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अहमदाबाद, गुजरात

अहमदाबाद में होम ट्यूशन, आपके अपने घर पर

अहमदाबाद में होम ट्यूशन यानी एक विद्यार्थी के लिए एक ट्यूटर, GSEB, CBSE या ICSE, गुजराती, हिंदी या अंग्रेज़ी माध्यम में। बोपल से मणिनगर तक हज़ारों विद्यार्थी इसी तरह पढ़ते हैं, अपने इलाक़े में घर पर या ऑनलाइन, और क्लास की रफ़्तार हर विद्यार्थी की अपनी होती है। तालमेल पहले एक ट्रायल क्लास में परखा जाता है।

यह कैसे काम करता है

  1. 1. हमें कक्षा या परीक्षा, बोर्ड और विषय बताइए, और यह भी कि क्लास घर पर चाहिए या ऑनलाइन।
  2. 2. हम ऐसा ट्यूटर ढूँढते हैं जो ठीक यही पढ़ाता हो।
  3. 3. शुरुआत एक ट्रायल क्लास से होती है।
  • एक विद्यार्थी, एक ट्यूटर
  • GSEB, CBSE, ICSE और ISC
  • हर महीने Edutara का एक बिल
  • घर पर या ऑनलाइन

5 में से 4.8138 समीक्षाएँ

अहमदाबाद में होम ट्यूशन क्या है?

होम ट्यूशन का मतलब है कि ट्यूटर आपके घर आता है, चाहे वह मणिनगर हो, बोडकदेव हो या नरोडा, और एक ही विद्यार्थी को उस समय पढ़ाता है जो उसी विद्यार्थी के हिसाब से ठीक बैठता है। अहमदाबाद में इसकी ज़रूरत इसलिए बनती है कि शहर एक साथ कई व्यवस्थाओं में पढ़ता है। गुजरात बोर्ड कक्षा 10 और कक्षा 12 की परीक्षा गुजराती, अंग्रेज़ी और हिंदी माध्यम में लेता है, और उन्हीं मोहल्लों में CBSE तथा ICSE स्कूल भी चलते हैं। घर आने वाला ट्यूटर उसी किताब और उसी सिलेबस से चलता है जो आपका स्कूल पढ़ा रहा है, और उसी भाषा में समझाता है जिसमें विद्यार्थी सोचता है।

विद्यार्थी को इससे क्या मिलता है

  • पढ़ाई उसी माध्यम में जिसमें स्कूल पढ़ाता है: गुजराती, अंग्रेज़ी या हिंदी
  • ट्यूटर आपके स्कूल के सिलेबस और यूनिट टेस्ट के पैटर्न से चलता है
  • समय स्कूल, कोचिंग क्लास और शहर की दूरी के हिसाब से तय होता है
  • सवाल खुलकर पूछने की जगह, जो भरी हुई क्लास में कम ही मिलती है

किसके लिए ठीक है

  • कक्षा 1 से 5 तक के बच्चे, जिनकी पढ़ने और गिनने की नींव बन रही है
  • GSEB या CBSE की कक्षा 10 और कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा देने वाले विद्यार्थी
  • साइंस स्ट्रीम के वे विद्यार्थी जो GUJCET के साथ JEE Main या NEET-UG दे रहे हैं
  • दफ़्तर या अस्पताल में काम करने वाले वयस्क और कॉलेज के विद्यार्थी
अहमदाबाद

अहमदाबाद में ट्यूटर आप तक कैसे पहुँचता है

चार क़दम, उस दिन से जब आप ज़रूरत बताते हैं, उस हफ़्ते तक जब क्लास अपनी लय पकड़ लेती है।

1
कुछ मिनट

क्लास, बोर्ड और माध्यम बताइए

बताइए कि स्कूल GSEB गुजराती माध्यम है, GSEB अंग्रेज़ी माध्यम, CBSE या ICSE, कौन सी कक्षा और कौन से विषय, और ट्यूटर आपके इलाक़े में घर आए या ऑनलाइन पढ़ाए।

