िले जनवरी में ऑनलाइन खुलते हैं। इसके पुराने स्कूल आठ माध्यमों में पढ़ाते हैं, मराठी, हिंदी, अंग्रेज़ी, उर्दू, गुजराती, तमिल, तेलुगु और कन्नड़, जैसा प्रजा फ़ाउंडेशन की नगरपालिका शिक्षा रिपोर्ट में दर्ज है, और बढ़ोतरी सबसे ज़्यादा अंग्रेज़ी माध्यम में दिखी है।
ट्यूटर के लिए यह बात सुनने से ज़्यादा बड़ी है। विषय का नाम हर जगह कक्षा 10 विज्ञान ही रहता है, जबकि पेपर, किताब और एक चित्र को मिलने वाले अंक बोर्ड के साथ बदल जाते हैं। इसलिए होम ट्यूटर माँगते समय बोर्ड उतना ही ज़रूरी है जितनी कक्षा।
राज्य बोर्ड ने अगले सत्र की संभावित तारीख़ें 17 सितंबर 2026 की प्रेस नोट में बताईं। HSC के लिखित पेपर 8 फ़रवरी से 16 मार्च 2027 तक तय हैं, और प्रैक्टिकल, मौखिक तथा आंतरिक मूल्यांकन 20 जनवरी से 6 फ़रवरी तक। SSC के लिखित पेपर 15 फ़रवरी से 11 मार्च 2027 तक हैं, प्रैक्टिकल और मौखिक 28 जनवरी से 13 फ़रवरी तक। विषयवार दिनवार समय-सारणी बाद में आती है, इसलिए रिवीज़न की योजना इसी खिड़की पर बनाइए और सारणी आने पर पक्की कीजिए।
CBSE वाले परिवारों के लिए कक्षा 10 अब दो बैठकों का साल है: फ़रवरी-मार्च में अनिवार्य परीक्षा, और मई में कुछ विषयों में सुधार के लिए वैकल्पिक दूसरी परीक्षा। 2027 की डेटशीट बोर्ड से 2026 के आख़िर तक आने की उम्मीद है। ICSE और ISC के पेपर भी फ़रवरी से मार्च वाले हिस्से में ही पड़ते हैं।
प्रवेश परीक्षाओं में, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के 16 सितंबर 2026 को जारी कैलेंडर के अनुसार JEE Main का पहला सत्र 22, 23, 24, 28, 29 और 30 जनवरी 2027 को है, और 31 जनवरी बफ़र के तौर पर रखी गई है। वह कैलेंडर मार्च 2027 पर रुक जाता है, इसलिए NEET-UG और CUET-UG की 2027 तारीख़ें अभी NTA की घोषणा बाक़ी हैं। महाराष्ट्र की अपनी परीक्षा MHT CET राज्य CET सेल लेती है, कक्षा 11 और 12 के राज्य बोर्ड सिलेबस पर, जिसमें भार ज़्यादातर कक्षा 12 का रहता है; 2026 में यह दो बार हुई, अप्रैल में और फिर मई में, और 2027 की सूचना अभी आनी है।
मुंबई में बच्चे कक्षा 10 के बाद स्कूल छोड़कर कक्षा 11-12 के लिए जूनियर कॉलेज जाते हैं। दाख़िला राज्य की केंद्रीकृत ऑनलाइन प्रक्रिया से होता है, mahafyjcadmissions.in पर, जहाँ विद्यार्थी पंजीकरण करता है, पसंद भरता है और राउंड दर राउंड सीट मिलती है, और मेरिट कक्षा 10 के नतीजे से बनती है। वह एक अंक यहाँ बाक़ी शहरों से ज़्यादा भारी पड़ता है, क्योंकि जाने-माने जूनियर कॉलेज सूची के ऊपरी हिस्से से ही लेते हैं: 2024 की सूचियों पर Free Press Journal की रिपोर्ट में आइलैंड सिटी और विलेपार्ले के कॉलेजों में कॉमर्स तथा साइंस की कट-ऑफ़ नब्बे के ऊपरी हिस्से में दिखीं।
