उसी कॉरिडोर पर क्लास जिस पर आप चलते हैं
आप खुद बता देते हैं कि कहाँ तक जा सकते हैं, Western लाइन पर बोरीवली से अंधेरी या Central पर घाटकोपर से मुलुंड। सफ़र उसी घंटे के भीतर रह जाता है जो वैसे भी लोकल में बीतता।
मुंबई एक साथ पाँच सिस्टम में पढ़ता है: महाराष्ट्र का SSC और HSC बोर्ड, CBSE, ICSE और ISC, Cambridge IGCSE और IB Diploma। इनमें से कोई एक आपको अच्छी तरह आता है, तो उसे आप अपने ही इलाक़े में विद्यार्थी के घर जाकर पढ़ा सकते हैं, या जहाँ बैठे हैं वहीं से ऑनलाइन।
मुंबई में ट्यूटर जॉब का मतलब है वन-टू-वन पढ़ाना: एक विद्यार्थी, एक विषय, उसके घर पर या ऑनलाइन। Edutara परिवार से पूछता है कि ज़रूरत क्या है, बच्चा कौन-सा बोर्ड पढ़ता है और शहर के किस हिस्से में रहता है, फिर ठीक वही पढ़ाने वाला ट्यूटर खोजता है। पहली क्लास ट्रायल क्लास होती है। ट्यूशन की फ़ीस आप और विद्यार्थी आपस में तय करते हैं और वह सीधे आपको मिलती है। जुड़ने में आपका कोई खर्च कहीं नहीं होता।
वही विषय चुनिए जिन्हें आप परीक्षा के पेपर तक ले जा सकें। इस शहर में बोर्ड उतना ही मायने रखता है जितना विषय, क्योंकि दादर के SSC स्कूल की कक्षा 10 और बांद्रा के ICSE स्कूल की कक्षा 10 दो अलग किताबें हैं।
SSC बोर्ड कक्षा 10 के गणित को दो पेपर में बाँटता है, Algebra और Geometry। CBSE और ICSE में यह एक ही रहता है, इसलिए अपना बोर्ड साफ़ बताइए।
SSC के लिए Science and Technology Part 1 और Part 2, और CBSE तथा ICSE का एक ही विज्ञान पाठ्यक्रम, फ़िज़िक्स से बायोलॉजी तक।
HSC साइंस, CBSE और ISC। मुंबई का साइंस विद्यार्थी इन्हीं दो विषयों के सहारे MHT CET, JEE Main और NEET-UG तीनों में उतरता है।
HSC का Mathematics and Statistics, CBSE और ISC का गणित, साइंस वालों के लिए भी और उन कॉमर्स विद्यार्थियों के लिए भी जो गणित रखते हैं।
HSC का कॉमर्स ग्रुप, CBSE और ISC की Accountancy, और साथ चलने वाला Organisation of Commerce and Management का पेपर।
पढ़ना, ग्रामर और उत्तर लिखने का वह ढंग जिस पर SSC, CBSE और ICSE के अंग्रेज़ी पेपर कक्षा 10 और कक्षा 12 में नंबर देते हैं।
दूसरी और तीसरी भाषा के पेपर, और उन बच्चों की मदद जिनका स्कूल महानगरपालिका के आठ माध्यमों में से किसी एक में पढ़ाता है।
यहाँ जूनियर कॉलेज का विद्यार्थी अक्सर राज्य का CET और एक राष्ट्रीय पेपर, दोनों साथ खुले रखता है, इसलिए दोनों सिलेबस एक ही साल में चलते हैं।
छोटे बच्चों के लिए पढ़ना, गिनती और लिखावट, घर पर, जहाँ माता-पिता बगल के कमरे से क्लास सुन सकते हैं।
कॉलेज के विद्यार्थी, घर सँभालने वाली महिलाएँ और मुंबई के दफ़्तरों में काम करने वाले वयस्क, IELTS Academic और General Training तक।