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कुछ दिन

Edutara वैसा ट्यूटर खोजता है

खोज उसी व्यक्ति की होती है जो वही सिलेबस उसी माध्यम में पढ़ाता हो और आपके हिस्से तक पहुँच सके, चाहे आप पूरब में वस्त्राल के पास रहते हों या पश्चिम में SG हाईवे के आसपास।

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3
एक क्लास

पहली क्लास ट्रायल होती है

ट्यूटर विद्यार्थी के साथ एक पूरी क्लास पढ़ाता है। आप चाहें तो पास बैठकर देख सकते हैं कि समझाने का तरीक़ा कैसा है। आगे की क्लास तभी चलती है जब विद्यार्थी ट्यूटर के साथ सहज हो।

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लगातार

दिन और समय ट्यूटर से तय कीजिए

दिन और घंटे ट्यूटर के साथ तय होते हैं, और आपकी योजना की फ़ीस Edutara पक्की करके एक ही बिल भेजता है। अहमदाबाद के कई विद्यार्थी क्लास शाम सात बजे के बाद रखते हैं, जब स्कूल और आना-जाना निपट जाता है।

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कहाँ-कहाँ

अहमदाबाद के वे इलाक़े जहाँ विद्यार्थी होम ट्यूटर माँगते हैं

शहर साबरमती के दोनों किनारों पर बसा है, और ट्यूटर का सफ़र ही तय करता है कि क्या निभ पाएगा।

अहमदाबाद नगर निगम पूरे शहर को सात ज़ोन और 48 वार्ड में बाँटकर चलाता है, और इनके बीच की दूरी असली है: चांदखेड़ा में रहने वाला ट्यूटर किसी कामकाजी शाम को वटवा तक शायद ही पहुँचे। पहले अपना इलाक़ा बताइए, खोज वहीं से शुरू होकर बाहर की ओर बढ़ती है।

  1. पश्चिमी किनारे की पुरानी यूनिवर्सिटी पट्टी। गुजरात यूनिवर्सिटी यहीं है और सड़क के उस पार एलडी इंजीनियरिंग कॉलेज, इसलिए सुबह से ही यहाँ विद्यार्थियों और कोचिंग क्लासों की भीड़ रहती है।

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    नवरंगपुराअंबावाड़ीएलिसब्रिजपालड़ीवासणानारणपुराउस्मानपुरा
    • गुजरात यूनिवर्सिटी और एलडी इंजीनियरिंग कॉलेज आमने-सामने हैं
    • पास ही नारणपुरा में St. Xavier's High School, Loyola Hall है
  2. वस्त्रापुर झील के आसपास फैला पश्चिमी अहमदाबाद का नया मध्यवर्गीय हिस्सा। यहाँ के विद्यार्थियों की अक्सर दो समय-सारणियाँ साथ चलती हैं: SG हाईवे के एक तरफ़ स्कूल और दूसरी तरफ़ कोचिंग या खेल।

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    वस्त्रापुरसैटेलाइटबोडकदेवथलतेजजोधपुरप्रह्लाद नगरवेजलपुर
    • भारतीय प्रबंध संस्थान अहमदाबाद का परिसर वस्त्रापुर में है
    • थलतेज गाम मेट्रो की ब्लू लाइन का पश्चिमी छोर है
  3. सरखेज से आगे दक्षिण-पश्चिमी किनारा, जहाँ पिछले दो दशकों में फ़्लैटों की क़तारें खड़ी हुई हैं। पुराने शहर तक आने-जाने में इतना समय लगता है कि यहाँ के विद्यार्थी पास ही रहने वाला ट्यूटर चाहते हैं।

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    बोपलसाउथ बोपलघुमाशेलाशिलजसरखेजमकरबा
  4. नदी के उस पार गांधीनगर हाईवे के किनारे, साथ में मोटेरा और साबरमती। दफ़्तर जाने वालों की भीड़ गांधीनगर की ओर बढ़ती है और विद्यार्थी उल्टी दिशा में स्कूल जाते हैं, इसलिए क्लास का समय दिन के दोनों सिरों पर सिमट जाता है।