कक्षा 10 के बाद दूसरी चीज़ कोचिंग का साल है। कई जूनियर कॉलेज कोचिंग संस्थानों के साथ इंटीग्रेटेड प्रोग्राम चलाते हैं, और Free Press Journal ने जून 2026 में लिखा कि राज्य जूनियर कॉलेजों में बायोमेट्रिक हाज़िरी सख़्त करने की तैयारी में है, क्योंकि कक्षा 11-12 में दाख़िल विद्यार्थियों का ज़्यादातर समय कोचिंग केंद्रों में बीतता है। उसका नतीजा जो भी हो, परिवार के लिए हफ़्ते की शक्ल वही रहती है: हॉल में लंबे घंटे, हर सप्ताहांत टेस्ट, और सवाल दोबारा पूछने की गुंजाइश कम।
इन दो सालों में होम ट्यूशन आम तौर पर एक ही सँकरा काम करता है। जो अध्याय निकल गए उन्हें भरता है, प्रवेश परीक्षा की तैयारी के नीचे बोर्ड का सिलेबस दबने नहीं देता, और किशोर को हफ़्ते में एक घंटा ऐसा देता है जहाँ यह कहने की कोई क़ीमत नहीं चुकानी पड़ती कि मुझे समझ नहीं आया।
मुंबई के ट्यूशन में सब कुछ सफ़र से तय होता है। वेस्टर्न लाइन शहर को चर्चगेट से दहिसर तक ले जाती है, सेंट्रल लाइन CSMT से मुलुंड तक, हार्बर लाइन मानखुर्द तक, और मेट्रो अब इन्हें आड़ा काटने लगी है: लाइन 1 वर्सोवा से अंधेरी होते हुए घाटकोपर, लाइन 2A और 7 पश्चिमी उपनगरों के साथ-साथ, और लाइन 3, जो अक्टूबर 2025 से पूरी खुली है, कफ़ परेड से वरली, दादर, BKC और एयरपोर्ट होते हुए आरे JVLR तक ज़मीन के नीचे। दो स्टेशन दूर रहने वाला ट्यूटर शाम सात बजे का समय पूरे साल निभा लेता है, और एक घंटा दूर रहने वाला जुलाई आते-आते देर से पहुँचने लगता है।
स्कूल का साल अपनी लय जोड़ता है। राज्य बोर्ड के स्कूल जून के मध्य में खुलते हैं, पहला सत्र अक्टूबर के आख़िर तक चलता है, फिर दिवाली की छुट्टियाँ, और दूसरा सत्र मई की शुरुआत तक जाता है, उसके बाद गर्मी की छुट्टी। बरसात पहले सत्र के भीतर ही पड़ती है, और ख़राब हफ़्ते में IMD के रेड अलर्ट पर BMC स्कूल-कॉलेज बंद कर देती है, जैसा 19 अगस्त 2025 को हुआ। इसका इंतज़ाम आसान है: पहले ही हफ़्ते ट्यूटर से तय कर लीजिए कि शहर रुकने वाले दिन क्लास ऑनलाइन होगी।
त्योहारों के हफ़्ते भी मायने रखते हैं। गणेशोत्सव बरसात के आख़िरी हिस्से में दस दिन चलता है और पूरे शहर की सड़कें, गलियाँ तथा घर की दिनचर्या बदल देता है, और ज़्यादातर परिवार उस हफ़्ते क्लास किसी दूसरी शाम खिसका देते हैं।
मुंबई के घर जितनी भाषाएँ बोलते हैं, स्कूल की समय-सारणी में वह कभी नहीं दिखता। मराठी राज्य और उसके स्कूलों की भाषा है; हिंदी, गुजराती, उर्दू और तमिल पूरे-पूरे मोहल्लों में घर की भाषा हैं; और बहुत सारे बच्चे आज अंग्रेज़ी माध्यम की कक्षा में बैठते हैं जबकि माता-पिता ने किसी और माध्यम में पढ़ा था। कक्षा 8 और 9 की बहुत सी दिक़्क़त यहीं से शुरू होती है: बच्चा अध्याय पढ़कर सुना देता है और समझा नहीं पाता, और घर में कोई यह जाँच नहीं पाता कि समझ बनी है या नहीं।