HSC का Information Technology, CBSE का कंप्यूटर साइंस, और कोडिंग की वे बुनियादी बातें जो अब स्कूल प्रोजेक्ट में माँगी जाती हैं।
शहर उत्तर से दक्षिण तक Western, Central और Harbour लोकल लाइनों के सहारे फैला है, और शाम की क्लास तभी टिकती है जब वह उसी लाइन पर हो जिस पर आप वैसे भी चलते हैं। वही पट्टी चुनिए जहाँ पहुँचकर उसी शाम लौट भी सकें।
कोलाबा, चर्चगेट, मरीन लाइन्स, गिरगांव, मालाबार हिल, ग्रांट रोड, बैलार्ड एस्टेट
भायखला, लालबाग, शिवड़ी, वरली, लोअर परेल, प्रभादेवी
माहिम, माटुंगा, सायन, वडाला, धारावी
बांद्रा पश्चिम, बांद्रा पूर्व, खार, सांताक्रूज़, विले पार्ले, बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स
अंधेरी पश्चिम, अंधेरी पूर्व, जोगेश्वरी, ओशिवरा, मरोल, वर्सोवा
गोरेगांव पूर्व, गोरेगांव पश्चिम, मलाड पूर्व, मलाड पश्चिम, दिंडोशी
बोरीवली पूर्व, कांदिवली, चारकोप, दहिसर, गोराई
विक्रोली, कांजुरमार्ग, पवई, भांडुप, मुलुंड
कुर्ला, साकीनाका, चांदिवली, गोवंडी, देवनार, मानखुर्द
यहाँ के विद्यार्थी जिन स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ते हैं, और शहर की शिक्षा से जुड़े तथ्य, हर एक के साथ उसका स्रोत।
ICSE, ISC, IGCSE और IB Diploma स्कूल
ICSE स्कूल
IGCSE और IB Diploma स्कूल
CBSE स्कूल
राज्य विश्वविद्यालय
राष्ट्रीय महत्व का संस्थान
डीम्ड विश्वविद्यालय
स्वायत्त इंजीनियरिंग संस्थान
डीम्ड विश्वविद्यालय
स्वायत्त कॉलेज
मुंबई विश्वविद्यालय से संबद्ध स्वायत्त कॉलेज
स्वायत्त इंजीनियरिंग कॉलेज
बृहन्मुंबई महानगरपालिका 1,135 स्कूल चलाती है और लगभग 2.93 लाख बच्चों को मुफ़्त पढ़ाती है, आठ माध्यमों में: मराठी, हिंदी, अंग्रेज़ी, उर्दू, गुजराती, कन्नड़, तेलुगु और तमिल।
स्रोत: शिक्षा विभाग, बृहन्मुंबई महानगरपालिका, 2026 में देखा गया
जनगणना 2011 में मुंबई उपनगर ज़िले की साक्षरता 89.91 प्रतिशत दर्ज हुई और मुंबई शहर ज़िले की 89.21 प्रतिशत।
मई 2026 की SSC परीक्षा में मुंबई मंडल के 92.84 प्रतिशत परीक्षार्थी पास हुए, जबकि पूरे महाराष्ट्र का आँकड़ा 92.09 प्रतिशत रहा।
स्रोत: MSBSHSE SSC परिणाम 2026, The Free Press Journal की रिपोर्ट
2026 की HSC परीक्षा में मुंबई मंडल से 3,23,501 परीक्षार्थी बैठे और उनमें से 2,91,415 पास हुए, यानी 90.08 प्रतिशत।
स्रोत: MSBSHSE HSC परिणाम 2026, The Free Press Journal की रिपोर्ट
सत्र 2026-27 से महाराष्ट्र में कक्षा 11 का दाख़िला पूरे राज्य में एक ही ऑनलाइन प्रक्रिया से होता है, जो SSC के अंकों पर तय होती है और जिसमें Arts, Commerce तथा Science तीनों धाराओं के लिए एक ही फ़ॉर्म भरा जाता है।
स्रोत: महाराष्ट्र FYJC प्रवेश 2026, The Free Press Journal की रिपोर्ट
महाराष्ट्र बोर्ड ने 2027 के HSC लिखित पेपर 8 फ़रवरी से 16 मार्च और SSC पेपर 15 फ़रवरी से 11 मार्च के बीच रखे हैं, प्रैक्टिकल और मौखिक उससे पहले के हफ़्तों में।