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    चांदखेड़ामोटेरासाबरमतीरानिपन्यू रानिपनवा वाडजचांदलोडिया
    • गुजरात टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी का परिसर चांदखेड़ा में है
    • मेट्रो की रेड लाइन मोटेरा स्टेडियम पर ख़त्म होती है
  5. पुराने शहर के दक्षिण-पूर्व में कांकरिया झील के आसपास बसा बड़ा रिहायशी हिस्सा। यहाँ गुजराती माध्यम की पढ़ाई मज़बूत है और कक्षा 11-12 साइंस की क्लासें स्टेशन के पास चलती हैं।

    इलाके
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    मणिनगरखोखराइसनपुरघोड़ासरवटवादानीलिमड़ाबहरामपुरा
    • मणिनगर रेलवे स्टेशन पूरे दक्षिण-पूर्वी हिस्से की आवाजाही सँभालता है
  6. उत्तर की औद्योगिक पट्टी, जहाँ नरोडा के कारख़ानों ने देश भर से मज़दूर बुलाए। यहाँ बहुत से घरों की भाषा हिंदी है, जबकि स्कूल का नोटिस बोर्ड और अक्सर बोर्ड का पर्चा गुजराती में होता है।

    इलाके
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    नरोडाकुबेरनगरसरदारनगरठक्करबापानगरइंडिया कॉलोनीसैजपुर बोघाबापूनगर
    • नरोडा, कुबेरनगर और बापूनगर नगर निगम के नॉर्थ ज़ोन में आते हैं
  7. पूर्वी अहमदाबाद की सबसे तेज़ी से बढ़ती रिहायशी पट्टी, ओढव और वस्त्राल के औद्योगिक इलाक़ों से सटी हुई। नई इमारतें तेज़ी से भर रही हैं, और स्कूल गुजराती माध्यम से लेकर नए CBSE स्कूलों तक हैं।

    इलाके
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    निकोलवस्त्रालओढवरामोलहाथीजणअमराईवाड़ीविराटनगर
    • वस्त्राल गाम मेट्रो की ब्लू लाइन का पूर्वी छोर है
  8. पुराने कोट वाले शहर के उत्तर की बीच की पट्टी, एक ओर असारवा का सिविल अस्पताल परिसर और दूसरी ओर शाहपुर तथा दरियापुर के पुराने मोहल्ले। सरकारी क्वार्टरों के कई विद्यार्थी यहाँ केंद्रीय स्कूलों में पढ़ते हैं।

    इलाके
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    इलाके
    शाहीबागअसारवाशाहपुरदरियापुरसरसपुरखाड़ियाजमालपुर
    • केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 1 शाहीबाग परिसर में है
    • बीजे मेडिकल कॉलेज असारवा के सिविल अस्पताल परिसर के भीतर है

अहमदाबाद में सबसे ज़्यादा माँगे जाने वाले विषय

तीन बोर्ड की स्कूली पढ़ाई, साइंस और कॉमर्स का प्रवेश परीक्षा वाला साल, और वयस्कों के लिए भाषाएँ।

अहमदाबाद के विद्यार्थी जिन रास्तों के बारे में पूछते हैं

स्कूल और कॉलेज के पाँच ऐसे पड़ाव, जहाँ घर पर एक ट्यूटर पूरे हफ़्ते की शक्ल बदल देता है।

कक्षा 10 का बोर्ड वाला साल

गुजरात बोर्ड और CBSE, दोनों कक्षा 10 की परीक्षा फ़रवरी के आख़िर में लेते हैं। इस साल का ट्यूशन असल में दो कामों का है: दीवाली से पहले सिलेबस पूरा करना और उसके बाद घड़ी देखकर पर्चे लिखवाना।

कक्षा 10
स्कूल में पढ़ाए जा चुके हिस्से का हर हफ़्ते दोहराव
पिछले सालों के पर्चे परीक्षा जैसी स्थिति में
उसी माध्यम में उत्तर लिखने का अभ्यास जिसमें परीक्षा है