जो ट्यूटर उसी भाषा में समझाता है जिसमें विद्यार्थी सोचता है, और उत्तर उसी भाषा में लिखवाता है जो पेपर माँगता है, वह यह फ़ासला जल्दी पाट देता है। ट्यूटर माँगते समय यह साफ़ लिख देना अच्छा रहता है: समझाना मराठी में हो और लिखना अंग्रेज़ी में, या शहर में नए आए और बीच सत्र में CBSE स्कूल में दाख़िल हुए बच्चे के लिए समझाना हिंदी में हो।
राज्य बोर्ड इस समय सिलेबस बदलने के बीच में है। महाराष्ट्र ने अपने स्कूली पाठ्यक्रम को राष्ट्रीय ढाँचे के साथ जोड़ना कक्षा 1 से शुरू किया, और पाठ्यपुस्तक मंडल बालभारती ने मई 2026 के पुणे कार्यालय के परिपत्र में 2026-27 सत्र के लिए कक्षा 2, 3, 4 और 6 की नई किताबें जारी कीं। अगले चक्र में कक्षा 5, 7, 9 और 11 की बारी बताई गई है, और उसके बाद बाक़ी कक्षाओं की, यानी आज कक्षा 6 में बैठा बच्चा और कक्षा 8 में बैठा बच्चा अलग-अलग पीढ़ी की किताबों से पढ़ रहे हैं।
परिवार के लिए इसका एक सीधा मतलब है। बड़े भाई-बहन के नोट्स, पड़ोसी की गाइड या ट्यूटर का पुराना प्रश्न-संग्रह पिछले सिलेबस पर बना हो सकता है। ट्यूटर से बात करते समय पूछ लीजिए कि वह किस संस्करण की किताब से पढ़ा रहा है, और अच्छा ट्यूटर पहली क्लास से पहले स्कूल की अपनी किताब देख लेगा।
निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 28 स्कूल में नौकरी कर रहे शिक्षक को निजी ट्यूशन देने से रोकती है, इसलिए घर पर पढ़ाने वाले लोग कॉलेज के विद्यार्थी, डिग्री पूरी कर चुके लोग, रिटायर्ड शिक्षक और स्कूल व्यवस्था के बाहर काम करने वाले शिक्षक होते हैं। मुंबई में ऐसे लोग बहुत हैं। मुंबई विश्वविद्यालय के कॉलेज पूरे शहर में फैले हैं, पवई में IIT Bombay है, और माटुंगा के इंजीनियरिंग तथा रसायन प्रौद्योगिकी कैम्पस से निकले लोग अक्सर काम के लिए शहर में ही रहते हैं।
Edutara के साथ ट्यूटर बनने के लिए आवेदन करें, यह निःशुल्क है, और ट्यूटर किसी भी मोड़ पर कुछ नहीं देते: न जॉइनिंग फ़ीस, न क्लास पर कमीशन, न परिवार से मिलवाने का शुल्क। ट्यूशन की फ़ीस ट्यूटर और परिवार के बीच तय होती है। इस शहर के विद्यार्थी या ग्रेजुएट पढ़ाना चाहें तो ट्यूटर जॉब वाले पन्नों पर लिखा है कि क्या पूछा जाता है और आवेदन के बाद क्या होता है।
कक्षा, बोर्ड, विषय और अपना इलाक़ा बताइए, और यह भी कि ट्यूटर घर आए या ऑनलाइन पढ़ाए। पहली क्लास ट्रायल होती है।