स्रोत: MSBSHSE 2027 परीक्षा कार्यक्रम, Business Standard की रिपोर्ट, सितंबर 2026
किसी काग़ज़ से कोई ट्यूटर नहीं बनता। बात इतनी है कि सामने रखा सिलेबस आपको आता हो, और परिवार आपके भरोसे अपनी शाम बाँध सके।
किसी बात पर मन में शंका हो, तब भी आवेदन कर दीजिए। किसी विद्यार्थी से जोड़ने से पहले हम आपका आवेदन पढ़ेंगे।
काम आपकी अपनी दिनचर्या के इर्द-गिर्द बैठता है, और यह शहर खुद काफ़ी कुछ तय कर देता है कि ट्यूशन की शाम चलेगी कैसे।
आप खुद बता देते हैं कि कहाँ तक जा सकते हैं, Western लाइन पर बोरीवली से अंधेरी या Central पर घाटकोपर से मुलुंड। सफ़र उसी घंटे के भीतर रह जाता है जो वैसे भी लोकल में बीतता।
बगल की इमारत का विद्यार्थी हो या किसी दूसरे राज्य का, आप जहाँ बैठे हैं वहीं से पढ़ा सकते हैं। मुंबई के ट्यूटर के लिए यह घर जाकर पढ़ाने का सबसे भारी खर्च हटा देता है, यानी रास्ता।
कक्षा 10 के अटके हुए विद्यार्थी को ज्यामिति का सवाल समझाना उस पेपर को हल कर लेने से ज़्यादा सिखाता है। साल भर ऐसा करने का असर आपकी अपनी परीक्षाओं में दिखता है।
यहाँ घर की क्लास ज़्यादातर दफ़्तर के बाद या रविवार सुबह बैठती है, इसीलिए यह काम कॉलेज की टाइमटेबल या पूरे हफ़्ते की नौकरी के साथ-साथ चल जाता है।
मुंबई में SSC और HSC, CBSE, ICSE और ISC, Cambridge IGCSE और IB Diploma कभी-कभी एक ही सड़क पर चलते हैं। जिस बोर्ड पर आपकी पकड़ है, उसी पर टिके रहने से हर क्लास में ज़मीन मज़बूत रहती है।
अकेले महानगरपालिका के स्कूल आठ माध्यमों में पढ़ाते हैं, और मुंबई के बहुत-से घरों में एक ही वाक्य में मराठी, हिंदी, गुजराती और उर्दू चलती है। परिवार की भाषा में समझा देना असली काम है।
चार कदम, और इनमें खर्च उन कुछ मिनटों भर का है जो फ़ॉर्म भरने में लगते हैं।
बता दीजिए कि आप कौन-से विषय, कौन-सी कक्षाएँ और कौन-से बोर्ड पढ़ा सकते हैं, और मुंबई का कौन-सा हिस्सा आपकी पहुँच में है। आवेदन मुफ़्त है और आगे भी मुफ़्त रहता है।
आपका आवेदन हम तक पहुँचता है और जवाब में एक ईमेल आता है जिसमें आगे की बात लिखी होती है। उस ईमेल से पहले आपसे कुछ भी नहीं माँगा जाता।
एक इंसान आपका आवेदन पढ़ता है और देखता है कि कौन-से विषय, कौन-सी कक्षाएँ और शहर का कौन-सा हिस्सा आप सँभाल सकते हैं।
जब किसी विद्यार्थी को वही चाहिए जो आप पढ़ाते हैं, Edutara आप दोनों को मिलवा देता है। पहली क्लास ट्रायल क्लास होती है, और उसके बाद की क्लासों की फ़ीस आप और विद्यार्थी आपस में तय करते हैं, जो सीधे आपको मिलती है।
मुंबई से आवेदन करने वाले अक्सर फ़ॉर्म भरने से पहले ये बातें साफ़ करना चाहते हैं।