किसके लिए:

GSEB और CBSE कक्षा 10 के विद्यार्थी
कक्षा 10 का बोर्ड वाला साल के बारे में देखें

साइंस स्ट्रीम और GUJCET

गुजरात में कक्षा 11-12 के साइंस विद्यार्थी बोर्ड का पर्चा और GUJCET कुछ ही हफ़्तों के अंतर पर देते हैं, और दोनों की माँग अलग है: एक में लंबे लिखित उत्तर, दूसरे में तेज़ रफ़्तार वाले विकल्प।

कक्षा 11 और 12
बोर्ड के उत्तर और MCQ का अभ्यास अलग-अलग
स्कूल आगे निकल जाए तो अध्याय दोबारा समझाना

किसके लिए:

ग्रुप A, B और AB के विद्यार्थी
साइंस स्ट्रीम और GUJCET के बारे में देखें

स्कूल के साथ JEE Main और NEET-UG

कोचिंग क्लास अपनी रफ़्तार से चलती है और स्कूल का सिलेबस उसका इंतज़ार नहीं करता। घर पर आने वाला ट्यूटर इन दोनों के बीच बनी खाई पर काम करता है, एक-एक अध्याय लेकर, ऐसे समय में जो दोनों समय-सारणियों में बच जाए।

किसके लिए:

कोचिंग कर रहे कक्षा 11-12 के विद्यार्थी
स्कूल के साथ JEE Main और NEET-UG के बारे में देखें

काम के लिए बोलचाल की अंग्रेज़ी

अहमदाबाद के दफ़्तर, अस्पताल और शोरूम अंग्रेज़ी में चलते हैं, जबकि सड़क गुजराती और हिंदी में। जिन वयस्कों को काम के लिए भाषा चाहिए, वे तीस लोगों की क्लास के मुक़ाबले वन-टू-वन में तेज़ी से आगे बढ़ते हैं।

किसके लिए:

नौकरीपेशा वयस्ककॉलेज के विद्यार्थी
काम के लिए बोलचाल की अंग्रेज़ी के बारे में देखें

प्राथमिक कक्षाएँ घर पर

कक्षा 1 से 5 के बच्चों को मेज़ के पास बैठा एक धैर्यवान व्यक्ति चाहिए। घर आने वाला ट्यूटर पढ़ना, लिखावट और गिनती की समझ पर उसी भाषा में काम करता है जो बच्चा बोलता है, इससे पहले कि कमज़ोरी जड़ पकड़ ले।

कक्षा 1 से 5
प्राथमिक कक्षाएँ घर पर के बारे में देखें

शुरुआत किस विषय से हो, यह उलझन है? अपनी ज़रूरत बताइए और हम उसी विषय को उसी स्तर पर पढ़ाने वाला ट्यूटर खोजेंगे।

अपनी ज़रूरत बताइए
Edutara क्यों

Edutara की हर जोड़ी इसी तरह बनती है

निकोल में कक्षा 3 के बच्चे के लिए और प्रह्लाद नगर में अंग्रेज़ी सीखते वयस्क के लिए, व्यवस्था एक ही है।

एक विद्यार्थी, एक ट्यूटर

हर क्लास एक ही विद्यार्थी के लिए होती है। ट्यूटर रफ़्तार इस आधार पर तय करता है कि कल का हिस्सा कितना समझ में आया, और चालीस विद्यार्थियों की क्लास में यह मुमकिन नहीं होता।

ऐसा ट्यूटर जो सच में पहुँच सके

अहमदाबाद चौड़ा शहर है और शाम सात बजे इसे पार करना धीमा काम है। खोज उन्हीं ट्यूटरों से शुरू होती है जो आपके इलाक़े तक उन दिनों पहुँच सकें, ताकि व्यवस्था पहले महीने के बाद भी चलती रहे।

पहली क्लास ट्रायल होती है

कुछ तय होने से पहले आप ट्यूटर को पढ़ाते हुए देख लेते हैं। मेल न बैठे तो Edutara बिना कोई शुल्क लिए नया ट्यूटर खोजता है, पढ़ाई चाहे गुजराती माध्यम में हो, हिंदी में या अंग्रेज़ी में।

फ़ीस Edutara तय करता है

ट्यूशन की फ़ीस Edutara कक्षा, विषय और आपके इलाक़े तक ट्यूटर के सफ़र को देखकर तय करता है, और भुगतान Edutara के बिल से होता है।

स्कूल व्यवस्था के बाहर के ट्यूटर

निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 28 स्कूल में कार्यरत शिक्षक को निजी ट्यूशन से रोकती है, इसलिए Edutara कॉलेज विद्यार्थियों, स्नातकों और सेवानिवृत्त शिक्षकों की ओर देखता है।

घर पर या स्क्रीन पर

क्लास आपकी मेज़ पर चलती है या ऑनलाइन। बोपल और चांदखेड़ा के विद्यार्थी कामकाजी शामों में अक्सर ऑनलाइन चुनते हैं, जब हाईवे का ट्रैफ़िक तय करता है कि ट्यूटर कितने बजे पहुँचेगा।

अहमदाबाद के विद्यार्थी जो सवाल पूछते हैं

बोर्ड, माध्यम, शहर की दूरी और इस पूरी व्यवस्था का ख़र्च।

गुजरात बोर्ड (GSEB) गुजराती, अंग्रेज़ी और हिंदी माध्यम में, साथ ही CBSE तथा ICSE और ISC। बताइए कि आपका स्कूल कौन सा बोर्ड चलाता है और पर्चा किस माध्यम में लिखा जाएगा, क्योंकि कक्षा 10 और कक्षा 12 का सिलेबस और सवालों का ढाँचा इनमें अलग-अलग है। अगर स्कूल GSEB अंग्रेज़ी माध्यम का है तो यह साफ़ कहिए: किताबें बोर्ड की अपनी होती हैं, अंग्रेज़ी में छपी हुई, और सिर्फ़ CBSE की सामग्री से परिचित ट्यूटर ग़लत किताब से पढ़ाएगा।

कोई सवाल अब भी बाक़ी है?

संपर्क पेज पर कक्षा, विषय और अपना इलाका लिखकर भेजिए। जवाब में हम बताएँगे कि आगे क्या करना है।

अहमदाबाद के विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शिका

अहमदाबाद में होम ट्यूशन: शुरू करने से पहले क्या जान लें

शहर के ज़्यादातर स्कूल गुजरात माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से जुड़े हैं, जो कक्षा 10 को SSC और कक्षा 12 को HSC के रूप में लेता है और गुजराती, अंग्रेज़ी तथा हिंदी माध्यम में चलता है। CBSE स्कूल पश्चिमी उपनगरों और बोपल तथा चांदखेड़ा की नई पट्टियों में आम हैं। ICSE और ISC स्कूलों में विद्यार्थियों का छोटा हिस्सा पढ़ता है। मई 2026 में घोषित GSEB कक्षा 10 परिणाम के अनुसार 83.86 प्रतिशत परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए, जिसमें अंग्रेज़ी माध्यम 92.50 पर और हिंदी माध्यम 77.20 पर रहा।

माध्यम का असर ट्यूशन पर बहुत व्यावहारिक ढंग से पड़ता है। गुजराती माध्यम के स्कूल में पढ़ने वाला कक्षा 10 का विद्यार्थी विज्ञान की शब्दावली गुजराती में सीखता है और पर्चा भी उसी में लिखेगा, इसलिए केवल अंग्रेज़ी में समझाने वाला ट्यूटर परीक्षा वाले हिस्से को छूता ही नहीं। गुजरात अनिवार्य गुजराती शिक्षण अधिनियम, 2023 के बाद CBSE, ICSE और IB से जुड़े स्कूल भी कक्षा 1 से 8 तक गुजराती को अतिरिक्त भाषा के रूप में पढ़ाते हैं, जिससे अंग्रेज़ी माध्यम के कई विद्यार्थी ऐसी भाषा के लिए मदद ढूँढ़ने निकलते हैं जो वे घर पर नहीं बोलते।