अभी आवेदन करेंहाँ। माटुंगा या पवई के कैंपस का दूसरे साल का विद्यार्थी कक्षा 10 के अध्याय अक्सर उस व्यक्ति से ज़्यादा साफ़ याद रखता है जिसने उन्हें बरसों पहले छोड़ दिया था। जिन विषयों पर भरोसा है, जो कक्षाएँ आप ले सकते हैं और जो समय आपके पास खाली है, वही लिख दीजिए। घंटे आप खुद तय करते हैं, इसलिए क्लास लेक्चर के बाद या रविवार सुबह रखी जा सकती है।
जो इस समय किसी स्कूल में नौकरी कर रहे हैं, वे नहीं ले सकते। निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की **धारा 28** सेवारत स्कूल शिक्षक को प्राइवेट ट्यूशन से रोकती है, और Edutara उसी का पालन करता है। सेवानिवृत्त शिक्षक, कोचिंग क्लास या कॉलेज में पढ़ाने वाले लोग, और स्कूल व्यवस्था से बाहर के लोग आवेदन कर सकते हैं।
उतनी ही दूर जितनी पर आप राज़ी हों। आप खुद बताते हैं कि कहाँ तक सँभाल सकते हैं, तो जो ट्यूटर कहता है Western लाइन पर अंधेरी से बोरीवली, उसे उसी पट्टी की क्लास के बारे में बताया जाता है। कार्यदिवस की शाम में पूरा शहर पार करना ही वह चीज़ है जिससे ट्यूशन टूट जाता है, इसलिए फ़ॉर्म भरते समय नक़्शे पर अपने साथ सख़्ती बरतिए।
फ़ीस क्लास शुरू होने से पहले आप और विद्यार्थी आपस में तय करते हैं, और वह आमतौर पर कक्षा, विषय और आपकी दूरी पर निर्भर करती है। Edutara उसमें से कुछ लेता नहीं और उसे इकट्ठा भी नहीं करता। परिवार Edutara को जो देता है, वह अलग बात है और आपकी फ़ीस से उसका कोई लेना-देना नहीं।
जी नहीं। परिवार सबसे पहले यही देखता है कि सिलेबस आपको आता है या नहीं, और जिसे अभी समझ नहीं आ रहा उसे आप समझा पाते हैं या नहीं। अगर आपने अपने छोटे भाई या बहन को बोर्ड परीक्षा तक पहुँचाया है, तो काम का बड़ा हिस्सा आप पहले ही जानते हैं।
हाँ। फ़ॉर्म में यह लिख दीजिए, तो Edutara आपको मिलाते समय इसे ध्यान में रखता है। ऑनलाइन क्लास में सफ़र पूरी तरह हट जाता है, इसलिए यह उन लोगों के लिए सुविधाजनक रहता है जो दिन भर काम करते हैं और देर शाम ही पढ़ा सकते हैं, या जो शहर के एक छोर पर रहते हैं और पढ़ाई दूसरे छोर पर करते हैं।
वही जिनकी किताब आप कल ही खोलकर पढ़ा सकें। SSC कक्षा 10 के गणित को Algebra और Geometry दो पेपर में बाँटता है जबकि CBSE उसे एक ही रखता है, ICSE लंबे लिखित उत्तर माँगता है, और IGCSE तथा IB Diploma की अपनी मूल्यांकन पद्धति है। जो बोर्ड आपने कभी पढ़ाया न हो, वह पहली क्लास में ही पकड़ में आ जाता है, इसलिए उतना ही दावा कीजिए जितना निभा सकें।
यह पेज उनके लिए है जो पढ़ाना चाहते हैं। अगर आप मुंबई में अपने लिए या अपने बच्चे के लिए ट्यूटर खोज रहे हैं, तो Edutara ऐसा ट्यूटर खोज सकता है जो ठीक वही पढ़ाए जिसकी आपको ज़रूरत है।
अपने विषय, अपने बोर्ड और शहर का वह हिस्सा बता दीजिए जहाँ आप पहुँच सकते हैं। इसमें कुछ ही मिनट लगते हैं और कोई खर्च नहीं होता।
आपका आवेदन पहुँचते ही अगले कदमों की जानकारी ईमेल पर आ जाती है।