CBSE ने कक्षा 10 के साल की शक्ल भी बदल दी है। 2026 से बोर्ड कक्षा 10 की परीक्षा दो बार लेता है, पहली फ़रवरी में और दूसरी मई में, जिसका उपयोग विद्यार्थी अधिकतम तीन विषयों में नतीजा सुधारने के लिए कर सकता है। हर चक्र की डेट शीट बोर्ड cbse.gov.in पर डालता है, इसलिए ट्यूशन का कैलेंडर बनाने से पहले उसी साल का कार्यक्रम देख लीजिए।

  • GSEB कक्षा 10 को SSC और कक्षा 12 को HSC के रूप में लेता है
  • गुजरात बोर्ड की परीक्षा गुजराती, अंग्रेज़ी और हिंदी माध्यम में होती है
  • कक्षा 1 से 8 तक गुजराती हर बोर्ड में अतिरिक्त भाषा है
  • CBSE कक्षा 10 की परीक्षा 2026 से दो बार, फ़रवरी और फिर मई में

राज्य के 2026-27 के शैक्षणिक कैलेंडर में स्कूल का साल 8 जून 2026 को खुला और पहला सत्र 4 नवंबर तक चलता है। दीवाली अवकाश 5 से 25 नवंबर 2026 तक है, दूसरा सत्र 26 नवंबर से 2 मई 2027 तक चलता है, और उसके बाद 3 मई से 6 जून 2027 तक गर्मी की छुट्टियाँ। कक्षा 10 और कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाएँ 25 फ़रवरी से 17 मार्च 2027 के बीच पड़ती हैं, और पूरे सत्र में कैलेंडर 244 कार्यदिवस गिनता है।

ट्यूशन की योजना बनाते विद्यार्थी के लिए दीवाली का अवकाश साल का मोड़ है। बीच सत्र में मिले तीन हफ़्ते किसी एक विषय का पिछड़ा हिस्सा पूरा करने के लिए काफ़ी हैं, और उतने ही सितंबर में की गई पढ़ाई भुला देने के लिए भी। इसलिए बोर्ड वाले साल का असली बोझ दो हिस्सों में पड़ता है: जून से दीवाली तक, जब सिलेबस पहली बार पढ़ाया जाता है, और नवंबर के आख़िर से फ़रवरी की शुरुआत तक, जब बचे हुए अध्याय निपटते हैं और स्कूल अपने अभ्यास पर्चे लेते हैं।

  • स्कूल सत्र 2026-27: 8 जून 2026 से 2 मई 2027
  • दीवाली अवकाश: 5 से 25 नवंबर 2026
  • कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाएँ: 25 फ़रवरी से 17 मार्च 2027
  • गर्मी की छुट्टियाँ: 3 मई से 6 जून 2027

गुजरात में साइंस स्ट्रीम का विद्यार्थी कुछ ही हफ़्तों में कई पर्चे देता है। राज्य के इंजीनियरिंग और फ़ार्मेसी पाठ्यक्रमों में दाख़िले के लिए GUJCET गुजरात बोर्ड ही लेता है, कक्षा 12 के सिलेबस पर, बहुविकल्पीय पर्चे के रूप में जिसमें हर विषय के 40 सवाल होते हैं। ग्रुप A भौतिकी, रसायन और गणित लेता है, ग्रुप B भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान, और ग्रुप AB चारों। GUJCET 2026 बोर्ड परीक्षाएँ ख़त्म होने के थोड़े दिन बाद 29 मार्च 2026 को हुआ था।

JEE Main, NEET-UG और CUET-UG राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी लेती है और उनका कैलेंडर अलग चलता है, जिसमें JEE Main साल की शुरुआत में दो सत्रों में होता है। जो विद्यार्थी ये सब दे रहा है, उसके पास प्रवेश परीक्षाओं के लिए कोचिंग क्लास है और स्कूल का सिलेबस भी बाक़ी है। होम ट्यूशन आमतौर पर इन्हीं दोनों के बीच की जगह के लिए लिया जाता है: वह अध्याय जिसे कोचिंग दौड़ाकर निकल गई, या बोर्ड जैसा लंबा उत्तर जिसका अभ्यास MCQ से कभी नहीं होता।

  • GUJCET गुजरात बोर्ड कक्षा 12 साइंस के सिलेबस पर लेता है
  • भौतिकी और रसायन एक सत्र में; गणित और जीव विज्ञान अलग पर्चे
  • JEE Main, NEET-UG और CUET-UG राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी लेती है

शहर के कॉलेज ज़्यादातर पश्चिमी किनारे पर पास-पास बसे हैं। गुजरात यूनिवर्सिटी नवरंगपुरा में है और अहमदाबाद के अधिकांश कॉलेज उसी से संबद्ध हैं। एलडी इंजीनियरिंग कॉलेज यूनिवर्सिटी के सामने है, भारतीय प्रबंध संस्थान अहमदाबाद का परिसर वस्त्रापुर में, गुजरात टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी गांधीनगर हाईवे पर चांदखेड़ा में, और बीजे मेडिकल कॉलेज असारवा के सिविल अस्पताल परिसर के भीतर। इन सबके चलते शहर में विद्यार्थियों और नए स्नातकों की आबादी बनी रहती है, और निजी ट्यूटर वहीं से आते हैं।

कौन निजी तौर पर पढ़ा सकता है, यह क़ानून तय करता है। निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 28 स्कूल में कार्यरत शिक्षक को निजी ट्यूशन देने से रोकती है, इसलिए यहाँ होम ट्यूटर कॉलेज विद्यार्थी, स्नातक, सेवानिवृत्त शिक्षक और स्कूल व्यवस्था के बाहर पढ़ाने वाले लोग होते हैं। ट्यूटर माँगते समय यह बताइए कि माध्यम कौन सा चाहिए और घर में कौन सी भाषा बोली जाती है। ये दो जवाब विषय के नाम से ज़्यादा खोज को साफ़ करते हैं।

  • नवरंगपुरा में गुजरात यूनिवर्सिटी, सामने एलडी इंजीनियरिंग कॉलेज
  • कार्यरत स्कूल शिक्षक निजी ट्यूशन नहीं दे सकते (RTE अधिनियम, 2009, धारा 28)
  • ट्यूटर किसी भी चरण पर Edutara को कुछ नहीं देते

साबरमती अहमदाबाद को पूर्वी और पश्चिमी शहर में बाँटती है, जिन्हें पुल जोड़ते हैं। पूर्वी किनारे पर कोट वाला पुराना शहर है और नरोडा, ओढव तथा वटवा की औद्योगिक पट्टियाँ। पश्चिमी किनारा 1875 में एलिस ब्रिज खुलने के बाद बढ़ा और आज बोडकदेव, थलतेज और बोपल तक फैला है। नगर निगम इस पूरे हिस्से को सात ज़ोन और 48 वार्ड के ज़रिए चलाता है, और जनगणना 2011 के अनुसार शहर की आबादी क़रीब 55 लाख थी।

आना-जाना ही तय करता है कि कोई विद्यार्थी हफ़्ते दर हफ़्ते क्या निभा पाएगा। मेट्रो की ब्लू लाइन पूरब में वस्त्राल गाम से पश्चिम में थलतेज गाम तक जाती है, रेड लाइन APMC से मोटेरा स्टेडियम तक, और बीच के गलियारे BRTS बसें सँभालती हैं, फिर भी शाम सात बजे ट्यूटर का अच्छा-ख़ासा समय सड़क पर जाता है। इससे दो बातें निकलती हैं। कामकाजी शामों की क्लास के लिए नदी के अपने ही किनारे का ट्यूटर माँगिए, और जिन विषयों को विद्यार्थी स्क्रीन पर आराम से समझ ले, उनके लिए ऑनलाइन क्लास पर विचार कीजिए।

  • मेट्रो ब्लू लाइन: वस्त्राल गाम से थलतेज गाम
  • मेट्रो रेड लाइन: APMC से मोटेरा स्टेडियम
  • दोनों किनारों को मिलाकर सात नगर ज़ोन और 48 वार्ड

अहमदाबाद दशकों से उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश से मज़दूर खींचता रहा है, और नरोडा, ओढव तथा वटवा की औद्योगिक पट्टियाँ ही वे जगहें हैं जहाँ ऐसे बहुत से कामगार रहते हैं। इन घरों के विद्यार्थी ऐसे स्कूलों में पढ़ते हैं जहाँ नोटिस बोर्ड गुजराती में है और बोर्ड का पर्चा गुजराती, हिंदी या अंग्रेज़ी में हो सकता है, जबकि घर की मेज़ पर होमवर्क हिंदी में होता है। गुजरात बोर्ड का हिंदी माध्यम इसी आबादी के लिए है, और कक्षा 10 में उसका उत्तीर्ण प्रतिशत बाक़ी दोनों माध्यमों से पीछे रहता है।

ऐसे विद्यार्थी के लिए सबसे काम का ट्यूटर वह है जो हिंदी और किताब की भाषा के बीच आसानी से आ-जा सके; विषय की मज़बूती उसके बाद आती है। जब आप हमें हिंदी में लिखें तो यह बताइए कि विद्यार्थी किस भाषा में सोचता है और परीक्षा किस भाषा में लिखी जाएगी। ये दोनों अक्सर अलग होती हैं, और ट्यूटर का असली काम वहीं से शुरू होता है।

  • Edutara के पन्ने अंग्रेज़ी और हिंदी, दोनों में लिखे जाते हैं
  • गुजरात बोर्ड कक्षा 10 की परीक्षा हिंदी माध्यम में भी लेता है

गुजरात दो योजनाएँ चलाता है जो ठीक उन्हीं वर्षों को छूती हैं जब विद्यार्थी ट्यूशन के बारे में सोचना शुरू करते हैं। नमो लक्ष्मी योजना कक्षा 9 से 12 की छात्राओं को हर महीने सहायता राशि देती है, बशर्ते परिवार की आय योजना की तय सीमा से कम हो। नमो सरस्वती विज्ञान साधना योजना उन विद्यार्थियों के लिए है जो कक्षा 10 पास करने के बाद कक्षा 11 और 12 में साइंस स्ट्रीम लेते हैं, इसमें भी आय की सीमा और अंकों की शर्त है। दोनों 2024 में राज्य सरकार ने शुरू कीं और स्कूलों के ज़रिए चलती हैं, इसलिए पात्रता और उपस्थिति की शर्तें स्कूल कार्यालय से पूछना सबसे सीधा रास्ता है।

इनमें से कोई योजना निजी ट्यूशन का ख़र्च नहीं उठाती, और Edutara का इनसे कोई संबंध नहीं है। ट्यूशन के फ़ैसले में ये इसलिए मायने रखती हैं कि पूर्वी और उत्तरी वार्डों के विद्यार्थी आगे की योजना किस हद तक बना सकते हैं, यह इनसे बदलता है, और ये ठीक उन्हीं दो वर्षों में आती हैं जब कोई एक कमज़ोर विषय तय कर देता है कि विद्यार्थी कौन सी स्ट्रीम ले पाएगा।

  • नमो लक्ष्मी योजना: कक्षा 9 से 12 की छात्राएँ
  • नमो सरस्वती विज्ञान साधना योजना: साइंस स्ट्रीम, कक्षा 11 और 12

दूसरे शहरों में होम ट्यूशन

इन शहरों में भी Edutara ट्यूटर खोजता है।

अहमदाबाद में होम ट्यूटर के लिए कहिए

क्लास, बोर्ड, माध्यम और अपना इलाक़ा बता दीजिए, खोज वहीं से शुरू होगी।